BPSC TGT Hindi Syllabus खोज रहे हैं, तो सबसे पहले एक सच जान लीजिए: बिहार लोक सेवा आयोग ने TRE 4.0 के विज्ञापन में हिंदी का कोई लंबा, अध्याय-वार सिलेबस नहीं दिया है। आयोग ने सिर्फ़ यह तय किया है कि प्रश्न किस स्तर के होंगे और किस पाठ्यक्रम से जुड़े होंगे। इसी वजह से इंटरनेट पर अलग-अलग जगह अलग-अलग “सिलेबस” घूम रहे हैं। इस लेख में आपको बिहार TRE 4 हिंदी सिलेबस (कक्षा 9–10) बिल्कुल वैसा मिलेगा जैसा विज्ञापन संख्या 15/2026 में छपा है। साथ में BPSC की अपनी वेबसाइट पर डाली गई TRE 3.0 की असली प्रश्न-पुस्तिका के 80 हिंदी प्रश्नों का विषयवार विश्लेषण भी है, ताकि आपको साफ़ पता चले कि पढ़ना क्या है।
माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9–10) में हिंदी के 361 पद हैं और मूल वेतन ₹31,000 प्रतिमाह है। अगर आप Hinglish में “BPSC TGT Hindi syllabus kya hai” या “Bihar TRE 4 Hindi syllabus class 9-10” खोज रहे थे, तो परीक्षा पैटर्न, निगेटिव मार्किंग, योग्यता, तैयारी योजना और अभ्यास प्रश्न सहित पूरी जानकारी यहीं है।
BPSC TGT Hindi 2026: एक नज़र में (Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भर्ती संस्था | बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), पटना |
| भर्ती का नाम | चतुर्थ चरण विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE 4.0), शिक्षा विभाग, बिहार |
| विज्ञापन संख्या | 15/2026 (दिनांक 22.09.2026) |
| पद | विद्यालय अध्यापक, माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9–10) – हिंदी |
| कुल पद (सभी कक्षाएँ, सभी विषय) | 33,320 (मूल 32,388 + शुद्धि-पत्र से जुड़े 932) |
| हिंदी (कक्षा 9–10) के पद | 361 (इनमें 105 महिलाओं के लिए) |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 03.11.2026 (बढ़ाई गई तिथि); शुल्क भुगतान 02.11.2026 तक |
| लिखित परीक्षा | तिथि अभी घोषित नहीं |
| परीक्षा | एक पत्र, 150 प्रश्न, 150 अंक, 2 घंटे 30 मिनट |
| निगेटिव मार्किंग | हाँ, हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटेगा |
| साक्षात्कार | नहीं; चयन केवल लिखित परीक्षा से |
| वेतन | मूल वेतन ₹31,000 प्रतिमाह + राज्य सरकार के भत्ते |

BPSC TGT Hindi Syllabus: विज्ञापन में आयोग ने क्या लिखा है?
विज्ञापन 15/2026 के बिंदु 4 (चयन प्रक्रिया) में कक्षा 9–10 के लिए परीक्षा संरचना और पाठ्यक्रम एक ही तालिका में दिया गया है। हिंदी विषय से जुड़ी आधिकारिक पंक्तियाँ ये हैं:
सरल शब्दों में: बीपीएससी टीजीटी हिंदी पाठ्यक्रम की जड़ कक्षा 9–10 की हिंदी पाठ्यपुस्तकें और व्याकरण हैं, लेकिन प्रश्नों का स्तर स्नातक (हिंदी प्रतिष्ठा/अनुषंगिक) जैसा होगा। यानी साहित्य का इतिहास, काव्यशास्त्र और रचनाकार-रचनाएँ भी उतनी ही ज़रूरी हैं जितना व्याकरण।

BPSC TRE 4 Hindi Exam Pattern: कक्षा 9–10 (TGT)
विज्ञापन की तालिका के अनुसार बिहार TRE 4 हिंदी परीक्षा पैटर्न इस प्रकार है:
| भाग | विषय | प्रश्न / अंक |
|---|---|---|
| भाग–I | भाषा (अर्हता): अंग्रेज़ी + हिंदी/उर्दू/बांग्ला | 30 |
| भाग–II | सामान्य अध्ययन | 40 |
| भाग–III | विषय पत्र: हिंदी | 80 |
| कुल (समय: 2 घंटे 30 मिनट) | 150 | |
- परीक्षा वस्तुनिष्ठ (MCQ) होगी और हर प्रश्न का 1 अंक है।
- हर प्रश्न में पाँच विकल्प (A, B, C, D, E) होंगे। सही उत्तर A से D में से चुनना है। प्रश्न का उत्तर नहीं देना हो, तो विकल्प E भरना अनिवार्य है।
- हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटेगा। अगर किसी प्रश्न में पाँचों में से कोई भी गोला नहीं भरा, तो उस पर भी 1/3 अंक कटेगा।
- भाग–I (भाषा) केवल अर्हक (Qualifying) है। इसमें कम से कम 30% अंक ज़रूरी हैं।
- मेधा सूची भाग–II और भाग–III के कुल अंकों से बनेगी। कुल अंक बराबर होने पर पहले भाग–III (हिंदी) के अंक देखे जाएँगे, फिर भाग–I के, फिर आयु। यानी हिंदी के 80 प्रश्न ही असली निर्णायक हैं।
- न्यूनतम अर्हतांक: सामान्य वर्ग 40%, पिछड़ा वर्ग 36.5%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग 34%, और अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला व दिव्यांग 32%।
- इस भर्ती में साक्षात्कार नहीं होगा और पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान भी नहीं है।
TRE 3.0 का असली प्रश्न-पत्र: हिंदी के 80 प्रश्न किस भाग से आए?
जब आयोग विस्तृत सूची नहीं देता, तो सबसे भरोसेमंद सिलेबस पिछला प्रश्न-पत्र होता है। BPSC ने अपनी वेबसाइट के “Question Booklets” भाग में TRE 3.0 की प्रश्न-पुस्तिकाएँ डाली हैं। हमने कक्षा 9–10 की 21 जुलाई 2024 की परीक्षा वाली “Language, General Studies and Hindi” पुस्तिका के भाग–III (प्रश्न 71 से 150) को गिनकर यह तालिका बनाई है:
| भाग | प्रश्न संख्या | प्रश्न | हिस्सा |
|---|---|---|---|
| अपठित गद्यांश (5 गद्यांश × 5 प्रश्न) | 86–110 | 25 | 31% |
| हिंदी व्याकरण | 111–132 | 22 | 28% |
| काव्यशास्त्र (शब्दशक्ति, अलंकार, छंद, काव्यगुण, रस) | 133–150 | 18 | 22% |
| हिंदी साहित्य का इतिहास, कवि और रचनाएँ | 71–85 | 15 | 19% |
| कुल | 80 | 100% | |
इस विश्लेषण से तीन बातें साफ़ होती हैं:
- अपठित गद्यांश सबसे बड़ा भाग है। एक चौथाई से ज़्यादा अंक सिर्फ़ ध्यान से पढ़ने की क्षमता पर टिके हैं, और यहीं सबसे आसानी से अंक बढ़ते हैं।
- व्याकरण और काव्यशास्त्र मिलकर लगभग आधा पत्र हैं। इन दोनों में तथ्य तय रहते हैं, इसलिए अभ्यास से पूरे अंक लिए जा सकते हैं।
- साहित्य के इतिहास से सीधे, तथ्यात्मक प्रश्न आते हैं। जैसे किसी काल का नामकरण किसने किया, कोई कवि किस काल का नहीं है, कोई पंक्ति किसकी है, या कोई रचना किस विधा की है।
यह एक पाली का विश्लेषण है, इसलिए TRE 4.0 में संख्या थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है। फिर भी इन चार भागों को मिलाकर पढ़ने से पूरा पत्र कवर हो जाता है।
BPSC TGT Hindi Syllabus in Hindi: भागवार विस्तृत पाठ्यक्रम
नीचे बीपीएससी टीजीटी हिंदी सिलेबस उन्हीं चार भागों में खोला गया है जिनसे पिछली बार प्रश्न आए थे। हर भाग में यह भी बताया है कि TRE 3.0 में वहाँ से किस तरह के प्रश्न पूछे गए।
1. अपठित गद्यांश: 25 अंक का सबसे आसान भाग
पिछली बार पाँच गद्यांश आए थे और हर गद्यांश पर पाँच प्रश्न थे। विषय सरल और नैतिक थे, जैसे मानव जीवन की श्रेष्ठता, प्रकृति, गुरु-शिष्य संबंध और आत्मविश्वास। प्रश्नों के प्रकार ये थे:
- गद्यांश के किसी वाक्य का सीधा अर्थ, या “किसकी चर्चा की गई है”
- किसी मुहावरेदार पंक्ति का भाव, जैसे “पत्थर से शिव बनना” का अर्थ
- गद्यांश का उचित शीर्षक या मुख्य भाव
- गद्यांश में आए किसी शब्द का पर्यायवाची या विलोम
रणनीति: पहले प्रश्न पढ़ें, फिर गद्यांश। उत्तर हमेशा गद्यांश में लिखी बात से दें, अपनी राय से नहीं। रोज़ 2–3 गद्यांश समय लेकर हल करें।
2. हिंदी व्याकरण: 22 प्रश्न
पिछली बार व्याकरण के प्रश्न इन उप-विषयों से आए थे। हर विषय के लिए हमारे विस्तृत लेख भी जोड़े गए हैं:
- संधि: स्वर संधि वाले शब्द की पहचान, विसर्ग संधि और संधि-विच्छेद। देखें: संधि के नियम और उदाहरण और विसर्ग संधि।
- समास: समास के भेदों की संख्या, कर्मधारय और बहुव्रीहि की पहचान।
- पारिभाषिक शब्द: Subject, Verb जैसे शब्दों के हिंदी पारिभाषिक रूप।
- पद-परिचय: वाक्य में क्रिया, क्रिया-विशेषण और विशेषण की पहचान।
- कारक: वाक्य में “पर” जैसे चिह्न किस कारक के हैं।
- मुहावरे और लोकोक्तियाँ: अर्थ पहचानना।
- शुद्ध वाक्य: दिए गए विकल्पों में शुद्ध वाक्य चुनना। देखें: वाक्य शुद्धि के नियम।
- पदबंध: संज्ञा पदबंध, विशेषण पदबंध और क्रिया-विशेषण पदबंध की पहचान।
- वाक्य और वाच्य: रचना के आधार पर वाक्य के भेद (सरल, संयुक्त, मिश्र) और कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य।
भाग–I (भाषा) में भी हिंदी व्याकरण के प्रश्न आते हैं, जैसे विलोम, पर्यायवाची शब्द, जातिवाचक संज्ञा, वर्ण-विच्छेद और उपसर्ग। इसलिए व्याकरण की तैयारी दोनों भागों में काम आती है। शुरुआत वर्ण विचार से करें।
3. काव्यशास्त्र: 18 प्रश्न
स्नातक स्तर का असर सबसे ज़्यादा इसी भाग में दिखता है। पिछली बार ये प्रश्न आए थे:
- शब्दशक्ति: किसी पद्यांश में अभिधा, लक्षणा या व्यंजना की पहचान। देखें: शब्द शक्ति।
- अलंकार (5 प्रश्न): पद्यांश में उत्प्रेक्षा, उपमा, रूपक, विरोधाभास की पहचान और अर्थालंकार की परिभाषा। देखें: अलंकार की परिभाषा।
- छंद (6 प्रश्न): छंद की परिभाषा, दोहे का मात्रा-विधान, इंद्रवज्रा के गण, और चौपाई, रोला, सोरठा, उपेंद्रवज्रा, मालिनी, वंशस्थ जैसे छंदों की पहचान। देखें: कवित्त छंद और कुंडलिया छंद।
- काव्यगुण (3 प्रश्न): भरतमुनि के अनुसार गुणों की संख्या, और पद्यांश में माधुर्य या ओज गुण की पहचान। देखें: काव्य गुण।
- रस (3 प्रश्न): करुण रस का स्थायी भाव, और पद्यांश में वात्सल्य या वीर रस की पहचान। देखें: स्थायी भाव, रस के अंग और वीर और रौद्र रस में अंतर।
रणनीति: यहाँ ज़्यादातर प्रश्न पद्यांश देकर पूछे जाते हैं। इसलिए हर अलंकार, छंद और रस के 4–5 प्रसिद्ध उदाहरण कंठस्थ करें, केवल परिभाषा रटना काफ़ी नहीं है।
4. हिंदी साहित्य का इतिहास, कवि और रचनाएँ: 15 प्रश्न
पिछली बार के प्रश्न आदिकाल से आधुनिक काल तक फैले थे: साहित्य के इतिहास के कालों की संख्या, कबीर का जन्म-वर्ष, विद्यापति की भाषा, सूरदास और कबीर/रहीम की पंक्तियाँ, रामचरितमानस के कांड, रीतिकाल के कवि, आधुनिक काल का आरंभ, द्विवेदी युग का नामकरण, राष्ट्रकवि, और प्रेमचंद व माखनलाल चतुर्वेदी की रचनाएँ। इसलिए पूरा इतिहास एक बार ढाँचे में पढ़ें:
- काल-विभाजन और नामकरण: हिंदी साहित्य के इतिहास का काल विभाजन और रीतिकाल का नामकरण।
- आदिकाल: रासो काव्य और विद्यापति। बिहार की परीक्षा में मैथिली कवि विद्यापति पर प्रश्न आना स्वाभाविक है।
- भक्तिकाल: कबीर, जायसी, कृष्ण भक्ति काव्य धारा और राम भक्ति काव्य धारा। तुलसीदास की रचनाएँ अलग से याद करें।
- रीतिकाल: रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध (बिहारी) और रीतिमुक्त कवि।
- आधुनिक काल: भारतेंदु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद और नयी कविता। मैथिलीशरण गुप्त और रामधारी सिंह दिनकर जैसे राष्ट्रीय कवि यहाँ खास हैं।
- गद्य: प्रेमचंद (गोदान, कफ़न), उपन्यास और कहानी की पहचान। देखें: उपन्यास के तत्त्व।
5. पाठ्यपुस्तकें: SCERT/NCERT वाला आधार
विज्ञापन में SCERT/NCERT का नाम है, इसलिए कक्षा 9–10 की हिंदी पाठ्यपुस्तकें एक बार ज़रूर पढ़ें। NCERT में ये क्षितिज, कृतिका, स्पर्श और संचयन हैं। इनके साथ बिहार SCERT की कक्षा 9–10 की हिंदी पुस्तकें भी देखें। इन किताबों के पाठ, उनके लेखक और कवि, और हर पाठ से जुड़े व्याकरण अभ्यास से भी प्रश्न बन सकते हैं।
भाग–I और भाग–II भी नज़रअंदाज़ न करें
भाग–I (भाषा) में 30% अंक न आए, तो हिंदी में अच्छे अंक होने पर भी आप बाहर हो जाएँगे। पिछली बार हिंदी भाषा वाले हिस्से में अपठित गद्यांश के साथ विलोम, समास, वर्ण-विच्छेद, संधि, शुद्ध वर्तनी, जातिवाचक संज्ञा, पर्यायवाची, विशेषण, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरा और उपसर्ग के प्रश्न थे। भाग–II के 40 प्रश्न मेरिट में जुड़ते हैं, इसलिए प्रारंभिक गणित, सामान्य विज्ञान, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और भूगोल की तैयारी SCERT की किताबों से करें।
BPSC TRE 4 Hindi Vacancy: हिंदी के पद, योग्यता, आयु और वेतन
विज्ञापन की सारणी (ग) के अनुसार कक्षा 9–10 हिंदी के 361 पद का वर्गवार विवरण (कोष्ठक में महिलाओं के लिए 35% क्षैतिज आरक्षण वाले पद):
| अनारक्षित | EWS | पिछड़ा वर्ग | अत्यंत पिछड़ा वर्ग | SC | ST | पिछड़े वर्ग की महिलाएँ | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 138 (49) | 22 (6) | 33 (10) | 33 (11) | 99 (27) | 13 (2) | 23 | 361 (105) |
पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, SC, ST और पिछड़े वर्ग की महिलाओं की संख्या में बैकलॉग पद भी शामिल हैं। दिव्यांगों के लिए 12 पद (दृष्टिबाधित 3, मूक-बधिर 2, अस्थि दिव्यांग 3, मनोविकार/बहुदिव्यांग 4), स्वतंत्रता सेनानी के पोता-पोती/नाती-नतिनी के लिए 4 पद, और ट्रांसजेंडर के लिए 1 पद अनुमान्य है।
शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यता (कक्षा 9–10, हिंदी):
- संबंधित विषय में कम से कम 50% अंकों के साथ स्नातक या स्नातकोत्तर, और NCTE से मान्य संस्थान से B.Ed. या 45% अंकों के साथ स्नातक/स्नातकोत्तर और NCTE विनियम 2002/2007 के अनुसार B.Ed., या NCTE से मान्य चार वर्षीय B.A.B.Ed.
- भाषा विषयों के लिए शर्त: हिंदी स्नातक स्तर पर प्रतिष्ठा (Hons.) या अनुषंगिक (Subsidiary) विषय के रूप में पढ़ी हो।
- STET Paper-I (माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण हो। STET 2026 में शामिल होने वाले भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन लिखित परीक्षा से पहले STET पास न होने पर एडमिट कार्ड जारी नहीं होगा।
आयु: न्यूनतम आयु 01.08.2026 को 21 वर्ष। अधिकतम आयु 01.08.2024 के आधार पर गिनी जाएगी: अनारक्षित पुरुष 37 वर्ष, पिछड़ा/अत्यंत पिछड़ा वर्ग (पुरुष-महिला) और अनारक्षित महिला 40 वर्ष, SC/ST और ट्रांसजेंडर 42 वर्ष।
वेतन: विद्यालय अध्यापक (अराजपत्रित), मूल वेतन ₹31,000 प्रतिमाह और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अन्य भत्ते।
BPSC TGT Hindi ki taiyari kaise kare: 8 सप्ताह की योजना
परीक्षा तिथि अभी घोषित नहीं हुई है, इसलिए यही समय है जब बिना हड़बड़ी के पूरा पत्र कवर किया जा सकता है। बिहार टीआरई 4 हिंदी की तैयारी इस क्रम में शुरू करें:
| सप्ताह | हिंदी (भाग–III) | साथ में |
|---|---|---|
| 1 | संधि, समास, कारक, पद-परिचय | रोज़ 2 अपठित गद्यांश |
| 2 | वाक्य-भेद, वाच्य, पदबंध, शुद्ध वाक्य, मुहावरे-लोकोक्तियाँ | GS: प्रारंभिक गणित |
| 3 | रस और अलंकार (उदाहरण सहित) | भाग–I: अंग्रेज़ी व्याकरण |
| 4 | छंद, काव्यगुण, शब्दशक्ति | GS: सामान्य विज्ञान |
| 5 | आदिकाल और भक्तिकाल | GS: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन |
| 6 | रीतिकाल और आधुनिक काल, गद्य विधाएँ | GS: भूगोल, सामान्य जागरूकता |
| 7 | कक्षा 9–10 की पाठ्यपुस्तकें: पाठ, लेखक, कवि | TRE 3.0 के प्रश्न-पत्र हल करें |
| 8 | पूरा रिवीज़न | रोज़ एक 150 प्रश्नों का मॉक टेस्ट (2 घंटे 30 मिनट) |
अगर आप उत्तर प्रदेश की भर्ती भी दे रहे हैं, तो UP TGT हिंदी सिलेबस के साथ तुलना करके देखें। दोनों में व्याकरण, काव्यशास्त्र और साहित्य का इतिहास साझा है, इसलिए एक ही तैयारी दोनों में काम आएगी। कक्षा 11–12 की तैयारी करने वाले हमारा BPSC PGT हिंदी सिलेबस वाला लेख देखें।
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- आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल और आधुनिक काल MCQ प्रश्नोत्तरी
- साहित्य शास्त्र नोट्स और भारतीय काव्यशास्त्र MCQ प्रैक्टिस सेट
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BPSC TGT Hindi अभ्यास प्रश्न (TRE 3.0 के पैटर्न पर)
पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर खोलकर मिलाएँ।
प्रश्न 1. जिस छंद के विषम चरणों में 11 और सम चरणों में 13 मात्राएँ होती हैं, वह है:
(A) दोहा (B) सोरठा (C) रोला (D) चौपाई
✅ उत्तर देखें
(B) सोरठा। सोरठा दोहे का उल्टा है। दोहे के विषम चरणों में 13 और सम चरणों में 11 मात्राएँ होती हैं। TRE 3.0 में दोहे के मात्रा-विधान पर सीधा प्रश्न आया था।
प्रश्न 2. “पीतांबर” (श्रीकृष्ण के अर्थ में) में कौन-सा समास है?
(A) कर्मधारय (B) द्विगु (C) बहुव्रीहि (D) तत्पुरुष
✅ उत्तर देखें
(C) बहुव्रीहि। “पीत है अंबर जिसका, अर्थात् श्रीकृष्ण”। जब समस्त पद किसी तीसरे अर्थ की ओर संकेत करे, तो बहुव्रीहि होता है। केवल “पीला वस्त्र” अर्थ लें, तो कर्मधारय होगा।
प्रश्न 3. वीभत्स रस का स्थायी भाव क्या है?
(A) भय (B) जुगुप्सा (C) क्रोध (D) निर्वेद
✅ उत्तर देखें
(B) जुगुप्सा। भय भयानक रस का, क्रोध रौद्र रस का और निर्वेद शांत रस का स्थायी भाव है।
प्रश्न 4. “भारत-भारती” के रचनाकार कौन हैं?
(A) रामधारी सिंह दिनकर (B) मैथिलीशरण गुप्त (C) माखनलाल चतुर्वेदी (D) सुभद्राकुमारी चौहान
✅ उत्तर देखें
(B) मैथिलीशरण गुप्त। वे द्विवेदी युग के प्रमुख कवि हैं और उन्हें राष्ट्रकवि कहा जाता है।
प्रश्न 5. “जगदीश” का सही संधि-विच्छेद है:
(A) जग + दीश (B) जगत् + ईश (C) जगद् + ईश (D) जग + ईश
✅ उत्तर देखें
(B) जगत् + ईश। यह व्यंजन संधि है: “त्” के बाद स्वर आने पर “त्” बदलकर “द्” हो जाता है।
प्रश्न 6. “मुझसे चला नहीं जाता।” इस वाक्य में कौन-सा वाच्य है?
(A) कर्तृवाच्य (B) कर्मवाच्य (C) भाववाच्य (D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर देखें
(C) भाववाच्य। यहाँ क्रिया अकर्मक है और वाक्य में भाव प्रधान है। TRE 3.0 में इसी तरह के वाक्य पर वाच्य पहचानने का प्रश्न आया था।
महत्त्वपूर्ण आधिकारिक लिंक
- विज्ञापन संख्या 15/2026 (TRE 4.0, पूरा विज्ञापन): यहाँ देखें
- आवेदन तिथि बढ़ाने की सूचना (26.10.2026): यहाँ देखें
- TRE 3.0 कक्षा 9–10 हिंदी प्रश्न-पुस्तिका: यहाँ देखें
- सभी प्रश्न-पुस्तिकाएँ: bpsc.bihar.gov.in (Teacher Recruitment Examinations चुनें)
निष्कर्ष
BPSC TGT Hindi Syllabus का आधिकारिक रूप छोटा है, लेकिन परीक्षा छोटी नहीं है। SCERT/NCERT आधार और स्नातक स्तर का मतलब है कि अपठित गद्यांश, व्याकरण, काव्यशास्त्र और साहित्य का इतिहास, चारों को साथ लेकर चलना होगा। TRE 3.0 के प्रश्न-पत्र ने साफ़ कर दिया है कि गद्यांश और व्याकरण से आधे से ज़्यादा अंक आते हैं, और 1/3 निगेटिव मार्किंग व विकल्प E का नियम हर अंक को कीमती बना देता है। जो अभ्यर्थी पिछले प्रश्न-पत्रों के पैटर्न पर अभ्यास करेगा, वही 361 पदों की दौड़ में आगे रहेगा।
BPSC TGT Hindi Syllabus: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
लेखक परिचय: केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)
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