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UP PGT Hindi Syllabus 2026: यूपी पीजीटी (प्रवक्ता) हिंदी नया सिलेबस, पैटर्न और PDF

UP PGT Hindi Syllabus 2026 – यूपी पीजीटी हिंदी नया सिलेबस, परीक्षा पैटर्न और साक्षात्कार

UP PGT Hindi Syllabus 2026 ढूँढ रहे हैं, तो एक बात सबसे पहले जान लीजिए: इस बार आयोग ने प्रवक्ता (PGT) हिंदी का पाठ्यक्रम पूरी तरह नए सिरे से लिखा है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज के विज्ञापन संख्या 06/2026 के तहत प्रवक्ता के 2,607 पद निकले हैं, जिनमें हिंदी के 374 पद हैं, जो सभी विषयों में सबसे अधिक हैं। लिखित परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को होनी है।

इंटरनेट पर ज़्यादातर जगह अभी भी पुराने बोर्ड वाला छोटा सिलेबस दिख रहा है। इस लेख में आपको यूपी पीजीटी हिंदी सिलेबस 2026 आयोग की आधिकारिक PDF के अनुसार मिलेगा। साथ में यह भी कि पुराने सिलेबस से क्या-क्या नया जुड़ा, नया परीक्षा पैटर्न, 40 अंकों का साक्षात्कार, हिंदी के पद, योग्यता, 6 सप्ताह की तैयारी योजना और अभ्यास प्रश्न। अगर आप Hinglish में “UP PGT Hindi syllabus kya hai” या “UP PGT Hindi new syllabus PDF” खोज रहे थे, तो सारी जानकारी यहीं है।

⚠️ सबसे बड़ा बदलाव: नए PGT हिंदी सिलेबस में पत्रकारिता, हिंदी साहित्य के इतिहास-लेखन की परंपरा, गीत-नवगीत, रिपोर्ताज, डायरी, इंटरव्यू, बाल-साहित्य, प्रसिद्ध काव्य-पंक्तियाँ और सूक्तियाँ जैसे विषय नए जुड़े हैं। संस्कृत में बाण, भरतमुनि और जयदेव नए नाम हैं। पुराना सिलेबस पढ़कर तैयारी करेंगे, तो ये हिस्से छूट जाएँगे।

UP PGT Hindi 2026: एक नज़र में (Highlights)

विवरण जानकारी
भर्ती संस्था उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज
पद प्रवक्ता (PGT) – हिंदी (विषय कोड 04)
विज्ञापन संख्या 06/2026 (प्रकाशन: 15.09.2026)
कुल पद (सभी विषय) 2,607 (बालक विद्यालय 2,329 + बालिका विद्यालय 278)
हिंदी के पद 374 (बालक 336 + बालिका 38)
आवेदन 18.09.2026 से 17.10.2026 तक (संशोधन 21.10.2026 तक) – आवेदन बंद
लिखित परीक्षा 15 व 16 दिसंबर 2026
चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा 360 अंक + साक्षात्कार 40 अंक = 400 अंक
निगेटिव मार्किंग हाँ, हर गलत या एक से अधिक उत्तर पर 1 अंक कटेगा
वेतनमान लेवल-8: ₹47,600 से ₹1,51,100
UGC NET/JRF हिंदी (पेपर 2) कंप्लीट कॉम्बो नोट्स
📚 पढ़ने के साथ तैयारी भी
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सभी 10 इकाइयाँ · PDF
नोट्स देखें →

UP PGT Hindi Syllabus 2026: आयोग का आधिकारिक पाठ्यक्रम

नीचे UPESSC PGT Hindi Syllabus उसी क्रम में दिया गया है, जैसा आयोग की PDF “हिन्दी – प्रवक्ता (माध्यमिक शिक्षा), विषय कोड-04” में छपा है। यह सिलेबस आयोग की वेबसाइट पर “आयोग द्वारा 2026 से आगामी परीक्षाओं हेतु प्रभावी पाठ्यक्रम” शीर्षक से है।

📜 हिन्दी – प्रवक्ता (PGT) – आधिकारिक पाठ्यक्रम

1. हिन्दी साहित्य का इतिहास: हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की परम्परा, हिन्दी साहित्य के इतिहास का काल-विभाजन। आदिकाल – नामकरण, प्रमुख प्रवृत्तियाँ। भक्तिकाल – सामान्य विशेषताएँ, भक्तिकाल की धाराएँ – ज्ञानाश्रयी काव्यधारा, प्रेमाश्रयी (सूफ़ी) काव्यधारा, कृष्णभक्ति काव्यधारा, रामभक्ति काव्यधारा – चारों काव्यधाराओं की प्रमुख प्रवृत्तियाँ। रीतिकाल – नामकरण, प्रमुख प्रवृत्तियाँ। आधुनिक काल – भारतेन्दु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नयी कविता, गीत, नवगीत। विभिन्न कालों के प्रमुख कवि एवं उनकी प्रमुख रचनाएँ। प्रसिद्ध काव्य-पंक्तियों एवं सूक्तियों के लेखकों, कवियों के नाम।

2. गद्य-साहित्य का उद्भव और विकास: निबन्ध, उपन्यास, कहानी, नाटक, आलोचना। गद्य की अन्य नवीन विधाएँ – जीवनी-साहित्य, आत्मकथा, संस्मरण, रेखाचित्र, रिपोर्ताज, यात्रा-साहित्य, डायरी-साहित्य, व्यंग्य, इण्टरव्यू, बाल-साहित्य। युगप्रवर्तक लेखकों के नाम तथा उनकी प्रमुख रचनाएँ।

3. पत्रकारिता: प्रमुख हिन्दी पत्र-पत्रिकाएँ, प्रकाशन-स्थान, प्रकाशन वर्ष तथा उनके प्रमुख सम्पादकों के नाम।

4. काव्यशास्त्र: भारतीय काव्यशास्त्र – काव्य-लक्षण, भेद। रस, छन्द, अलंकार, काव्यगुण, काव्यदोष, शब्दशक्तियाँ।

5. भाषाविज्ञान: हिन्दी की उपभाषाएँ, विभाषाएँ, बोलियाँ, हिन्दी की ध्वनियाँ, हिन्दी शब्द-सम्पदा।

6. हिन्दी-व्याकरण: सन्धि, समास, कारक, लिंग, वचन, काल, पर्यायवाची, विलोम शब्द, वर्तनी-सम्बन्धी अशुद्धिशोधन, वाक्य-सम्बन्धी अशुद्धिशोधन, वाक्यांश के लिए एक शब्द, अनेकार्थी शब्द, भिन्नार्थक शब्द, विरामचिह्न, मुहावरा और लोकोक्ति। संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया और विशेषण। उपसर्ग, प्रत्यय।

7. संस्कृत-साहित्य: संस्कृत-साहित्य के प्रमुख रचनाकारों के नाम एवं उनकी प्रमुख कृतियाँ – कालिदास, भवभूति, भारवि, माघ, भास, बाण, श्रीहर्ष, दण्डी, मम्मट, भरतमुनि, विश्वनाथ, राजशेखर तथा जयदेव।

8. संस्कृत व्याकरण: सन्धि – स्वर सन्धि, व्यंजन सन्धि, विसर्ग सन्धि। समास, उपसर्ग, प्रत्यय। विभक्ति-चिह्न (परसर्ग) प्रयोग एवं पहचान। शब्दरूप – आत्मन्, जगत्, सरित्, बालक, हरि, अस्मद्, युष्मद्। धातुरूप – स्था, पा, गम्, पठ्, हृ; धातु केवल परस्मैपदी रूप में। काल। हिन्दी-वाक्यों के संस्कृत अनुवाद।

UP PGT Hindi Syllabus 2026 इन्फोग्राफिक – यूपी पीजीटी हिंदी नया पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न और साक्षात्कार

पीजीटी हिंदी नया सिलेबस: पुराने सिलेबस से क्या-क्या बदला?

आयोग की वेबसाइट पर पुराने बोर्ड (UPSESSB) का सिलेबस “Old Syllabus” नाम से अब भी रखा है। दोनों को मिलाने पर ये बदलाव साफ़ दिखते हैं:

भाग पुराने सिलेबस में नए सिलेबस में जो जुड़ा
साहित्य का इतिहास कालों की प्रवृत्तियाँ, रीतिबद्ध-रीतिसिद्ध-रीतिमुक्त, नयी कविता तक इतिहास-लेखन की परंपरा, काल-विभाजन, हर काल का नामकरण, गीत व नवगीत, प्रमुख कवि-रचनाएँ, प्रसिद्ध काव्य-पंक्तियाँ व सूक्तियाँ
गद्य निबंध, नाटक, कहानी, उपन्यास, आलोचना + 7 लघु विधाएँ रिपोर्ताज, डायरी, इंटरव्यू, बाल-साहित्य, युगप्रवर्तक लेखक और उनकी रचनाएँ
पत्रकारिता नहीं था पूरा नया भाग: पत्र-पत्रिकाएँ, स्थान, वर्ष, संपादक
काव्यशास्त्र अवयव, भेद, रस, छंद, अलंकार, गुण, दोष, शब्दशक्ति काव्य-लक्षण (काव्य की परिभाषाएँ) जुड़ा
व्याकरण वर्तनी, संधि, समास, लिंग, वचन, कारक, विराम चिह्न आदि काल, अनेकार्थी, भिन्नार्थक शब्द, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, उपसर्ग, प्रत्यय
संस्कृत रचनाकार भास, कालिदास, भारवि, माघ, दण्डी, भवभूति, श्रीहर्ष, मम्मट, विश्वनाथ, राजशेखर बाण, भरतमुनि, जयदेव नए; अब कुल 13 रचनाकार
संस्कृत व्याकरण संधि, समास, विभक्ति, उपसर्ग, प्रत्यय, शब्दरूप, धातुरूप, अनुवाद शब्दरूप और धातुरूप के नाम तय कर दिए गए, परसर्ग की पहचान, हिंदी वाक्यों का संस्कृत अनुवाद

UP PGT Hindi Exam Pattern 2026 (नया परीक्षा पैटर्न)

विज्ञापन 06/2026 के बिंदु 9(क) के अनुसार यूपी पीजीटी परीक्षा पैटर्न 2026 यह है:

चरण / भाग प्रश्न अंक
लिखित परीक्षा – सामान्य ज्ञान 30 90
लिखित परीक्षा – हिंदी 90 270
साक्षात्कार – 40
कुल 120 400
  • लिखित परीक्षा 2 घंटे की होगी। सभी प्रश्न 4 विकल्प वाले MCQ होंगे और OMR शीट पर काले बॉल पॉइंट पेन से उत्तर देना है।
  • सही उत्तर पर +3 अंक मिलेंगे। गलत उत्तर या एक से अधिक गोले भरने पर 1 अंक घटेगा।
  • लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट होंगे। अंतिम मेरिट लिखित (360) और साक्षात्कार (40) को जोड़कर बनेगी।
  • अंक बराबर होने पर पहले लिखित परीक्षा के अंक, फिर साक्षात्कार के अंक, फिर स्नातकोत्तर का प्रतिशत, फिर प्रशिक्षण अर्हता का प्रतिशत देखा जाएगा। इसके बाद भी बराबरी हो तो अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को ऊपर रखा जाएगा।
🧮 निगेटिव मार्किंग का गणित: मान लीजिए आपने 110 प्रश्न हल किए, जिनमें 85 सही और 25 गलत हैं। तब अंक होंगे: 85 × 3 = 255, घटाव 25 × 1 = 25, यानी 230 अंक। अगर आप वही 25 संदेह वाले प्रश्न छोड़ देते, तो भी 255 अंक बनते। इसलिए PGT में “तुक्का” लगाने से पहले कम से कम दो विकल्प पक्के तौर पर हटा लें।

सामान्य ज्ञान के 30 प्रश्न (TGT और PGT का सिलेबस एक ही है)

सामान्य ज्ञान का सिलेबस TGT और PGT दोनों के लिए एक ही है। इसकी तीन इकाइयाँ हैं: समसामयिकी (घटनाएँ, चर्चित व्यक्तित्व, खेल), भारतीय इतिहास, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था और भूगोल (शैक्षिक व्यवस्था से जुड़े विधिक और संवैधानिक विकास सहित), और सामान्य विज्ञान, कंप्यूटर व ICT। हर इकाई का पूरा विवरण हमने UP TGT हिंदी सिलेबस वाले लेख में दिया है।

UP PGT Hindi Syllabus in Hindi: हर भाग की विस्तृत व्याख्या

अब यूपी पीजीटी हिंदी पाठ्यक्रम के हर भाग को खोलकर देखते हैं कि उसमें क्या पढ़ना है, और खासकर नए जुड़े हिस्सों से किस तरह के प्रश्न बन सकते हैं।

1. हिंदी साहित्य का इतिहास: इतिहास-लेखन से नवगीत तक

इतिहास-लेखन की परंपरा (नया): हिंदी साहित्य का पहला इतिहास गार्सा द तासी ने फ्रेंच भाषा में लिखा। इसके बाद शिवसिंह सेंगर (शिवसिंह सरोज), जॉर्ज ग्रियर्सन (द मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान), मिश्रबंधु (मिश्रबंधु विनोद) और आचार्य रामचंद्र शुक्ल (हिंदी साहित्य का इतिहास, 1929) प्रमुख हैं। “किसने किस भाषा में इतिहास लिखा” और “इतिहास ग्रंथों का कालक्रम” जैसे प्रश्न यहीं से बनेंगे।

काल-विभाजन और नामकरण (नया): आचार्य शुक्ल ने हिंदी साहित्य को चार कालों में बाँटा: वीरगाथा काल, पूर्व मध्यकाल (भक्तिकाल), उत्तर मध्यकाल (रीतिकाल) और आधुनिक काल (गद्यकाल)। आदिकाल के अन्य नाम भी याद रखें: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने “आदिकाल”, डॉ. रामकुमार वर्मा ने “चारण काल” और राहुल सांकृत्यायन ने “सिद्ध-सामंत काल” नाम दिया। रीतिकाल को मिश्रबंधुओं ने “अलंकृत काल” और आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने “शृंगार काल” कहा। नामकरण पर विस्तार: रीतिकाल का नामकरण और हिंदी साहित्य के इतिहास का काल विभाजन।

  • आदिकाल: सिद्ध, नाथ, जैन, रासो और लौकिक साहित्य की प्रवृत्तियाँ। देखें: रासो काव्य की विशेषताएँ।
  • भक्तिकाल की चार धाराएँ: सिलेबस में शुक्ल जी की शब्दावली है: ज्ञानाश्रयी (कबीर, रैदास, दादू, नानक), प्रेमाश्रयी या सूफ़ी (कुतुबन, मंझन, जायसी, उसमान), कृष्णभक्ति (सूरदास, अष्टछाप, मीरा, रसखान) और रामभक्ति (तुलसीदास, अग्रदास, नाभादास)। “चारों धाराओं की प्रमुख प्रवृत्तियाँ” लिखा है, इसलिए “कौन-सी विशेषता इस धारा की नहीं है” वाले प्रश्नों की तैयारी करें।
  • रीतिकाल: नामकरण और प्रवृत्तियाँ, साथ में रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त कवि।
  • आधुनिक काल: भारतेंदु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद (तार सप्तक, 1943) और नयी कविता।
  • गीत और नवगीत (नया): छायावाद के बाद के गीतकार (बच्चन, नरेंद्र शर्मा, गोपालदास नीरज) और नवगीत आंदोलन (राजेंद्र प्रसाद सिंह, शंभुनाथ सिंह, ठाकुर प्रसाद सिंह) पढ़ें।
  • प्रसिद्ध काव्य-पंक्तियाँ और सूक्तियाँ (नया): “यह पंक्ति किसकी है” वाले प्रश्न अब सीधे सिलेबस में हैं। हर काल के 15-20 प्रसिद्ध पद, दोहे और पंक्तियाँ कवि के नाम के साथ याद करें।

2. गद्य-साहित्य: चार बड़ी विधाएँ और दस नवीन विधाएँ

निबंध, उपन्यास, कहानी, नाटक और आलोचना का उद्भव और विकास पढ़ें। इसके लिए निबंध के तत्त्व, उपन्यास के तत्त्व और नाटक के तत्त्व उपयोगी हैं। नवीन विधाओं में संस्मरण और रेखाचित्र के साथ अब ये नए नाम भी हैं:

नवीन विधा उदाहरण (लेखक – रचना)
रिपोर्ताज रांगेय राघव – तूफ़ानों के बीच (बंगाल के अकाल पर)
डायरी गजानन माधव मुक्तिबोध – एक साहित्यिक की डायरी
जीवनी विष्णु प्रभाकर – आवारा मसीहा
आत्मकथा बनारसीदास जैन – अर्धकथानक (हिंदी की पहली आत्मकथा); रमणिका गुप्ता – आपहुदरी
संस्मरण / रेखाचित्र महादेवी वर्मा – अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ
यात्रा-साहित्य राहुल सांकृत्यायन – मेरी तिब्बत यात्रा, घुमक्कड़ शास्त्र
व्यंग्य हरिशंकर परसाई – विकलांग श्रद्धा का दौर; श्रीलाल शुक्ल – राग दरबारी
इंटरव्यू (भेंटवार्ता) पद्मसिंह शर्मा ‘कमलेश’ – मैं इनसे मिला

युगप्रवर्तक लेखक: भारतेंदु हरिश्चंद्र, महावीर प्रसाद द्विवेदी, प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, आचार्य रामचंद्र शुक्ल और हजारीप्रसाद द्विवेदी जैसे लेखकों की प्रमुख रचनाएँ अलग सूची बनाकर याद करें।

3. पत्रकारिता: पूरी तरह नया भाग

यह भाग पहली बार सिलेबस में आया है। इसमें पत्र-पत्रिका, प्रकाशन-स्थान, वर्ष और संपादक का मिलान पूछा जाएगा। शुरुआत इन प्रमुख तथ्यों से करें:

पत्र-पत्रिका वर्ष स्थान संपादक
उदन्त मार्तण्ड (हिंदी का पहला समाचार-पत्र) 1826 कलकत्ता पं. जुगल किशोर शुक्ल
कविवचन सुधा 1868 काशी भारतेंदु हरिश्चंद्र
हिंदी प्रदीप 1877 प्रयाग बालकृष्ण भट्ट
सरस्वती 1900 (1903 से द्विवेदी जी) प्रयाग महावीर प्रसाद द्विवेदी
हंस 1930 बनारस प्रेमचंद

“उदन्त मार्तण्ड” का पहला अंक 30 मई 1826 को निकला था। इसी दिन को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे वर्ष और तिथि वाले प्रश्न इस भाग में आम होंगे।

4. काव्यशास्त्र: काव्य-लक्षण से शब्दशक्ति तक

5. भाषाविज्ञान: उपभाषाएँ, बोलियाँ, ध्वनियाँ, शब्द-संपदा

हिंदी की 5 उपभाषाएँ हैं: पश्चिमी हिंदी, पूर्वी हिंदी, राजस्थानी, बिहारी और पहाड़ी। पश्चिमी हिंदी की बोलियाँ (खड़ी बोली, ब्रज, हरियाणवी, बुंदेली, कन्नौजी) और पूर्वी हिंदी की बोलियाँ (अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी) सबसे अधिक पूछी जाती हैं। ध्वनियों के लिए वर्ण विचार और शब्द-संपदा में तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशज शब्द पढ़ें। ध्यान दें कि PGT के नए सिलेबस में देवनागरी लिपि का अलग उल्लेख नहीं है, जबकि TGT में है।

6. हिंदी व्याकरण: पहले से काफ़ी बड़ा

नए सिलेबस में व्याकरण का दायरा बढ़ा है। संधि, समास, कारक, लिंग, वचन के साथ अब काल, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, उपसर्ग, प्रत्यय, अनेकार्थी और भिन्नार्थक शब्द भी साफ़ तौर पर शामिल हैं। वर्तनी और वाक्य, दोनों तरह के अशुद्धिशोधन पूछे जाएँगे। उपयोगी लेख: संधि, उपसर्ग, क्रिया, विशेषण, अनेकार्थक शब्द, पर्यायवाची शब्द और वाक्य शुद्धि।

7. संस्कृत-साहित्य: 13 रचनाकार और उनकी कृतियाँ

रचनाकार प्रमुख कृतियाँ
भास स्वप्नवासवदत्तम्, प्रतिज्ञायौगन्धरायणम्, उरुभंगम्, कर्णभारम्
कालिदास अभिज्ञानशाकुन्तलम्, विक्रमोर्वशीयम्, मालविकाग्निमित्रम्, रघुवंशम्, कुमारसम्भवम्, मेघदूतम्, ऋतुसंहारम्
भवभूति उत्तररामचरितम्, महावीरचरितम्, मालतीमाधवम्
भारवि किरातार्जुनीयम्
माघ शिशुपालवधम्
श्रीहर्ष नैषधीयचरितम्
दण्डी दशकुमारचरितम्, काव्यादर्श
बाण (बाणभट्ट) – नया कादम्बरी, हर्षचरितम्
भरतमुनि – नया नाट्यशास्त्र
जयदेव – नया गीतगोविन्दम्
मम्मट काव्यप्रकाश
विश्वनाथ साहित्यदर्पण
राजशेखर काव्यमीमांसा, कर्पूरमंजरी
🎯 ट्रिकी पॉइंट: “नैषधीयचरितम्” वाले श्रीहर्ष और “रत्नावली”, “नागानन्द” वाले सम्राट हर्षवर्धन अलग व्यक्ति हैं। इसी तरह “गीतगोविन्दम्” के जयदेव और अलंकार-ग्रंथ “चन्द्रालोक” के जयदेव भी अलग माने जाते हैं। “हर्षचरितम्” बाणभट्ट ने हर्षवर्धन पर लिखा था।

8. संस्कृत व्याकरण: अब नाम लेकर तय

नए सिलेबस में शब्दरूप और धातुरूप के नाम साफ़ लिख दिए गए हैं, इसलिए तैयारी आसान है:

  • शब्दरूप: आत्मन्, जगत्, सरित्, बालक, हरि, अस्मद्, युष्मद् – सातों विभक्तियों और तीनों वचनों में।
  • धातुरूप: स्था, पा, गम्, पठ्, हृ – केवल परस्मैपदी रूप, और काल (लकार) सहित।
  • संधि और समास: स्वर, व्यंजन, विसर्ग संधि; समास, उपसर्ग, प्रत्यय; विभक्ति-चिह्न (परसर्ग) की पहचान।
  • अनुवाद: हिंदी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद। यहाँ लकार और विभक्ति सही पहचानना ही अंक दिलाता है।

UP PGT Hindi Vacancy 2026: हिंदी के पद, योग्यता और शुल्क

विज्ञापन की सारणी-1 के अनुसार UP PGT Hindi vacancy 2026 का वर्गवार विवरण:

विद्यालय सामान्य SC ST OBC EWS कुल
बालक 170 70 0 71 25 336
बालिका 20 8 0 8 2 38
कुल 190 78 0 79 27 374

शैक्षिक योग्यता (हिंदी प्रवक्ता):

  1. मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से हिंदी में स्नातकोत्तर उपाधि, और संस्कृत विषय के साथ कला स्नातक (B.A.)।
  2. NCTE द्वारा मान्य पाठ्यक्रम से B.Ed.

आयु, वेतन और शुल्क: 01 जुलाई 2026 को न्यूनतम आयु 21 वर्ष, और पद की अधिवर्षता आयु 62 वर्ष है। वेतनमान लेवल-8 (₹47,600 से ₹1,51,100) है। आवेदन शुल्क सामान्य/OBC/EWS के लिए ₹1,500, SC/ST के लिए ₹750 और दिव्यांगजन के लिए ₹500 था।

UP PGT Hindi ki taiyari kaise kare: 6 सप्ताह की योजना

परीक्षा 15 दिसंबर से है, यानी लगभग छह सप्ताह बचे हैं। पीजीटी हिंदी की तैयारी कैसे करें, इसके लिए यह योजना अपनाएँ। सबसे पहले नए जुड़े हिस्सों को निपटाएँ, क्योंकि उनकी तैयारी ज़्यादातर अभ्यर्थियों की कमज़ोर रहेगी।

सप्ताह हिंदी (मुख्य फोकस) साथ में
1 इतिहास-लेखन परंपरा, काल-विभाजन, नामकरण + पत्रकारिता संधि, समास, उपसर्ग, प्रत्यय
2 आदिकाल, भक्तिकाल की चारों धाराएँ, रीतिकाल संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, काल
3 आधुनिक काल, गीत-नवगीत, प्रसिद्ध पंक्तियाँ व सूक्तियाँ अशुद्धिशोधन, विरामचिह्न; GK इकाई 2
4 गद्य की सभी विधाएँ + युगप्रवर्तक लेखक पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी, भिन्नार्थक; GK इकाई 3
5 काव्यशास्त्र (काव्य-लक्षण से शब्दशक्ति तक) + भाषाविज्ञान संस्कृत रचनाकार; समसामयिकी
6 संस्कृत व्याकरण (शब्दरूप, धातुरूप, अनुवाद) + पूरा रिवीज़न रोज़ एक 120 प्रश्नों का मॉक टेस्ट (2 घंटे)

लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार की तैयारी अलग से करें। इसमें शिक्षण पद्धति, हिंदी साहित्य के प्रमुख प्रश्न और कक्षा 11-12 की पाठ्यपुस्तकों के रचनाकारों पर बातचीत हो सकती है।

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UP PGT Hindi अभ्यास प्रश्न (नए सिलेबस पर आधारित)

पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर खोलकर मिलाएँ।

प्रश्न 1. हिंदी का पहला समाचार-पत्र “उदन्त मार्तण्ड” कहाँ से और किस वर्ष प्रकाशित हुआ?
(A) काशी, 1868   (B) कलकत्ता, 1826   (C) प्रयाग, 1877   (D) कलकत्ता, 1854

✅ उत्तर देखें

(B) कलकत्ता, 1826। इसके संपादक पं. जुगल किशोर शुक्ल थे। काशी 1868 “कविवचन सुधा” से और प्रयाग 1877 “हिंदी प्रदीप” से जुड़ा है।

प्रश्न 2. नए PGT हिंदी सिलेबस में संस्कृत रचनाकारों की सूची में कौन-सा नाम पहली बार जोड़ा गया है?
(A) मम्मट   (B) राजशेखर   (C) बाण   (D) भास

✅ उत्तर देखें

(C) बाण। बाण, भरतमुनि और जयदेव नए जुड़े हैं। भास, मम्मट और राजशेखर पुराने सिलेबस में भी थे।

प्रश्न 3. “वाक्यं रसात्मकं काव्यम्” किस आचार्य की काव्य-परिभाषा है?
(A) मम्मट   (B) विश्वनाथ   (C) पंडितराज जगन्नाथ   (D) भरतमुनि

✅ उत्तर देखें

(B) विश्वनाथ (साहित्यदर्पण)। “रमणीयार्थप्रतिपादकः शब्दः काव्यम्” जगन्नाथ की और “तददोषौ शब्दार्थौ…” मम्मट की परिभाषा है।

प्रश्न 4. आदिकाल को “सिद्ध-सामंत काल” नाम किसने दिया?
(A) आचार्य रामचंद्र शुक्ल   (B) डॉ. रामकुमार वर्मा   (C) राहुल सांकृत्यायन   (D) हजारीप्रसाद द्विवेदी

✅ उत्तर देखें

(C) राहुल सांकृत्यायन। शुक्ल जी ने “वीरगाथा काल”, रामकुमार वर्मा ने “चारण काल” और द्विवेदी जी ने “आदिकाल” नाम दिया।

प्रश्न 5. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
(A) बाण – कादम्बरी   (B) भरतमुनि – नाट्यशास्त्र   (C) जयदेव – गीतगोविन्दम्   (D) राजशेखर – साहित्यदर्पण

✅ उत्तर देखें

(D) साहित्यदर्पण विश्वनाथ की रचना है। राजशेखर की रचनाएँ काव्यमीमांसा और कर्पूरमंजरी हैं।

प्रश्न 6. “तूफ़ानों के बीच” किस विधा की रचना है?
(A) डायरी   (B) रिपोर्ताज   (C) संस्मरण   (D) यात्रा-साहित्य

✅ उत्तर देखें

(B) रिपोर्ताज। रांगेय राघव ने इसे बंगाल के अकाल पर लिखा था। रिपोर्ताज नए PGT सिलेबस में जुड़ी विधा है।

महत्त्वपूर्ण आधिकारिक लिंक

निष्कर्ष

UP PGT Hindi Syllabus 2026 पिछली बार से काफ़ी बड़ा और गहरा है। पत्रकारिता, इतिहास-लेखन की परंपरा, नवगीत, नई गद्य विधाएँ, काव्य-लक्षण, विस्तृत व्याकरण और तीन नए संस्कृत रचनाकार इसकी नई पहचान हैं। हिंदी के 90 प्रश्न, निगेटिव मार्किंग और 40 अंकों का साक्षात्कार मिलकर चयन को कठिन बनाते हैं। जो अभ्यर्थी पुराने सिलेबस की जगह इस नए सिलेबस से तैयारी करेगा, वही आगे निकलेगा।

UP PGT Hindi Syllabus 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. UP PGT Hindi Syllabus 2026 में कौन-कौन से भाग हैं?
नए सिलेबस में आठ भाग हैं: हिंदी साहित्य का इतिहास, गद्य-साहित्य का उद्भव और विकास, पत्रकारिता, काव्यशास्त्र, भाषाविज्ञान, हिंदी व्याकरण, संस्कृत साहित्य और संस्कृत व्याकरण। इनके साथ सामान्य ज्ञान के 30 प्रश्न भी आएँगे।
2. क्या UP PGT हिंदी का सिलेबस बदल गया है?
हाँ। आयोग ने 2026 से नया सिलेबस लागू किया है। इसमें पत्रकारिता, इतिहास-लेखन की परंपरा, गीत-नवगीत, प्रसिद्ध काव्य-पंक्तियाँ, रिपोर्ताज, डायरी, इंटरव्यू, बाल-साहित्य, काव्य-लक्षण, विस्तृत व्याकरण और संस्कृत में बाण, भरतमुनि, जयदेव नए जुड़े हैं।
3. UP PGT 2026 में हिंदी के कितने पद हैं?
हिंदी प्रवक्ता के कुल 374 पद हैं: बालक विद्यालयों में 336 और बालिका विद्यालयों में 38। यह PGT के सभी 26 विषयों में सबसे अधिक है।
4. कथन-आधारित प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
कथन I: UP PGT 2026 में चयन कुल 400 अंकों पर होगा।
कथन II: लिखित परीक्षा में गलत उत्तर पर कोई अंक नहीं कटेगा।
कथन III: लिखित परीक्षा में 90 प्रश्न हिंदी से और 30 सामान्य ज्ञान से आएँगे।

उत्तर: केवल कथन I और III सही हैं। चयन लिखित (360) + साक्षात्कार (40) = 400 अंकों पर होगा, और हर गलत उत्तर पर 1 अंक कटेगा।

5. सत्य/असत्य: PGT हिंदी के नए सिलेबस में देवनागरी लिपि अलग से शामिल है।
असत्य। PGT के भाषाविज्ञान भाग में उपभाषाएँ, विभाषाएँ, बोलियाँ, ध्वनियाँ और शब्द-संपदा हैं, देवनागरी लिपि का अलग उल्लेख नहीं है। TGT हिंदी के सिलेबस में देवनागरी लिपि शामिल है।
6. कथन-कारण: क्या PGT हिंदी के लिए केवल हिंदी में MA काफ़ी है?
कथन (A): हिंदी प्रवक्ता के लिए केवल हिंदी में स्नातकोत्तर और B.Ed. पर्याप्त है।
कारण (R): विज्ञापन में संस्कृत विषय के साथ कला स्नातक की शर्त भी है।

उत्तर: (A) गलत है, (R) सही है। हिंदी में MA, संस्कृत विषय के साथ BA और B.Ed., तीनों ज़रूरी हैं।

7. UP PGT Hindi Syllabus PDF कहाँ से डाउनलोड करें?
upessc.up.gov.in पर Examination → Syllabus में जाएँ। Secondary Education तालिका में “Post Graduate Teacher – Hindi – आयोग द्वारा 2026 से आगामी परीक्षाओं हेतु प्रभावी पाठ्यक्रम” वाली पंक्ति खोलें। “Old Syllabus” वाली पंक्ति पुराना पाठ्यक्रम है। सीधा लिंक ऊपर “महत्त्वपूर्ण आधिकारिक लिंक” में दिया है।
Keval Krishan Ghorela

लेखक परिचय: केवल कृष्ण घोड़ेला

एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)

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