वीर और रौद्र रस में अंतर बतायें।
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वीररस का स्थायी भाव ‘उत्साह’ है, जबकि रौद्र रस का क्रोध।
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वीररस में क्रोध भावात्मक होता है, जबकि रौद्र रस में क्रोध पाश्विक।
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वीररस में नेत्र लाल शत्रु से बदला लेने की भावना से होता है जबकि रौद्र रस में नेत्र की रक्तता क्रोधी के आपे से बाहर होने की द्योतक है।