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अनेकार्थक शब्द: परिभाषा, महत्वपूर्ण उदाहरण और संपूर्ण हिंदी व्याकरण नोट्स

अनेकार्थक शब्द की परिभाषा और महत्वपूर्ण उदाहरण हिंदी व्याकरण चार्ट

अंतिम संशोधित (Last Updated): October 14, 2026

अनेकार्थक शब्द: परिभाषा, महत्वपूर्ण उदाहरण और परीक्षा-उपयोगी संपूर्ण नोट्स

क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही शब्द अलग-अलग संदर्भों में इस्तेमाल होकर कैसे पूरे वाक्य का अर्थ बदल देता है? हिंदी व्याकरण में ‘अनेकार्थक/अनेकार्थी शब्द’ (Anekarthi Shabd in hindi) एक बेहद महत्वपूर्ण और स्कोरिंग टॉपिक है। यदि आप UGC NET, TGT, PGT, RPSC, UPSC या अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो अनेकार्थक शब्दों की सही समझ होना अत्यंत आवश्यक है। इस लेख में हम अनेकार्थक शब्दों के अर्थ, उनके प्रयोग और प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण शब्दों को बहुत ही सरल और व्यवस्थित तरीके से समझेंगे।

📌 एक नजर में (Quick Overview)

  • मुख्य विषय: अनेकार्थक शब्द (Anekarthak Shabd) – परिभाषा, अर्थ और विविध उदाहरण।

  • प्रमुख व्याकरणिक संकल्पना: भिन्न-भिन्न प्रसंगों और संदर्भों के अनुसार शब्दों के बदलते हुए अनेक अर्थ।

  • उपयोगिता: TGT, PGT, RPSC, UPSC, RAS और अन्य हिंदी प्रतियोगी परीक्षाएँ।

  • मुख्य फोकस: मानक हिंदी व्याकरण और प्रामाणिक ग्रंथों पर आधारित महत्वपूर्ण अनेकार्थक शब्दों का संकलन।

💡 विशेष नोट (छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण)

प्रिय पाठकों / परीक्षार्थियों,

यह पाठ्य सामग्री (Study Material) बाजार में उपलब्ध सामान्य किताबों की तरह नहीं है। इसे हिंदी व्याकरण की कई प्रामाणिक और मानक पुस्तकों के सैकड़ों नियमों, उपभेदों और पिछले वर्षों की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न-पत्रों का गहन विश्लेषण करके तैयार किया गया है।

इसलिए, इस लेख में दिए गए एक-एक शब्द और उसके अर्थ को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें, ताकि परीक्षा में अनेकार्थक शब्द से जुड़ा आपका एक भी प्रश्न गलत न हो! नीचे दिए गए नियमों और उदाहरणों को स्क्रॉल करके स्टेप-बाय-स्टेप अवश्य समझें। 👇

अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं? (परिभाषा)

हिंदी भाषा में कुछ ऐसे शब्द प्रयोग में आते हैं, जिनके एक से अधिक (अनेक) अर्थ होते हैं। ये शब्द अलग-अलग प्रसंगों या संदर्भों के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ प्रकट करते हैं। ऐसे शब्द अनेकार्थक शब्द(Anekarthak Shabd) कहलाते है ।

उदाहरण के लिए:

जैसे ‘कनक’ शब्द का एक अर्थ ‘सोना’ होता है और दूसरा अर्थ ‘धतूरा’ होता है। इसी प्रकार ‘अंक’ शब्द का अर्थ ‘गोद’, ‘संख्या का अंक’ और ‘नाटक का अध्याय’ होता है।

शब्द शक्ति को विस्तार से पढ़ें

150 अनेकार्थी शब्द सूची

आपकी 150 अनेकार्थक शब्दों की इस पूरी सूची के आगे अब बुलेट पॉइंट्स (*) लगा दिए गए हैं। आप इसे यहाँ से सीधे कॉपी करके अपनी वेबसाइट पर पेस्ट कर सकते हैं:

  • अंक – संख्या, गिनती के अंक, अध्याय, भाग्य, चिह्न, देह, गोद, स्थान

  • अर्क – आक, सूर्य, काढ़ा, स्वर्ण, इंद्र, रस

  • अक्ष – आत्मा, आँख, सूर्य, सर्प, चौसर के पासे, पहिया, धुरी

  • अक्षर – वर्ण, ब्रह्म, गगन, धर्म, सत्य, अविनाशी, आकाश, मोक्ष

  • अच्युत – विष्णु, कृष्ण, स्थिर, अविनाशी

  • अज – बकरा, ब्रह्मा, दशरथ के पिता का नाम, जीव

  • अनन्त – आकाश, विष्णु, शेषनाग, ईश्वर, अंतहीन

  • अन्तर – मध्य, छिद्र, आकाश, अवधि, व्यवधान, हृदय, भेद, शेष, दूरी

  • अपेक्षा – आशा, इच्छा, आवश्यकता, वनस्पति

  • अधर – होंठ, शून्य, मध्य

  • अंबर – आकाश, वस्त्र, अमृत

  • अमृत – पारा, जल, दूध, स्वर्ण, घृत, सुधा, अमर, सुन्दर

  • अर्थ – धन, प्रयोजन, कारण, लिए, मतलब, भाव, आशय

  • अतिथि – मेहमान, साधु, यात्री, कुश का बेटा, अपरिचित व्यक्ति

  • अपवाद – नियम विरुद्ध, कलंक, वह प्रचलित प्रसंग जो नियम के विरुद्ध हो

  • अरुण – लाल, सूर्य, सूर्य का सारथी, सिंदूर

  • आपत्ति – विपत्ति, एतराज, विमत

  • ईश्वर – प्रभु, समर्थ, स्वामी, धनिक, नियंता, परमात्मा, शिव, पारा, पीतल

  • उत्तर – जवाब, बदला, पश्चाताप, उत्तर दिशा, राजा विराट् का पुत्र, हल, अतीत

  • कनक – सोना, धतूरा, गेहूँ, पलाश वृक्ष

  • कबंध – धड़, राहू, राक्षस विशेष, पेटी, जल, बादल

  • कला – अंश, कार्य करने का कौशल, गुण, चन्द्रमा का सोलहवाँ भाग

  • कषाय – गेरूए रंग का, कसैला

  • कटाक्ष – व्यंग्य, आक्षेप, टेढ़ी नजर

  • कोट – किला या गढ़, परकोटा, रंग चढ़ाने की प्रक्रिया, एक वस्त्र विशेष

  • कर्ण – कुंती पुत्र, कान, पतवार, समकोण त्रिभुज में सबसे बड़ी भुजा

  • कल – आने वाला एवं बीता हुआ दिन, सुंदर, चैन या शांति, पुर्जा, मधुर ध्वनि, मशीन

  • काल – समय, मृत्यु, यमराज, संयम, मुहूर्त, अवसर, युग, महाकाल-शिव

  • कुशल – चतुर, खैरियत

  • कुंभ – घड़ा, हाथी का मस्तक, एक राशि

  • कूट – शिखर, छल-कपट, कागज, पर्वत

  • कोटि – करोड़, श्रेणी, धनुष का सिरा, गणना

  • कृष्ण – देवकी-वसुदेव-पुत्र, काला, कौआ, अंधकार, कन्हैया, वेदव्यास

  • केतु – निशान, ध्वजा, एक ग्रह, ज्ञान, श्रेष्ठ, चमक

  • केश – बाल, विष्णु, विश्व, किरण

  • कर – हाथ, टैक्स, किरण, सूँड़

  • क्षमा – पृथ्वी, सहिष्णुता, दया, रात्रि, दुर्गा, शक्ति

  • क्षेत्र – खेत, शरीर, स्त्री, गृह

  • खग – पक्षी, वायु, बाण, ग्रह, बादल, देवता, सूर्य, चंद्रमा, तारा, गन्धर्व

  • खर – गधा, एक राक्षस, तीक्ष्ण, तृण, कौआ, बगुला, दुष्ट, कड़ा, मोटा

  • खल – दुष्ट, धतूरा, दवा काटने के पत्थर की खरल, धरती, सूर्य

  • गण – समूह, रुद्र के अनुचर, सेना, छन्द शास्त्र के आठ गुण, संस्कृत क्रिया के गण, मनुष्य, भूत-प्रेतादि

  • गति – चाल, मोक्ष, स्थिति, पाल, हालत, दशा, पहुँच

  • गुण – डोरी, रस्सी, कौशल, स्वभाव, प्रत्यंचा, विशेषता, शील, लाभ

  • गुरु – शिक्षक, बड़ा, श्रेष्ठ, भारी, दो मात्रावाला स्वर, बृहस्पति, भार

  • गो – गाय, आँख, इन्द्रियाँ, बाण, बाल, स्वर्ग, भूमि, सूर्य, माता, बैल, सरस्वती

  • घन – बाल, मोटा, हथौड़ा, कपूर, समान लंबाई-चौड़ाई-मोटाई वाला आकार, बादल, अधिक, घना, पिण्ड

  • छंद – वेद, जल, रंग, अभिप्राय, एकांत, काव्य के पदादि

  • जगत – संसार, पनघट, वायु, शंकर, टेक

  • जलज – कमल, मोती, मछली, चंद्रमा, सेवार, शंख, जोंक

  • जाल – माया, छल, जाला, जानवरों को पकड़ने हेतु रस्सी का फंदा, बुनावट, फंदा

  • जीवन – प्राण, आजीविका, जल, पुत्र, गंगा, जीवित

  • ठाकुर – हज्जाम, देवता, राजपुत्र

  • तत्त्व – मूल, सत्य, सार, धर्म, परिणाम, उद्देश्य, सूक्ष्म ज्ञान, यथार्थ, पंचभूत, ब्रह्मा, पदार्थ

  • तंत्र – सिद्धांत, प्रबंध, शासन, उपाय, औषधि, खजाना, दवा, उपासना, पद्धति, सूत

  • तम – अंधकार, तमाल वृक्ष, पाप, राहू, अज्ञान, तमोगुण

  • तारा – नक्षत्र, आँख की पुतली, बालि की पत्नी, बृहस्पति की पत्नी, तारक, प्यारा

  • ताल – जलाशय, संगीत की ताल, ताड़वृक्ष, तालाब, लय, झील, हड़ताल

  • तीर – बाण, किनारा, निकट, तट

  • टीका – तिलक, अभिषेक, मस्तक का आभूषण, टिप्पणी, आलोचना

  • दक्षिण – अनुकूल, दक्षिण दिशा, उदार, चतुर

  • द्रोण – कौआ, डोंगी, एक तौल, द्रोणाचार्य

  • द्विज – ब्राह्मण, पक्षी, दाँत, चन्द्रमा, द्विजन्म, गणेश

  • द्वन्द्व – कलह, एक समास विशेष, रहस्य

  • धन – दो संख्याओं का जोड़, सम्पत्ति, स्त्री, शुभ कार्य, श्रेय, न्याय, योग

  • धनंजय – अर्जुन, आग, वायु, एक वृक्ष, नाग

  • धर्म – प्रकृति, शुभ-कर्म, आचार, स्वभाव, कर्तव्य, सम्प्रदाय, व्यवस्था, रीति, न्याय, यज्ञ

  • धात्री – उपमाता, पृथ्वी

  • धातु – वीर्य, प्रकृति, व्याकरण की धातु, अष्टधातु, स्वर्ग

  • ध्रुव – ध्रुव तारा, विष्णु भक्त, नित्य, विष्णु, स्थिर

  • नग – पहाड़, नगीना, पदार्थ, वृक्ष, जड़, रत्न विशेष, चाव, अचल

  • नाग – साँप, हाथी, वायु का एक भेद, पर्वत, बादल

  • निर्वाण – मोक्ष, मृत्यु, संगम, विश्राम, शून्य

  • निशाचर – चोर, राक्षस, उल्लू, प्रेत, साँप

  • नीलकंठ – शंकर, नीले कंठवाला पक्षी विशेष (मोर)

  • पतंग – सूर्य, पक्षी, टिड्डी, पतिंगा, गुड्डी

  • पक्ष – पंख, पंद्रह दिवस का पखवाड़ा, दल, वाद का एक रूप, ओर, बल, घर, सहाय

  • पट – वस्त्र, किवाड़, यवनिका, स्थान, मुख्य

  • पत्र – पत्ता, चिट्ठी, पंख

  • पद्म – कमल, संख्या विशेष, श्रीराम, सर्प विशेष

  • पद – शब्द, पाँव, चिह्न, स्थान, विभक्ति युक्त शब्द, किसी छंद का चतुर्थांश, उद्यम, ओहदा

  • पय – दूध, पानी, अन्न

  • पान – पत्ता, तंबाकू का पान जो हुक्के-चिलम में पिया जाता है, पीना, पेय, द्रव्य, तांबूल, शराब

  • पानी – आब, जल, चमक, इज्जत

  • पिण्ड – शरीर, पितरों के लिए देय, गोल

  • पुष्कर – कमल, पुष्कर नाम का एक तीर्थ, तालाब, हाथी के सूँड़ के आगे का भाग, आकाश, बाण, तलवार

  • पृष्ठ – पीठ, पन्ना, पीछे का भाग, पत्रा

  • पोत – बच्चा, जहाज, गुड़िया, वस्त्र, नाव, दाव

  • प्रकृति – स्वभाव, धर्म, माया, खजाना, राज्य, जन्म, स्वामी, मित्र

  • प्रत्यय – विश्वास, ज्ञान, शब्द के बाद में जुड़ने वाला शब्दांश, निश्चय, कारण

  • प्रभाव – असर, महिमा, सामर्थ्य, दबाव

  • प्राण – प्राण वायु, जीव, ईश्वर, ब्रह्म

  • फल – परिणाम, वृक्ष से प्राप्त होने वाला खाद्य, चर्म ढाल, संतान, मेवा, नतीजा, लाभ

  • बंसी – बाँसुरी, मछली फँसाने का काँटा, विष्णु, कृष्णादि के चरण चिह्न

  • बलि – राक्षसराज बालि, कर, उपहार, बलिदान

  • रस – स्वर्णादि भस्म, आनंद, प्रेम, स्वाद, अर्क, तत्व, भोजन के छह रस, काव्य के नौ रस, पारा मेल

  • महावीर – हनुमान, बहुत पराक्रमी, जैन तीर्थंकर का नाम, बहुत बलवान

  • मधु – शहद, शराब, वसंत ऋतु, पराग, दूध, मीठा

  • मान – अभिमान, इज्जत, नाप-तौल, सम्मान, मानना

  • मित्र – दोस्त, सूर्य, प्रिय, सहयोगी, साँप

  • मूक – गूंगा, चुप, विवश, चुपचाप

  • लगन – लौ, मुहूर्त, प्रेम, धनु

  • लक्ष्य – उद्देश्य, निशाना, ध्येय

  • वर – दूल्हा, वरदान, श्रेष्ठ, आशीर्वाद

  • वर्ग – जाति, गणित की एक क्रिया, समूह

  • वर्ण – अक्षर, रंग, ब्राह्मण आदि चार वर्ण

  • वर्तमान – विद्यमान, समय, प्रचलित, तात्कालिक

  • वर्ष – साल, संवत्, दृष्टि, पृथ्वी का एक खंड

  • वीचि – लहर (तरंग), अवकाश, चमक, सुख

  • विग्रह – शरीर, लड़ाई, देव प्रतिमा

  • विहंग – पक्षी (चिड़िया), बाण (तीर), मेघ, सूर्य, चंद्रमा, ग्रह, विमान

  • ब्याज – सूद, बहाना, छल

  • शिव – शंकर, कल्याण, शुभ

  • शेष – बाकी, अंत, सर्प, बचा हुआ, सीमा

  • श्रुति – कान, वेद, सुनना, वाद, किंवदंती

  • सर – पराजित, सिर, तालाब

  • सारंग – मोर, सर्प, हरिण, बादल, एक राग विशेष, चातक, सिंह, भौरा, कामदेव, स्त्री, हंस, कमल, कोयल, कपूर, सुंदर, पानी, धनुष, शंख, वस्त्र

  • सेहत – स्वास्थ्य, सुख, रोग मुक्ति, तंदुरुस्ती

  • सैंधव – घोड़ा, नमक, सिन्धु देश का

  • हंस – सूर्य, एक पक्षी विशेष, मराल, योगी, जीवात्मा

  • ह्रस्व – छोटा, नाटा, थोड़ा, नीचा, ह्रस्व स्वर (अ, इ, उ)

  • हरकत – हिलना-डुलना, चेष्टा, गति, नटखटपन

  • हरि – बंदर, यमराज, पर्वत, घोड़ा, चंद्रमा, सर्प, मेंढक, तोता, हवा, ब्रह्मा, शिव, किरण, कोमल, हंस, हाथी, सूर्य, विष्णु, सिंह, कामदेव

  • हस्ती – हाथी, औकात, अस्तित्व

  • हलधर – श्रीकृष्ण के भाई बलराम, बैल, किसान

  • हीन – रहित, निकृष्ट, दीन, छोड़ा हुआ, पथभ्रष्ट, कम, अल्प, ओछा, नीच, शून्य, नम्र

  • हेय – बर्फ, सोना, बादामी रंग का घोड़ा, नागकेसर

  • अमर – देवता, पारा, अविनाशी

  • अलि – भौंरा, मदिरा, कुत्ता

  • अहि – सर्प, सूर्य, कष्ट

  • अचल – स्थिर, पर्वत, दृढ़

  • अंकुश – रोक, हाथी को वश में करने का लोहे का छोटा अस्त्र

  • अंजन – काजल, रात, माया, लेप

  • अंश – हिस्सा, कोण का अंश, किरण

  • अंत – मरण, अवसान, सीमा

  • अपर – दूसरा, इतर, पंखहीन

  • अमल – निर्मल, अभ्यास, समय, नशा

  • आकार – स्वरूप, चेष्टा, बुलाना

  • अधिवास – निवास, पड़ोसी, बस्ती, हठ

  • अनल – आग, परमेश्वर, जीव, विष्णु

  • अभय – निर्भयता, शिव, निरापद

  • अशोक – मगधराज, शोकरहित, एक वृक्ष

  • आनंद – खुशी, मदिरा, शिव, एक छंद

  • इतर – दूसरा, साधारण, नीच

  • इंगित – संकेत, अभिप्राय, हिलना-डुलना

  • इन्द्र – देवराज, राजा, रात्रि

  • उग्र – विष, प्रचंड, महादेव

  • उद्योग – परिश्रम, धंधा, कारखाना

  • उदार – दाता, बड़ा, सरल, अनुकूल

  • ओक – पक्षी, शूद्र, मतली, घर, पनाह

📚 अनेकार्थक शब्द संग्रह (100+ अति महत्वपूर्ण शब्द और उनके अर्थ)

1. अंक के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: गिनती के अंक, नाटक का अध्याय, चिह्न, संख्या, भाग्य, गोद
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • गिनती के अंक — गणितीय संख्याएँ (जैसे- 1, 2, 3)।
    • नाटक का अध्याय — किसी नाटक या उसके दृश्य का भाग/खंड。
    • चिह्न — किसी वस्तु या स्थान का निशान या छाप。
    • संख्या — कुल मात्रा या गणना का परिमाण。
    • भाग्य — मनुष्य का मुकद्दर या किस्मत。
    • गोद — गोद या आंचल (माता की गोद)。

2. अंकुश के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: हाथी को हाँकने-रोकने का लोहे का आँकुड़ा, नियंत्रण, दबाव
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • हाथी को हाँकने का आँकुड़ा — गज को नियंत्रित करने का नुकीला औजार。
    • नियंत्रण — किसी पर रोक या अंकुश लगाना。
    • दबाव — प्रशासनिक या मानसिक दबाव。

3. अंग के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: शरीर, शरीर का कोई अवयव, अंश, शाखा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • शरीर — मानव या जीव का भौतिक जिस्म。
    • शरीर का कोई अवयव — हाथ, पैर, आँख आदि अंग。
    • अंश — किसी वस्तु का भाग या हिस्सा。
    • शाखा — किसी संगठन या पेड़ की डाल。

4. अंचल के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: साड़ी का पल्लू, प्रदेश, सिरा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • साड़ी का पल्लू — वस्त्र का छोर。
    • प्रदेश — कोई क्षेत्र या इलाका。
    • सिरा — किसी वस्तु का अंतिम छोर。

5. अंत के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: सिरा, समाप्ति, मृत्यु, भेद/रहस्य
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • सिरा — किसी रेखा या वस्तु का आखिरी छोर。
    • समाप्ति — किसी कार्य का पूरा होना。
    • मृत्यु — प्राणों का अंत होना。
    • भेद/रहस्य — किसी बात की गहराई या गुप्त बात。

6. अंतर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: भिन्नता, दूरी, फ़र्क, मध्यवर्ती समय
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • भिन्नता — दो चीजों में असमानता。
    • दूरी — फासला या अंतराल。
    • फ़र्क — अंतर या तपावत。
    • मध्यवर्ती समय — बीच का समय。

7. अंबर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: वस्त्र, आकाश, बादल
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • वस्त्र — कपड़ा या परिधान。
    • आकाश — गगन या आसमान。
    • बादल — मेघ या जलधर。

8. अक्ष के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: आँख, सर्प, ज्ञान, मंडल, रथ, चौसर का पासा, धुरी, पहिया, आत्मा, कील
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • आँख — नेत्र या चक्षु。
    • सर्प — नाग या साँप。
    • ज्ञान — बुद्धि या समझ。
    • मंडल — घेरा या क्षेत्र。
    • रथ — सवारी की गाड़ी。
    • चौसर का पासा — खेल का पासा。
    • धुरी — केंद्र बिंदु。
    • पहिया — चक्र。
    • आत्मा — जीव या चैतन्य。
    • कील — खूटी या पेच。

9. अक्षर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: वर्ण (अकारादि), ब्रह्मा, आत्मा, नित्य, सत्य, आकाश
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • वर्ण (अकारादि) — भाषा की मूल ध्वनि。
    • ब्रह्मा — सृष्टि के रचयिता。
    • आत्मा — शाश्वत तत्व。
    • नित्य — हमेशा रहने वाला。
    • सत्य — अटल सच्चाई。
    • आकाश — गगन。

10. अखंड के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: समूचा, जिसका क्रम न टूटे, निर्विघ्न, जिसका खंडन न हो सके
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • समूचा — पूरा या संपूर्ण。
    • जिसका क्रम न टूटे — अनवरत。
    • निर्विघ्न — बिना रुकावट के。
    • अटूट — जिसका खंडन न हो सके。

11. अज के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: जिसका जन्म न हो (ईश्वर), ब्रह्मा, बकरा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • ईश्वर — परमात्मा (अजन्मा)。
    • ब्रह्मा — सृष्टिकर्ता。
    • बकरा — एक पालतू पशु。

12. अतिथि के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: यात्री, मेहमान, साधु, यज्ञ में अपरिचित व्यक्ति, राम का पोता या कुश का बेटा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • यात्री — घूमने वाला。
    • मेहमान — घर आने वाला आगंतुक。
    • साधु — संत महात्मा。
    • यज्ञ में अपरिचित व्यक्ति — यज्ञार्थी。
    • राम का पोता / कुश का बेटा — पौराणिक संदर्भ。

13. अधर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: होंठ, अंतरिक्ष, तुच्छ, बिना आधार का
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • होंठ — ओष्ठ。
    • अंतरिक्ष — आसमान का मध्य भाग。
    • तुच्छ — हीन या मामूली。
    • बिना आधार का — निराधार。

14. अनंत के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: अंतहीन, नित्य, बहुत अधिक, आकाश, विष्णु, अनंत (शेष नाग), बाजूबंद
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • अंतहीन — जिसका कोई अंत न हो。
    • नित्य — सदा रहने वाला。
    • बहुत अधिक — प्रचुर मात्रा में。
    • आकाश — गगन。
    • विष्णु — भगवान विष्णु。
    • शेष नाग — पौराणिक सर्प。
    • बाजूबंद — बाँह का आभूषण。

15. अनर्थ के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: अर्थ का अभाव, अनुचित अर्थ, अशुभ घटना, विपत्ति
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • अर्थ का अभाव — बिना मतलब का。
    • अनुचित अर्थ — गलत मतलब निकालना。
    • अशुभ घटना — दुर्घटना。
    • विपत्ति — संकट。

16. अमृत के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: सुधा, जल, मुक्ति, मृत्युरहित, दूध, स्वर्ण, पारा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • सुधा — अमर रस。
    • जल — पानी。
    • मुक्ति — मोक्ष。
    • मृत्युरहित — अमरता。
    • दूध — पेय पदार्थ。
    • स्वर्ण — सोना。
    • पारा — एक धातु。

17. अरुण के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: लाल, बालसूर्य, संध्या की लाली, सिंदूर, कुंकुम, सूर्य का सारथी
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • लाल — रंग विशेष。
    • बालसूर्य — उगता हुआ सूरज。
    • संध्या की लाली — शाम का रंग。
    • सिंदूर / कुंकुम — पूजन सामग्री。
    • सूर्य का सारथी — अरुण (अनूर)。

18. अर्थ के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: धन, अभिप्राय/मानी, निमित्त/लिए, कारण
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • धन — संपदा या रुपया-पैसा。
    • अभिप्राय/मानी — तात्पर्य या मतलब。
    • निमित्त/लिए — वास्ते。
    • कारण — वजह。

19. अपेक्षा के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: इच्छा, आवश्यकता, आशा, तुलना में, बनिस्बत
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • इच्छा — चाहत。
    • आवश्यकता — जरूरत。
    • आशा — उम्मीद。
    • तुलना में / बनिस्बत — मुकाबले में。

20. अवतरण के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: उतरना, जन्म लेना, पार होना, उद्धरण
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • उतरना — नीचे आना。
    • जन्म लेना — प्रादुर्भाव होना。
    • पार होना — लाँघना。
    • उद्धरण — गद्यांश या पद्यांश。

संधि के सरल नियम पढ़ें

21. अवरुद्ध के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: रुका हुआ, ढका हुआ, बंद, गुप्त
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • रुका हुआ — बाधित。
    • ढका हुआ — आच्छादित。
    • बंद — अवरोधित。
    • गुप्त — छिपा हुआ。

22. अवली के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पंक्ति, माला, श्रेणी, झुंड
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पंक्ति — कतार。
    • माला — फूलों की लड़。
    • श्रेणी — क्रम。
    • झुंड — समूह。

23. आँख के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: नेत्र, दृष्टि, निगरानी
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • नेत्र — चक्षु。
    • दृष्टि — नजर。
    • निगरानी — देखरेख。

24. आकर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: खान, कोष, स्रोत
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • खान — खदान (रत्न खान)。
    • कोष — भंडार。
    • स्रोत — उद्गम स्थल。

25. आगम के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: आना, ज्ञान, शास्त्र
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • आना — आगमन。
    • ज्ञान — विद्या。
    • शास्त्र — ग्रंथ。

26. आचार्य के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: गुरु, महापंडित, प्रोफेसर, प्रिंसिपल
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • गुरु — शिक्षक。
    • महापंडित — विद्वान。
    • प्रोफेसर / प्रिंसिपल — उच्च शिक्षाविद。

27. आदि के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पहला, प्रारंभिक, वगैरह, आरंभ
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पहला — प्रथम。
    • प्रारंभिक — शुरुआत का。
    • वगैरह — इत्यादि。
    • आरंभ — श्रीगणेश。

28. आपत्ति के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: विपत्ति, एतराज, प्रश्न
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • विपत्ति — संकट。
    • एतराज — विरोध या आपत्ति。
    • प्रश्न — सवाल。

29. आब के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पानी, चमक, छवि/शोभा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पानी — जल。
    • चमक — कांति。
    • छवि/शोभा — सुंदरता。

30. आराम के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: वाटिका, विश्राम, सुविधा, राहत
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • वाटिका — बगीचा。
    • विश्राम — चैन。
    • सुविधा — सहूलियत。
    • राहत — सुकून。

31. इष्ट के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: ध्येय, समीपी, काम्य देवता, परमात्मा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • ध्येय — लक्ष्य。
    • समीपी — निकट का。
    • काम्य देवता — आराध्य देव。
    • परमात्मा — ईश्वर。

32. उग्र के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: क्रूर, भयानक, कष्टदायक, तीव्र
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • क्रूर — निर्दयी。
    • भयानक — डरावना。
    • कष्टदायक — पीड़ा देने वाला。
    • तीव्र — तेज。

33. उड़ना के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: उड़ने में प्रवृत्त करना, तेज़ी से चलाना, चुराना, नष्ट करना, अपव्यय करना, फैलाना
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • उड़ने में प्रवृत्त करना — गगन में भेजना。
    • तेज़ी से चलाना — वाहन भगाना。
    • चुराना — गायब करना。
    • नष्ट करना / अपव्यय करना — बर्बाद करना。
    • फैलाना —प्रसार करना。

34. उत्तर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: उत्तर दिशा, जवाब, हल, बाद का (गणित में फल)
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • उत्तर दिशा — एक दिशा。
    • जवाब — प्रत्युत्तर。
    • हल — समाधान。
    • बाद का — आगामी。

35. उत्पात के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: शरारत, हो-हल्ला, दंगा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • शरारत — उपद्रव。
    • हो-हल्ला — शोरगुल。
    • दंगा — फसाद。

36. उपस्कर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: संयंत्र, सामान, अलंकार
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • संयंत्र — उपकरण。
    • सामान — सामग्री。
    • अलंकार — गहना。

37. ऋण के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: कर्ज, दायित्व, उपकार, घटाना (घटाने का चिह्न -)
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • कर्ज — उधार लिया धन。
    • दायित्व — जिम्मेदारी。
    • उपकार — एहसान。
    • घटाना — गणितीय ऋण चिह्न。

38. कल के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: मशीन, सुख, बीता हुआ दिन, आनेवाला दिन
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • मशीन — यंत्र。
    • सुख — चैन。
    • बीता हुआ दिन / आनेवाला दिन — कल (Yesterday/Tomorrow)。

39. कलम के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: लेखनी, कूँची, पेड़-पौधों की हरी कलम
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • लेखनी — पेन या पेंसिल。
    • कूँची — ब्रश。
    • पेड़-पौधों की कलम — रोपण शाखा。

40. कला के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: आर्ट, शरीर की धातु, अंश, कौशल
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • आर्ट — ललित कला。
    • शरीर की धातु — आयुर्वेदिक संदर्भ。
    • अंश — भाग。
    • कौशल — हुनर。

41. कलि के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: कलह, दुःख, पाप, चार युगों में चौथा युग
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • कलह — झगड़ा。
    • दुःख — कष्ट。
    • पाप — दुष्कर्म。
    • चौथा युग — कलियुग。

42. काँटा के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पेड़-पौधे की नोक, कीला, मछली की हड्डी, तौलने का साधन
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पेड़-पौधे की नोक — शूल。
    • कीला — लोहे की कील。
    • मछली की हड्डी — कंटक。
    • तौलने का साधन — तराजू。

43. काटना के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: कटाई करना, रद्द करना, अलग करना, दाँत चुभाना, डंक मारना
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • कटाई करना — फसल काटना。
    • रद्द करना — खारिज करना。
    • अलग करना — विभाजित करना。
    • दाँत चुभाना / डंक मारना — काटना (जीवों द्वारा)。

44. काम के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: कार्य, नौकरी, कढ़ाई आदि, काम वासना, कृति
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • कार्य — श्रम या कर्म。
    • नौकरी — पेशा。
    • कढ़ाई आदि — शिल्प कार्य。
    • काम वासना — मदन。
    • कृति — रचना。

45. काल के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: समय, मौत, यमराज
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • समय — वक्त。
    • मौत — मृत्यु。
    • यमराज —ंतक。

46. कनक के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: धतूरा, सोना, गेहूँ, टेसू
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • धतूरा — नशीला पौधा。
    • सोना — स्वर्ण。
    • गेहूँ — खाद्यान्न。
    • टेसू — पलाश पुष्प。

47. कर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: हाथ, सूँड़, किरण, टैक्स
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • हाथ — कर (पाणि)。
    • सूँड़ — गजकर。
    • किरण — मयूख。
    • टैक्स — राजस्व कर。

48. कर्ण के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: कर्ण (नाम), कान
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • कर्ण (नाम) — महाभारत के पात्र。
    • कान — श्रवण इंद्रिय。

49. कुशल के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: खैरियत, चतुर, प्रशिक्षित
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • खैरियत — कुशलता。
    • चतुर — निपुण。
    • प्रशिक्षित — दक्ष。

50. कूट के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: चोटी, गोक, ढेर, छल, रहस्यमय, जाली, झूठा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • चोटी — पर्वत शिखर。
    • ढेर — अंबार。
    • छल — कपट。
    • जाली / झूठा — कूट रचित。

300+ पर्यायवाची शब्द देखें

📚 अनेकार्थी शब्द ( Anekarthi Shabd)

51. केतु के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: ध्वज, एक ग्रह, पुच्छल तारा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • ध्वज — झंडा या पताका।
    • एक ग्रह — ज्योतिष शास्त्र के अनुसार छाया ग्रह (केतु)।
    • पुच्छल तारा — आकाश में दिखने वाला धूमकेतु।

52. केवल के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: एकमात्र, निरा, विशुद्ध ज्ञान
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • एकमात्र — केवल अकेला।
    • निरा — बिल्कुल या खाली।
    • विशुद्ध ज्ञान — कैवल्य या पूर्ण ज्ञान।

53. खग के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पक्षी, तारा, बाण, गंधर्व
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पक्षी — आकाश में विचरण करने वाला।
    • तारा — नभ का नक्षत्र।
    • बाण — तीर।
    • गंधर्व — आकाशीय योनि विशेष।

54. खर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: दुष्ट, गधा, तिनका, एक राक्षस
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • दुष्ट — दुर्जन।
    • गधा — गदहा या गर्दभ।
    • तिनका — घास का तिनका।
    • एक राक्षस — रावण का भाई खर।

55. खल के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: दुष्ट, चुगलखोर, खरल, तलछट, धतूरा
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • दुष्ट — पापी या दुर्जन।
    • चुगलखोर — चुगली करने वाला।
    • खरल — औषधि कूटने का पात्र।
    • तलछट — नीचे बैठा मैल।
    • धतूरा — मादक पौधा।

56. गण के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: समूह, मनुष्य, भूतप्रेतादि, शिव के गण, पिंगल के गण
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • समूह — समुदाय या दल।
    • मनुष्य — जन समुदाय।
    • भूतप्रेतादि — योनि विशेष।
    • शिव के गण — भगवान शिव के सेवक (नंदी आदि)।
    • पिंगल के गण — छंद शास्त्र के गण (य, म, त, र आदि)।

57. गति के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: चाल, हालत, मोक्ष, रफ़्तार
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • चाल — चलने की क्रिया।
    • हालत — दशा या स्थिति।
    • मोक्ष — मुक्ति या सद्गति।
    • रफ़्तार — गतिमान होना।

58. गुरु के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: शिक्षक, भारी, दीर्घ वर्ण, बृहस्पति ग्रह
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • शिक्षक — आचार्य या मार्गदर्शक।
    • भारी — वजनी या बड़ा।
    • दीर्घ वर्ण — व्याकरण में बड़ा स्वर।
    • बृहस्पति ग्रह — वार विशेष या ग्रह।

59. गो के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: गाय, इन्द्रिय, स्वर्ग, आँख, वज्र, पृथ्वी, सरस्वती, सूर्य, बैल
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • गाय — धेनु पशु।
    • इन्द्रिय — ज्ञानेंद्रिय या कर्मेंद्रिय।
    • स्वर्ग — लोक विशेष।
    • आँख — नेत्र।
    • पृथ्वी — धरा।
    • सरस्वती — विद्या की देवी।
    • सूर्य — भास्कर।

60. घन के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: बादल, अधिक, घना, हथौड़ा, तीन की घात
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • बादल — पयोधर।
    • अधिक / घना — सघन या प्रचुर।
    • हथौड़ा — घन (लोहे का बड़ा हथौड़ा)।
    • तीन की घात — गणितीय घन (Cube)।

61. घोर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: भयानक, बहुत अधिक, बहुत बुरा, बहुत घना
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • भयानक — डरावना।
    • बहुत अधिक — अत्यधिक।
    • बहुत बुरा — भीषण।
    • बहुत घना — सघन।

62. चक्र के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: चाक, पहिया, चक्कर, घेरा, मंडल
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • चाक — कुम्हार का चाक।
    • पहिया — गाड़ी का पहिया।
    • चक्कर — परिभ्रमण।
    • घेरा/मंडल — परिधि।

63. चपला के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: चंचल स्त्री, बिजली, लक्ष्मी
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • चंचल स्त्री — अस्थिर स्वभाव की स्त्री।
    • बिजली — विद्युत।
    • लक्ष्मी — धन की देवी।

64. जाल के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: बड़ी जाली, बुनावट, जमघट, फरेब
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • बड़ी जाली — मत्सय जाल।
    • बुनावट — बनावट।
    • जमघट — भीड़।
    • फरेब — धोखा या षड्यंत्र।

65. जलज के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: कमल, मोती, शंख, मछली, चंद्रमा, सेवार
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • कमल — जल में उत्पन्न पुष्प।
    • मोती — सीप का मोती।
    • शंख — समुद्री शंख।
    • मछली — जलचर।
    • चंद्रमा — विधु।
    • सेवार — जलीय वनस्पति।

66. जीवन के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: जिंदगी, प्राण, जीविका-निर्वाह, पानी
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • जिंदगी — आयु।
    • प्राण — श्वास।
    • जीविका-निर्वाह — आजीविका।
    • पानी — जल।

67. दंड के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: सज़ा, डंडा, जहाज का मस्तूल, एक प्रकार की कसरत
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • सज़ा — प्रताड़ना या शास्ति।
    • डंडा — छड़ी।
    • जहाज का मस्तूल — नौका का स्तंभ।
    • कसरत — दंड बैठक।

68. दल के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: छोटा पत्ता, टुकड़ा, सेना की टुकड़ी, पार्टी, झुंड
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • छोटा पत्ता — पल्लव।
    • टुकड़ा — खंड।
    • सेना की टुकड़ी — सैन्य दल।
    • पार्टी — राजनीतिक दल।
    • झुंड — समूह।

69. नाग के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: हाथी, साँप, पर्वत, बादल
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • हाथी — गज।
    • साँप — भुजंग।
    • पर्वत — अचल।
    • बादल — मेघ।

70. पत्र के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पत्ता, चिट्ठी, पंख, धातु का पत्तर, समाचार-पत्र
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पत्ता — वृक्ष का पत्र।
    • चिट्ठी — खत।
    • पंख — पर।
    • धातु का पत्तर — चादर।
    • समाचार-पत्र — अखबार।

71. पानी के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: जल, चमक, इज्जत, वर्षा, स्वाभिमान
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • जल — नीर।
    • चमक — कांति।
    • इज्जत — प्रतिष्ठा।
    • वर्षा — वृष्टि।
    • स्वाभिमान — मान-मर्यादा।

72. फल के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: मेवा, परिणाम, लाभ, शस्त्र का अग्रभाग
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • मेवा — वृक्ष का फल।
    • परिणाम — नतीजा।
    • लाभ — फायदा।
    • शस्त्र का अग्रभाग — भाले या तीर की नोक।

73. मित्र के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: दोस्त, सूर्य, प्रिय, सहयोगी
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • दोस्त — सखा।
    • सूर्य — भानु।
    • प्रिय — स्नेही।
    • सहयोगी — मददगार।

74. वर्ण के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: जाति, रंग, अक्षर
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • जाति — वर्ण व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय आदि)।
    • रंग — वर्ण (श्वेत, श्याम)।
    • अक्षर — वर्णमाला का चिन्ह।

75. विधि के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: तरीका, विधाता, कानून, व्यवस्था, युक्ति
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • तरीका — ढंग।
    • विधाता — ब्रह्म।
    • कानून — नियम।
    • व्यवस्था — प्रबंध।
    • युक्ति — उपाय।

76. हरि के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: विष्णु, इंद्र, सर्प, सिंह, घोड़ा, सूर्य, चाँद, तोता, वानर, यमराज, हवा, ब्रह्मा, शिव, मर्कट
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • विष्णु — पालनहार।
    • इंद्र — देवराज।
    • सर्प — नाग।
    • सिंह — केसरी।
    • घोड़ा — अश्व।
    • सूर्य — रवि।
    • चाँद — चंद्रमा।
    • तोता — शुक।
    • वानर — मर्कट।
    • यमराज — धर्मराज।
    • हवा — वायु।
    • ब्रह्मा/शिव — देवत्रय।

77. पय के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: दूध, पानी
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • दूध — क्षीर।
    • पानी — जल।

78. पक्ष के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पंद्रह दिन का समय, ओर, पंख, बल, सहाय, पार्टी
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पंद्रह दिन का समय — पखवाड़ा (कृष्ण/शुक्ल पक्ष)।
    • ओर — तरफ।
    • पंख — पर।
    • बल/सहाय/पार्टी — समर्थन।

79. पृष्ठ के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पीठ, पन्ना, पीछे का भाग
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पीठ — शरीर का पिछला अंग।
    • पन्ना — कागज का पृष्ठ।
    • पीछे का भाग — पिछवाड़ा।

80. पतंग के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: सूर्य, पक्षी, टिड्डी, फतिंगा, गुड्डी
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • सूर्य — भास्कर।
    • पक्षी — खग।
    • टिड्डी/फतिंगा — कीट विशेष।
    • गुड्डी — कागज की उड़ने वाली पतंग।

81. मधु के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: शहद, शराब, वसंतऋतु
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • शहद — मकरंद।
    • शराब — मदिरा।
    • वसंतऋतु — ऋतुराज।

82. मूक के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: गूँगा, चुप, विवश
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • गूँगा — जो बोल न सके।
    • चुप — शांत।
    • विवश — लाचार।

83. मान के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: इज्जत, अभिमान, नाप-तौल
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • इज्जत — सम्मान।
    • अभिमान — घमंड।
    • नाप-तौल — पैमाना।

84. वन के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: जंगल, जल
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • जंगल — विपिन या अरण्य।
    • जल — पानी।

85. लक्ष्य के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: निशाना, उद्देश्य
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • निशाना — ताक।
    • उद्देश्य — प्रयोजन।

86. सर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: तालाब, सिर, पराजित
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • तालाब — सरोवर।
    • सिर — मस्तक।
    • पराजित — हारा हुआ।

87. सुधा के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: अमृत, पानी
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • अमृत — पीयूष।
    • पानी — जल।

88. हंस के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: प्राण, पक्षीविशेष
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • प्राण — जीव।
    • पक्षीविशेष — मराल।

89. हस्ती के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: हाथी, अस्तित्व
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • हाथी — गज।
    • अस्तित्व — वजूद।

90. हीन के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: रहित, दीन, निकृष्ट
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • रहित — विहीन।
    • दीन — लाचार।
    • निकृष्ट — हीन भावनायुक्त।

91. हार के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पराजय, माला
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पराजय — मात।
    • माला — गले का हार।

92. द्विज के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: पक्षी, ब्राह्मण-क्षत्रिय-वैश्य, दाँत
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पक्षी — अंडे से दोबारा जन्म लेने वाला।
    • ब्राह्मण-क्षत्रिय-वैश्य — उपनयन संस्कार युक्त।
    • दाँत — मुख का दन्त।

93. द्वंद्व के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: लड़ाई, झगड़ा, दो विरोधी पक्षों का समास
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • लड़ाई — मुकाबला।
    • झगड़ा — संघर्ष।
    • समास — व्याकरण का द्वंद्व समास।

94. सुरभि के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: सुगंध, गौ, बसंत ऋतु
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • सुगंध — महक।
    • गौ — गाय।
    • बसंत ऋतु — ऋतुराज।

95. सूर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: सूर्य, अंधा, वीर, सूरदास
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • सूर्य — रवि।
    • अंधा — नेत्रहीन।
    • वीर — शूरवीर।
    • सूरदास — महाकवि सूरदास।

96. सारंग के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: कोयल, चातक, मोर, हंस, बाज़, सिंह, घोड़ा, हाथी, मृग, सूर्य, चंद्रमा, सोना, भौंरा, धनुष, बादल, समुद्र, शंख, कामदेव
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • पक्षी/जीव — कोयल, मोर, हंस, सिंह, घोड़ा आदि।
    • प्रकृति तत्व — सूर्य, चंद्रमा, बादल, समुद्र।
    • अन्य — सोना, भौंरा, शंख, कामदेव।

97. सार के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: तत्त्व, निष्कर्ष, रस, रसा, लाभ, धैर्य
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • तत्त्व/निष्कर्ष — निचोड़।
    • लाभ — फायदा।
    • धैर्य — संतोष।

98. सुवर्ण के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: सुनहरा, अच्छे वर्ण का, सोना
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • सुनहरा — स्वर्ण आभामय।
    • अच्छे वर्ण का — सुंदर गुणों वाला।
    • सोना — स्वर्ण धातु।

99. सूत्र के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: सूत, जनेऊ, गूढ़ अर्थ भरा संक्षिप्त वाक्य, संकेत, पता, नियम
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • सूत — धागा।
    • जनेऊ — यज्ञोपवीत।
    • संक्षिप्त वाक्य — सूत्र वाक्य।
    • संकेत/नियम — विधि।

100. हर के अनेकार्थक शब्द

  • प्रमुख अर्थ: प्रत्येक, शिव, हरण करने वाला, भिन्न के अंश के नीचे की संख्या
  • विस्तृत स्पष्टीकरण:
    • प्रत्येक — हर एक।
    • शिव — महादेव।
    • हरण करने वाला — चुराने वाला या दूर करने वाला।
    • भिन्न के नीचे की संख्या — गणितीय हर (Denominator)।

📌 परीक्षा के लिए विशेष टिप्स (Exam Tips)

  • 📌 प्रसंग की पहचान: अनेकार्थक शब्दों के प्रश्न हल करते समय वाक्य के प्रसंग (Context) को अवश्य ध्यान में रखें, क्योंकि सही अर्थ वाक्य की स्थिति पर निर्भर करता है।

  • 🎯 श्लेष और यमक अलंकार: काव्य में जहाँ एक ही शब्द के अनेक अर्थ चिपके हों, वहाँ श्लेष अलंकार होता है, और जहाँ शब्द की आवृत्ति हो किंतु अर्थ भिन्न हों, वहाँ यमक अलंकार होता है।

  • 💡 नियमित अभ्यास: कनक, अर्क, सारंग, हरि और नाग जैसे शब्दों के अनेकार्थक रूप परीक्षा में सबसे अधिक बार दोहराए जाते हैं, इसलिए इनका विशेष अभ्यास करें।

निष्कर्ष

संक्षेप में कहा जाए तो अनेकार्थक शब्द भाषा के शब्द-भंडार को समृद्ध बनाते हैं और उसकी व्यंजनाशक्ति को बढ़ाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे जुड़े प्रश्न सीधे शब्दों और उनके अर्थों के जोड़े के रूप में पूछे जाते हैं, इसलिए मानक पुस्तकों से इनका निरंतर अभ्यास करना सफलता की कुंजी है।

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🧠 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. अनेकार्थक शब्द किसे कहते हैं?
उत्तर: हिंदी भाषा में कुछ ऐसे शब्द प्रयोग में आते हैं, जिनके एक से अधिक (अनेक) अर्थ होते हैं। ये शब्द भिन्न-भिन्न प्रसंगों या संदर्भों के अनुसार अलग-अलग अर्थ प्रकट करते हैं; जैसे— ‘अंक’ का अर्थ गोद, संख्या और नाटक का अध्याय होता है।

Q2. 'कनक' शब्द के कौन-कौन से प्रमुख अनेकार्थक अर्थ हैं?
उत्तर: ‘कनक’ एक अत्यंत महत्वपूर्ण अनेकार्थक शब्द है, जिसके प्रमुख अर्थ धतूरा, सोना, गेहूँ और टेसू हैं। यमक अलंकार के प्रसिद्ध उदाहरण (“कनक कनक ते सौगुनी मादकता अधिकाय”) में इसी शब्द का प्रयोग अलग-अलग अर्थों में हुआ है।

Q3. 'हरि' शब्द के विभिन्न संदर्भों में क्या-क्या अर्थ होते हैं?
उत्तर: ‘हरि’ एक बहुअर्थी शब्द है जिसके अनेक संदर्भों में अर्थ विष्णु, इंद्र, सर्प, सिंह, घोड़ा, सूर्य, चंद्रमा, मर्कट (वानर), यमराज, हवा, ब्रह्मा और शिव आदि होते हैं।

Q4. अनेकार्थक शब्दों और पर्यायवाची शब्दों में क्या अंतर है?
उत्तर: पर्यायवाची शब्दों में अनेक शब्दों के अर्थ एक समान होते हैं (जैसे- कमल के लिए पंकज, नीरज), जबकि अनेकार्थक शब्दों में एक ही शब्द के भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में अलग-अलग अर्थ होते हैं (जैसे- ‘अक्ष’ का अर्थ आँख, धुरी, पासा आदि होता है)।

Q5. काव्य में अनेकार्थक शब्दों का क्या महत्त्व है?
उत्तर: अनेकार्थक शब्दों के कारण ही भाषा की व्यंजनाशक्ति में वृद्धि होती है। कविगण शब्दों के इसी गुण का प्रयोग करके श्लेष और यमक अलंकारों की सुंदर सृष्टि करते हैं।

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