UP TGT Hindi Syllabus 2026 खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज ने विज्ञापन संख्या 07/2026 के तहत सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक / TGT) के 17,735 पदों पर भर्ती निकाली है। इनमें अकेले हिंदी विषय के 2,791 पद हैं, जो सभी विषयों में सबसे अधिक हैं। परीक्षा 23 और 24 दिसंबर 2026 को होनी है, इसलिए अब सबसे ज़रूरी काम है सही और नया सिलेबस समझकर तैयारी शुरू करना।
इस लेख में आपको यूपी टीजीटी हिंदी सिलेबस 2026 आयोग की आधिकारिक PDF के शब्दों में मिलेगा। साथ में हर टॉपिक की आसान व्याख्या, नया परीक्षा पैटर्न, निगेटिव मार्किंग का गणित, हिंदी के पद, योग्यता, 7 सप्ताह की तैयारी योजना और अभ्यास प्रश्न भी दिए गए हैं। अगर आप Hinglish में “UP TGT Hindi syllabus kya hai” या “UP TGT Hindi new syllabus 2026 PDF” ढूँढ रहे थे, तो सारी जानकारी यहीं एक जगह है।
UP TGT Hindi 2026: एक नज़र में (Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भर्ती संस्था | उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज |
| पद | सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनक्रम) – TGT हिंदी (विषय कोड 01) |
| विज्ञापन संख्या | 07/2026 (प्रकाशन: 23.10.2026) |
| कुल पद (सभी विषय) | 17,735 (बालक विद्यालय 16,193 + बालिका विद्यालय 1,542) |
| हिंदी के पद | 2,791 (बालक 2,539 + बालिका 252) |
| ऑनलाइन आवेदन | 24.10.2026 से; शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 23.11.2026; संशोधन 26.11.2026 तक |
| लिखित परीक्षा | 23 व 24 दिसंबर 2026 |
| प्रश्न / अंक / समय | 120 प्रश्न / 360 अंक / 2 घंटे |
| निगेटिव मार्किंग | हाँ, हर गलत या एक से अधिक उत्तर पर 1 अंक कटेगा |
| चयन | केवल लिखित परीक्षा की मेरिट (TGT में इंटरव्यू नहीं) |

UP TGT Hindi Syllabus 2026: आयोग का आधिकारिक पाठ्यक्रम
नीचे UPESSC TGT Hindi Syllabus ठीक उसी क्रम और शब्दों में दिया गया है, जैसा आयोग की PDF “प्रशिक्षित स्नातक (TGT) हिन्दी (Subject Code- 01)” में छपा है। इसमें कुल छह भाग हैं।

टीजीटी हिंदी नया सिलेबस: पुराने और नए सिलेबस में क्या बदला?
आयोग की वेबसाइट पर पुराना सिलेबस भी “Old Syllabus” नाम से रखा है। दोनों का मिलान करने पर विषय-वस्तु लगभग वही मिलती है, पर नीचे दिए बदलाव सीधे आपकी तैयारी पर असर डालते हैं:
| बिंदु | पुराना सिलेबस (UPSESSB) | नया सिलेबस (UPESSC, 2026 से) |
|---|---|---|
| संस्कृत रचनाकार | कालिदास, भवभूति, भारवि, माघ, दण्डी, श्रीहर्ष | भास नया जुड़ा; अब कुल 7 रचनाकार |
| भाषा वाला भाग | हिन्दी की बोलियाँ, विभाषाएँ | हिन्दी की बोलियाँ, भाषाएँ |
| परीक्षा में प्रश्न | केवल विषय से 125 प्रश्न | विषय 90 + सामान्य ज्ञान 30 = 120 प्रश्न |
| निगेटिव मार्किंग | नहीं थी | हर गलत उत्तर पर 1 अंक कटेगा |
मतलब साफ़ है: हिंदी का हिस्सा अब 125 की जगह 90 प्रश्नों का है, इसलिए हर प्रश्न का वज़न बढ़ गया है। साथ ही अंदाज़े से उत्तर देना अब नुकसान कर सकता है।
UP TGT Hindi Exam Pattern 2026 (नया परीक्षा पैटर्न)
विज्ञापन 07/2026 के बिंदु 9(क) के अनुसार यूपी टीजीटी परीक्षा पैटर्न 2026 इस प्रकार है:
| भाग | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| सामान्य ज्ञान (TGT व PGT दोनों के लिए समान) | 30 | 90 |
| संबंधित विषय – हिंदी | 90 | 270 |
| कुल | 120 | 360 |
- सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होंगे। हर प्रश्न में 4 विकल्प होंगे, जिनमें से सबसे उपयुक्त एक चुनना है।
- परीक्षा की अवधि 2 घंटे है। OMR शीट पर काले बॉल पॉइंट पेन से गोला भरना है।
- सही उत्तर पर +3 अंक मिलेंगे। गलत उत्तर या एक से अधिक गोले भरने पर 1 अंक घटेगा।
- प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में होगा, भाषा विषयों को छोड़कर। यानी हिंदी विषय के प्रश्न हिंदी में ही आएँगे।
- TGT में इंटरव्यू नहीं है। चयन सीधे 360 अंकों की लिखित मेरिट से होगा। अंक बराबर होने पर पहले स्नातक का प्रतिशत, फिर प्रशिक्षण अर्हता का प्रतिशत, और फिर अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को ऊपर रखा जाएगा।
सामान्य ज्ञान के 30 प्रश्नों का सिलेबस (TGT व PGT)
हिंदी के साथ 30 प्रश्न सामान्य ज्ञान से भी आएँगे। आयोग की “सामान्य ज्ञान – प्रशिक्षित स्नातक (TGT) एवं प्रवक्ता (PGT)” PDF में इसकी तीन इकाइयाँ हैं:
- इकाई 1 – समसामयिकी: राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, चर्चित व्यक्तित्व, खेल।
- इकाई 2 – भारतीय इतिहास, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था और भूगोल: भारतीय इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन; भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था, शैक्षिक व्यवस्था से संबंधित विधिक एवं संवैधानिक विकास; भारतीय अर्थव्यवस्था; भारत का सामान्य भूगोल एवं जनसंख्या।
- इकाई 3 – सामान्य विज्ञान, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी: सामान्य विज्ञान, समसामयिक संदर्भ में प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण; मानव स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (विटामिन, खनिज, रोग, अल्पताजन्य रोग, हार्मोन्स, एन्ज़ाइम); कंप्यूटर और इंटरनेट शब्दावली; ICT के अनुप्रयोग; शैक्षिक प्रौद्योगिकी में विकास।
ध्यान दें: आधिकारिक GK सिलेबस में “उत्तर प्रदेश विशेष GK” या “शिक्षण अभिक्षमता” नाम से कोई अलग इकाई नहीं है, जबकि कई जगह ऐसा लिखा मिल रहा है। फिर भी “राज्य की सामयिक घटनाएँ” में उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रश्न आ सकते हैं। “शैक्षिक व्यवस्था से संबंधित विधिक विकास” (जैसे शिक्षा का अधिकार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति) पर भी ध्यान रखें।
UP TGT Hindi Syllabus in Hindi: हर भाग की विस्तृत व्याख्या
अब यूपी टीजीटी हिंदी पाठ्यक्रम के हर भाग को खोलकर देखते हैं कि उसमें वास्तव में क्या पढ़ना है और किस तरह के प्रश्न बनते हैं।
1. हिंदी साहित्य का इतिहास: सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद भाग
यह भाग पूरे सिलेबस की रीढ़ है। पहले चारों कालों का क्रम और नामकरण पक्का करें। इसके लिए हिंदी साहित्य के इतिहास का काल विभाजन पढ़ लेना अच्छी शुरुआत है। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने आदिकाल को “वीरगाथा काल” कहा, जबकि आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने “आदिकाल” नाम को उचित माना। ऐसे नामकरण वाले प्रश्न लगभग हर परीक्षा में आते हैं।
- आदिकाल: सिद्ध साहित्य (सरहपा), नाथ साहित्य (गोरखनाथ), जैन साहित्य, रासो साहित्य (चंदबरदाई – पृथ्वीराज रासो, नरपति नाल्ह – बीसलदेव रासो, जगनिक – परमाल रासो) और लौकिक साहित्य (अमीर खुसरो, विद्यापति)। विस्तार के लिए रासो काव्य की विशेषताएँ देखें।
- भक्तिकाल – संत काव्य: कबीर (बीजक – साखी, सबद, रमैनी), रैदास, दादू दयाल, गुरु नानक, सुंदरदास। निर्गुण ब्रह्म, गुरु की महिमा और बाह्याडंबर का विरोध इसकी मुख्य प्रवृत्तियाँ हैं।
- भक्तिकाल – सूफ़ी काव्य: मुल्ला दाऊद (चंदायन), कुतुबन (मृगावती), मंझन (मधुमालती), मलिक मुहम्मद जायसी (पद्मावत), उसमान (चित्रावली)। रचना और कवि के मिलान वाले प्रश्न यहीं से बनते हैं।
- भक्तिकाल – राम काव्य: राम काव्य केवल तुलसीदास तक सीमित नहीं है। अग्रदास, नाभादास (भक्तमाल), प्राणचंद चौहान और हृदयराम भी पढ़ें। देखें: राम भक्ति काव्य धारा की विशेषताएँ।
- भक्तिकाल – कृष्ण काव्य: सूरदास (सूरसागर), अष्टछाप के आठ कवि (वल्लभाचार्य के शिष्य – सूरदास, कुंभनदास, परमानंददास, कृष्णदास; विट्ठलनाथ के शिष्य – नंददास, चतुर्भुजदास, छीतस्वामी, गोविंदस्वामी), मीराबाई, रसखान। विस्तार: कृष्ण भक्ति काव्य धारा।
- रीतिकाल: सिलेबस में रीतिकाल का केवल नाम है, पर प्रश्न इसकी तीनों धाराओं से आते हैं: रीतिबद्ध (चिंतामणि, मतिराम, देव, भिखारीदास, पद्माकर), रीतिसिद्ध (बिहारी – बिहारी सतसई) और रीतिमुक्त (घनानंद, बोधा, आलम, ठाकुर)।
- आधुनिक काल: भारतेंदु युग (नवजागरण, देशभक्ति, समाज-सुधार), द्विवेदी युग (1903 से “सरस्वती” पत्रिका का संपादन, खड़ी बोली का परिष्कार), छायावाद (प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी), प्रगतिवाद (1936 में लखनऊ में प्रगतिशील लेखक संघ, अध्यक्षता प्रेमचंद), प्रयोगवाद (1943 – “तार सप्तक”, संपादक अज्ञेय) और नयी कविता (1954 में “नयी कविता” पत्रिका, संपादक जगदीश गुप्त)।
किस तरह के प्रश्न आते हैं: कवि और रचना का मिलान, रचनाओं का कालक्रम, “कौन-सा कवि अष्टछाप में नहीं है”, “निम्न में से कौन-सी विशेषता छायावाद की नहीं है”, और किसी पंक्ति के कवि की पहचान।
2. हिंदी गद्य साहित्य का विकास और रचनाकार–रचनाएँ
गद्य में चार बड़ी विधाएँ (निबंध, नाटक, उपन्यास, कहानी) और सात लघु विधाएँ (जीवनी, आत्मकथा, संस्मरण, रेखाचित्र, यात्रा-साहित्य, गद्यकाव्य, व्यंग्य) सिलेबस में हैं। हर विधा के तत्त्व, विकास के चरण और प्रमुख लेखक-रचनाएँ पढ़ें। उपयोगी लेख: निबंध के तत्त्व, नाटक के तत्त्व, उपन्यास के तत्त्व, संस्मरण और रेखाचित्र।
नए सिलेबस में “हिन्दी के रचनाकार एवं उनकी रचनाएँ” एक अलग पंक्ति के रूप में दिया गया है। इसका मतलब है कि लेखक-कृति मिलान के प्रश्न केवल गद्य से ही नहीं, पूरे साहित्य से आ सकते हैं। नीचे की तालिका से शुरुआत करें:
| विधा | रचनाकार | प्रमुख रचनाएँ |
|---|---|---|
| उपन्यास | प्रेमचंद | सेवासदन, रंगभूमि, गबन, कर्मभूमि, गोदान |
| उपन्यास | फणीश्वरनाथ रेणु | मैला आँचल, परती परिकथा |
| कहानी | चंद्रधर शर्मा गुलेरी | उसने कहा था |
| नाटक | जयशंकर प्रसाद | स्कंदगुप्त, चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी |
| नाटक | मोहन राकेश | आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, आधे-अधूरे |
| निबंध | आचार्य रामचंद्र शुक्ल | चिंतामणि |
| निबंध | हजारीप्रसाद द्विवेदी | अशोक के फूल, कुटज, शिरीष के फूल |
| आत्मकथा | बनारसीदास जैन | अर्धकथानक (हिंदी की पहली आत्मकथा) |
| आत्मकथा | हरिवंशराय बच्चन | क्या भूलूँ क्या याद करूँ, नीड़ का निर्माण फिर |
| जीवनी | विष्णु प्रभाकर | आवारा मसीहा (शरत्चंद्र की जीवनी) |
| संस्मरण / रेखाचित्र | महादेवी वर्मा | अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ, पथ के साथी |
| यात्रा-साहित्य | राहुल सांकृत्यायन | मेरी तिब्बत यात्रा, घुमक्कड़ शास्त्र |
| व्यंग्य | हरिशंकर परसाई | विकलांग श्रद्धा का दौर, सदाचार का तावीज़ |
| व्यंग्य उपन्यास | श्रीलाल शुक्ल | राग दरबारी |
3. काव्य के भेद: रस, छंद, अलंकार, काव्यगुण और काव्यदोष
यह भाग अंक दिलाने वाला है, क्योंकि इसके प्रश्न सीधे नियम पर आधारित होते हैं।
- रस के अवयव: स्थायी भाव, विभाव (आलंबन और उद्दीपन), अनुभाव और संचारी (व्यभिचारी) भाव। संचारी भाव 33 माने जाते हैं। भरतमुनि का रस-सूत्र “विभावानुभावव्यभिचारिसंयोगाद्रसनिष्पत्तिः” याद रखें। देखें: रस के अंग (अवयव)।
- रस के भेद: शृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, वीभत्स, अद्भुत और शांत। साथ ही वात्सल्य और भक्ति रस भी पढ़ें। हर रस का स्थायी भाव पूछा जाता है।
- छंद: मात्रिक छंद – दोहा (13-11), सोरठा (11-13), चौपाई (हर चरण 16 मात्राएँ), रोला (11-13), हरिगीतिका (28 मात्राएँ), बरवै (12-7)। मिश्रित छंद – कुंडलिया (दोहा + रोला), छप्पय (रोला + उल्लाला)। वर्णिक छंद – कवित्त (31 वर्ण), सवैया (22 से 26 वर्ण)।
- अलंकार: शब्दालंकार (अनुप्रास, यमक, श्लेष, वक्रोक्ति) और अर्थालंकार (उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, संदेह, भ्रांतिमान, विभावना आदि)। उदाहरण पहचानने का अभ्यास करें। आधार के लिए अलंकार की परिभाषा देखें।
- काव्यगुण और काव्यदोष: माधुर्य, ओज और प्रसाद गुण; श्रुतिकटुत्व, च्युतसंस्कृति, ग्राम्यत्व, अश्लीलत्व जैसे दोष। देखें: काव्य गुण और काव्य दोष।
4. भाषा: बोलियाँ, शब्द-संपदा, ध्वनियाँ और देवनागरी लिपि
- बोलियाँ: हिंदी की 5 उपभाषाएँ (पश्चिमी हिंदी, पूर्वी हिंदी, राजस्थानी, बिहारी, पहाड़ी) और उनकी बोलियाँ। पश्चिमी हिंदी की बोलियाँ हैं खड़ी बोली, ब्रज, हरियाणवी, बुंदेली और कन्नौजी। पूर्वी हिंदी की बोलियाँ हैं अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी। “कौन-सी बोली इस वर्ग की नहीं है” वाला प्रश्न बहुत पूछा जाता है।
- शब्द-संपदा: तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशज (आगत) शब्द।
- ध्वनियाँ: स्वर और व्यंजनों का वर्गीकरण, उच्चारण-स्थान (कंठ्य, तालव्य, मूर्धन्य, दंत्य, ओष्ठ्य), अल्पप्राण-महाप्राण, घोष-अघोष। देखें: वर्ण विचार।
- देवनागरी लिपि: ब्राह्मी लिपि से विकास, विशेषताएँ, कमियाँ और सुधार के प्रयास। सिलेबस में “मानकीकरण” शब्द अलग से लिखा है, इसलिए मानक वर्तनी के नियम भी पढ़ें। विस्तार: देवनागरी लिपि का इतिहास, विशेषताएँ और सुधार।
5. व्याकरण: सबसे ज़्यादा अभ्यास माँगने वाला भाग
लिंग, वचन, कारक, संधि, समास, वर्तनी, वाक्य-शुद्धि, पर्यायवाची, विलोम, श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरे और लोकोक्तियाँ – ये सभी रोज़ थोड़ा-थोड़ा अभ्यास माँगते हैं। तैयारी के लिए उपयोगी लेख: संधि के नियम और उदाहरण, 300+ पर्यायवाची शब्द, वाक्य शुद्धि के नियम और अनेकार्थक शब्द।
सावधानी: वाक्य-शुद्धि और वर्तनी के प्रश्नों में दो विकल्प अक्सर बहुत मिलते-जुलते होते हैं। निगेटिव मार्किंग के कारण यहीं सबसे ज़्यादा अंक कटते हैं।
6. संस्कृत साहित्य: भास से श्रीहर्ष तक
टीजीटी हिंदी में संस्कृत का भाग छोटा दिखता है, पर इसके प्रश्न तय होते हैं। सात रचनाकार और उनकी रचनाएँ यह हैं:
| रचनाकार | प्रमुख रचनाएँ |
|---|---|
| भास (नया जुड़ा नाम) | स्वप्नवासवदत्तम्, प्रतिज्ञायौगन्धरायणम्, उरुभंगम्, कर्णभारम्, दूतवाक्यम्, बालचरितम्। भास के 13 नाटक टी. गणपति शास्त्री ने खोजे थे। |
| कालिदास | अभिज्ञानशाकुन्तलम्, विक्रमोर्वशीयम्, मालविकाग्निमित्रम् (नाटक); रघुवंशम्, कुमारसम्भवम् (महाकाव्य); मेघदूतम्, ऋतुसंहारम् (खंडकाव्य) |
| भवभूति | उत्तररामचरितम्, महावीरचरितम्, मालतीमाधवम् |
| भारवि | किरातार्जुनीयम् |
| माघ | शिशुपालवधम् |
| दण्डी | दशकुमारचरितम्, काव्यादर्श |
| श्रीहर्ष | नैषधीयचरितम् |
संस्कृत व्याकरण में स्वर और व्यंजन संधि, समास, शब्द रूप (राम, हरि, लता आदि), धातु रूप (पठ्, गम् आदि), कारक प्रयोग और हिंदी-संस्कृत अनुवाद आते हैं। अनुवाद के प्रश्नों में अक्सर लकार और विभक्ति की पहचान पूछी जाती है।
UP TGT Hindi Vacancy 2026: हिंदी के पद और योग्यता
आधिकारिक विज्ञापन की सारणी-1 के अनुसार UP TGT Hindi vacancy 2026 का वर्गवार विवरण:
| विद्यालय | सामान्य | SC | ST | OBC | EWS | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| बालक | 961 | 531 | 4 | 566 | 477 | 2,539 |
| बालिका | 115 | 41 | 0 | 58 | 38 | 252 |
| कुल | 1,076 | 572 | 4 | 624 | 515 | 2,791 |
शैक्षिक योग्यता (हिंदी):
- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एक विषय के रूप में हिंदी के साथ न्यूनतम 50% अंकों सहित स्नातक, या न्यूनतम 45% अंकों सहित हिंदी में स्नातकोत्तर। साथ ही संस्कृत की योग्यता भी ज़रूरी है: स्नातक में एक विषय संस्कृत हो, या संस्कृत के साथ इंटरमीडिएट, या उ.प्र. संस्कृत शिक्षा परिषद की उत्तर मध्यमा परीक्षा उत्तीर्ण हो।
- NCTE द्वारा मान्य पाठ्यक्रम से B.Ed.
- उ.प्र. सरकार या भारत सरकार द्वारा आयोजित उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण।
आयु, वेतन और शुल्क: 01 जुलाई 2026 को न्यूनतम आयु 21 वर्ष, और पद की अधिवर्षता आयु 62 वर्ष है। वेतनमान लेवल-7 (₹44,900 से ₹1,42,400) है। आवेदन शुल्क सामान्य/OBC/EWS के लिए ₹1,000, SC/ST के लिए ₹500 और दिव्यांगजन के लिए ₹300 है।
UP TGT Hindi ki taiyari kaise kare: 7 सप्ताह की योजना
परीक्षा में लगभग सात सप्ताह बचे हैं। टीजीटी हिंदी की तैयारी कैसे करें, इसके लिए यह व्यावहारिक योजना अपनाएँ। हर दिन 2 घंटे साहित्य, 1 घंटा व्याकरण और 30 मिनट सामान्य ज्ञान को दें।
| सप्ताह | हिंदी (मुख्य फोकस) | साथ में |
|---|---|---|
| 1 | आदिकाल और भक्तिकाल की चारों धाराएँ | संधि, समास |
| 2 | रीतिकाल, भारतेंदु युग, द्विवेदी युग | लिंग, वचन, कारक; GK इकाई 2 |
| 3 | छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नयी कविता | पर्यायवाची, विलोम, एक शब्द |
| 4 | गद्य की सभी विधाएँ + रचनाकार–रचनाएँ | मुहावरे, लोकोक्तियाँ; GK इकाई 3 |
| 5 | रस, छंद, अलंकार, काव्यगुण, काव्यदोष | वर्तनी, वाक्य-शुद्धि |
| 6 | भाषा, बोलियाँ, देवनागरी + संस्कृत साहित्य व व्याकरण | समसामयिकी (GK इकाई 1) |
| 7 | पूरा रिवीज़न + रोज़ एक 120 प्रश्नों का मॉक टेस्ट (2 घंटे में) | गलतियों की सूची बनाकर दोहराना |
- हर टॉपिक के बाद कम से कम 20 MCQ हल करें, ताकि निगेटिव मार्किंग वाली सावधानी आदत बन जाए।
- पिछले वर्षों के UP TGT हिंदी प्रश्नपत्र ज़रूर हल करें। इनसे पता चलता है कि किस टॉपिक से कितनी गहराई में प्रश्न आते हैं।
- कवि-रचना और संस्कृत रचनाकारों की एक पन्ने की सूची बनाकर रोज़ सुबह 10 मिनट दोहराएँ।
📚 UP TGT हिंदी की तैयारी के लिए हमारे नोट्स और प्रश्नोत्तरी
ऊपर बताए सिलेबस के बड़े हिस्से के लिए हमारे स्टोर पर प्रामाणिक नोट्स और कठिन स्तर की MCQ प्रश्नोत्तरी उपलब्ध हैं:
- हिंदी साहित्य का इतिहास नोट्स PDF
- आदिकाल MCQ प्रश्नोत्तरी, भक्तिकाल MCQ प्रश्नोत्तरी, रीतिकाल MCQ प्रश्नोत्तरी और आधुनिक काल MCQ प्रश्नोत्तरी
- गद्य विधाएँ नोट्स PDF
- साहित्य शास्त्र नोट्स और हिंदी भाषा का विकास नोट्स
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UP TGT Hindi अभ्यास प्रश्न (नए सिलेबस पर आधारित)
पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर खोलकर मिलाएँ।
प्रश्न 1. UPESSC के नए TGT हिंदी सिलेबस में संस्कृत रचनाकारों की सूची में कौन-सा नाम नया जोड़ा गया है?
(A) माघ (B) भास (C) दण्डी (D) श्रीहर्ष
✅ उत्तर देखें
(B) भास। पुराने सिलेबस में कालिदास, भवभूति, भारवि, माघ, दण्डी और श्रीहर्ष थे। नए सिलेबस में भास सबसे पहले जोड़ा गया है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
(A) भारवि – किरातार्जुनीयम् (B) माघ – शिशुपालवधम् (C) भवभूति – उत्तररामचरितम् (D) दण्डी – स्वप्नवासवदत्तम्
✅ उत्तर देखें
(D) स्वप्नवासवदत्तम् भास की रचना है। दण्डी की रचनाएँ दशकुमारचरितम् और काव्यादर्श हैं।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सा छंद मात्रिक नहीं है?
(A) दोहा (B) चौपाई (C) कवित्त (D) रोला
✅ उत्तर देखें
(C) कवित्त। कवित्त (मनहरण) वर्णिक छंद है, जिसके प्रत्येक चरण में 31 वर्ण होते हैं। बाकी तीनों मात्रिक छंद हैं।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन-सी बोली पश्चिमी हिंदी वर्ग की नहीं है?
(A) ब्रज (B) बुंदेली (C) अवधी (D) कन्नौजी
✅ उत्तर देखें
(C) अवधी। अवधी पूर्वी हिंदी की बोली है। पूर्वी हिंदी में अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी आती हैं।
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से कौन रीतिमुक्त कवि नहीं है?
(A) घनानंद (B) बोधा (C) बिहारी (D) ठाकुर
✅ उत्तर देखें
(C) बिहारी। बिहारी रीतिसिद्ध कवि माने जाते हैं। घनानंद, बोधा, आलम और ठाकुर रीतिमुक्त कवि हैं।
प्रश्न 6. एक अभ्यर्थी ने UP TGT 2026 में 120 में से 96 प्रश्न हल किए, जिनमें 78 सही हैं। उसके कुल अंक होंगे:
(A) 216 (B) 234 (C) 228 (D) 252
✅ उत्तर देखें
(A) 216। सही उत्तर 78 × 3 = 234। गलत उत्तर 96 − 78 = 18, यानी 18 अंक घटेंगे। कुल 234 − 18 = 216।
महत्त्वपूर्ण आधिकारिक लिंक
- TGT हिंदी का आधिकारिक सिलेबस PDF: यहाँ देखें
- TGT/PGT सामान्य ज्ञान सिलेबस PDF: यहाँ देखें
- विज्ञापन संख्या 07/2026 (पूरा विज्ञापन): यहाँ देखें
- सभी विषयों के सिलेबस: upessc.up.gov.in
निष्कर्ष
UP TGT Hindi Syllabus 2026 का मूल ढाँचा पुराना ही है, पर नया पैटर्न इसे पहले से कठिन बनाता है। हिंदी के प्रश्न घटकर 90 रह गए हैं, सामान्य ज्ञान के 30 प्रश्न जुड़ गए हैं और हर गलत उत्तर पर एक अंक कटेगा। संस्कृत में भास का जुड़ना भी ध्यान रखने योग्य बदलाव है। सही रणनीति यही है कि साहित्य के इतिहास और काव्यशास्त्र को मज़बूत आधार बनाएँ, व्याकरण का रोज़ अभ्यास करें, और अंतिम सप्ताह में समय सीमा के साथ मॉक टेस्ट दें।
UP TGT Hindi Syllabus 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
लेखक परिचय: केवल कृष्ण घोड़ेला
एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)
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