काव्यशास्त्र

कारयित्री और भावयित्री प्रतिभा में क्या अंतर है?

कारयित्री और भावयित्री प्रतिभा में क्या अंतर है?

कवि का उपकार करने वाली प्रतिभा कारयित्री प्रतिभा कहलाती है जबकि भाव का उपकार करने वाली प्रतिभा भावयित्री कहलाती है। भावयित्री प्रतिभा कवि के श्रम और अभिप्राय का बोध कराती है।

कारयित्री प्रतिभा 3 प्रकार की होती हैं— (i) सहजा (जन्मान्तर के संस्कार से प्राप्त प्रतिभा) (ii) आहार्या (वर्तमान जन्म के संस्कारों से उत्पन्न) और (iii) औपदेशिकी (मंत्रतंत्रादि से उत्पन्न)।

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