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हिंदी साहित्य: प्रयोगवाद और तार सप्तक से जुड़े अति महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

प्रयोगवाद (Prayogvaad) से जुड़े 30 सबसे महत्वपूर्ण और बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न-उत्तर (FAQs)

हिंदी साहित्य के आधुनिक काल के इतिहास में ‘प्रयोगवाद’ एक ऐसा क्रांतिकारी पड़ाव है, जिसने कविता को पारंपरिक जकड़बंदियों और रूढ़ियों से मुक्त कर आधुनिक मानव की आंतरिक चेतना, बौद्धिक संघर्ष और यथार्थ धरातल से जोड़ा था। हिंदी यूजीसी नेट (UGC NET), जेआरएफ (JRF), पीजीटी (PGT), टीजीटी (TGT) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए प्रयोगवाद, इसके प्रवर्तक अज्ञेय, चारों तार-सप्तक और इसकी प्रमुख प्रवृत्तियों से जुड़े प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस लेख में हमने परीक्षा की दृष्टि से बार-बार पूछे जाने वाले प्रयोगवाद के 30 सबसे महत्वपूर्ण और चुनिंदा प्रश्न-उत्तर (FAQs) को सरल और स्पष्ट रूप में संकलित किया है, जो आपके रिवीजन और अभ्यास के लिए बेहद मददगार साबित होंगे।

❓ प्रयोगवाद से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs):

Q1: प्रयोगवाद किसे कहते हैं?
उत्तर: प्रगतिवाद की एकरसता के विपरीत नए भाव-बोधों, नवीन संवेदनाओं और शिल्पगत चमत्कारों को लेकर शुरू हुए हिंदी कविता के आंदोलन को ‘प्रयोगवाद’ कहा जाता है।

Q2: हिंदी साहित्य में प्रयोगवाद के प्रवर्तक कौन हैं?
उत्तर: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ को हिंदी साहित्य में प्रयोगवाद का प्रवर्तक माना जाता है।

Q3: प्रयोगवाद का समय कब से कब तक माना जाता है?
उत्तर: हिंदी साहित्य में प्रयोगवाद का सामान्य कालखंड सन 1943 ईस्वी से 1951 ईस्वी तक माना जाता है।

Q4: प्रयोगवाद को ‘प्रयोगवाद’ नाम सबसे पहले किसने दिया था?
उत्तर: इस काव्यधारा को ‘प्रयोगवाद’ नाम सर्वप्रथम आचार्य नंददुलारे वाजपेयी ने अपने निबंध ‘प्रयोगवादी रचनाएँ’ में दिया था।

Q5: ‘तार सप्तक’ का प्रकाशन वर्ष क्या है और इसके संपादक कौन हैं?
उत्तर: ‘तार सप्तक’ (प्रथम तार सप्तक) का प्रकाशन सन 1943 में हुआ था और इसके संपादक अज्ञेय जी थे।

Q6: डॉ. बच्चन सिंह के अनुसार प्रयोगवाद का मूलाधार क्या है?
उत्तर: डॉ. बच्चन सिंह के अनुसार, प्रयोगवाद का मूलाधार ‘वैयक्तिकृता’ या ‘व्यक्तिवाद’ (प्राइवेसी) है।

Q7: डॉ. नगेंद्र ने प्रयोगवाद के बारे में क्या परिभाषा दी है?
उत्तर: डॉ. नगेंद्र के अनुसार, प्रयोगवाद उन कविताओं के लिए रूढ़ हो गया है जो नए भाव-बोधों और शिल्पगत चमत्कारों को लेकर ‘तार-सप्तक’ के माध्यम से सामने आईं।

Q8: लक्ष्मीकांत वर्मा के अनुसार प्रयोगवाद क्या है?
उत्तर: लक्ष्मीकांत वर्मा के अनुसार, “प्रयोगवाद ज्ञान से अज्ञान की ओर बढ़ने की बौद्धिक जागरूकता है।”

Q9: प्रयोगवाद और नई कविता का संबंध क्या है?
उत्तर: प्रयोगवाद का ही विकसित और परिपक्व रूप आगे चलकर हिंदी साहित्य में ‘नई कविता’ के रूप में स्थापित हुआ।

Q10: हिंदी का प्रयोगवादी आंदोलन मुख्य रूप से किस विदेशी आंदोलन से प्रभावित था?
उत्तर: हिंदी का प्रयोगवादी आंदोलन मूलतः पश्चिम (ब्रिटेन) के ‘न्यू सिगनेचर’ (New Signatures) आंदोलन से प्रभावित माना जाता है।

Q11: प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताएँ या प्रवृत्तियाँ क्या हैं?
उत्तर: घोर वैयक्तिकृता, अतिशय बौद्धिकता, कुंठा और निराशा का चित्रण, नवीन प्रतीक-बिंब विधान और प्रयोगधर्मिता इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं।

Q12: प्रथम ‘तार सप्तक’ (1943) के 7 कवि कौन-कौन थे?
उत्तर: अज्ञेय, प्रभाकर माचवे, भारत भूषण अग्रवाल, गिरिजाकुमार माथुर, रामविलास शर्मा, मुक्तिबोध और नेमिचंद्र जैन।

Q13: ‘दूसरा सप्तक’ किस वर्ष प्रकाशित हुआ और इसके कवि कौन हैं?
उत्तर: दूसरा सप्तक 1951 में प्रकाशित हुआ। इसके कवि शकुंतला माथुर, भवानी प्रसाद मिश्र, धर्मवीर भारती, नरेश मेहता, शमशेर बहादुर सिंह, हरिनारायण व्यास और रघुवीर सहाय हैं।

Q14: ‘तीसरा सप्तक’ (1959) के प्रमुख कवि कौन हैं?
उत्तर: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, मदन वात्स्यायन, विजयदेव नारायण साही, प्रयाग नारायण त्रिपाठी, केदारनाथ सिंह, कुँवर नारायण और कीर्ति चौधरी।

Q15: ‘चतुर्थ सप्तक’ का प्रकाशन कब हुआ और इसके कवि कौन हैं?
उत्तर: चतुर्थ सप्तक 1979 में प्रकाशित हुआ। इसके कवि राजेंद्र किशोर, श्री राम वर्मा, सुमन राजे, नंदकिशोर आचार्य, स्वदेश भारती, राजकुमार अंबुज और अवधेश कुमार हैं।

Q16: अज्ञेय जी का प्रसिद्ध काव्य-संग्रह ‘आँगन के पार द्वार’ किस वर्ष प्रकाशित हुआ?
उत्तर: अज्ञेय जी का यह प्रसिद्ध संग्रह 1961 में प्रकाशित हुआ था, जिस पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।

Q17: ‘अंधा युग’ किसकी रचना है और इसका मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: यह धर्मवीर भारती का प्रसिद्ध गीतिनाट्य है जो महाभारत युद्ध के अंतिम चरण और उसकी विभीषिका व व्यर्थता पर आधारित है।

Q18: गजानन माधव मुक्तिबोध का प्रसिद्ध काव्य-संग्रह कौन सा है?
उत्तर: मुक्तिबोध का एकमात्र चर्चित काव्य-संग्रह ‘चाँद का मुँह टेढ़ा है’ (1964) है, जिसमें ‘अंधेरे में’ कविता संकलित है।

Q19: ‘कवियों का कवि’ किसे कहा जाता है?
उत्तर: शमशेर बहादुर सिंह को अज्ञेय जी ने ‘कवियों का कवि’ की उपाधि से सम्मानित किया था।

Q20: ‘कविता के गाँधी’ के रूप में किसे जाना जाता है?
उत्तर: सहजता के कवि भवानी प्रसाद मिश्र को ‘कविता के गाँधी’ कहा जाता है।

Q21: ‘गीत फरोश’ किसकी प्रसिद्ध रचना है?
उत्तर: ‘गीत फरोश’ भवानी प्रसाद मिश्र की अत्यंत लोकप्रिय और चर्चित कविता है।

Q22: ‘संशय की एक रात’ के रचयिता कौन हैं?
उत्तर: ‘संशय की एक रात’ नरेश मेहता की एक अत्यंत प्रतिष्ठित और दार्शनिक रचना है।

Q23: ‘आत्महत्या के विरुद्ध’ किसका प्रसिद्ध काव्य-संग्रह है?
उत्तर: यह प्रसिद्ध काव्य-संग्रह रघुवीर सहाय द्वारा रचित है।

Q24: ‘रंगों के कवि’ के रूप में किसे जाना जाता है?
उत्तर: आलोचक डॉ. बच्चन सिंह ने गिरिजाकुमार माथुर को ‘रंगों का कवि’ कहा है।

Q25: अज्ञेय जी ने किस पत्रिका के माध्यम से प्रयोगवाद को आगे बढ़ाया?
उत्तर: अज्ञेय जी ने ‘प्रतीक’ नामक पत्रिका का संपादन करके प्रयोगवाद और नई कविता को दिशा दी थी।

Q26: ‘बुनी हुई रस्सी’ के लिए किसे साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला?
उत्तर: यह पुरस्कार भवानी प्रसाद मिश्र को उनकी इस कृति के लिए प्रदान किया गया था।

Q27: प्रयोगवादी कवियों का मुख्य दृष्टिकोण कैसा था?
उत्तर: प्रयोगवादी कवियों का दृष्टिकोण एक अन्वेषी (खोजकर्ता) की तरह था, जो रूढ़ियों को तोड़कर नए रास्ते तलाश रहे थे।

Q28: ‘असाध्य वीणा’ किसकी लंबी कविता है?
उत्तर: ‘असाध्य वीणा’ सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ की एक अत्यंत प्रसिद्ध और दार्शनिक कविता है।

Q29: दूसरे सप्तक की एकमात्र कवयित्री कौन थीं?
उत्तर: शकुंतला माथुर ‘दूसरा सप्तक’ (1951) की एकमात्र प्रमुख कवयित्री थीं।

Q30: प्रयोगवाद को ‘अतिथार्थवादी काव्य परंपरा’ किसने कहा है?
उत्तर: डॉ. गणपतिचंद्र गुप्त ने प्रयोगवाद और नई कविता को संयुक्त रूप से ‘अतिथार्थवादी काव्य परंपरा’ कहा है।

 

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