रीतिकाल काव्य

बिहारी रत्नाकर (जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’) : 85+ अति महत्वपूर्ण MCQ

जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’ द्वारा संपादित ‘बिहारी रत्नाकर’ एवं बिहारी सतसई पर आधारित 85+ अति महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)। TGT, PGT, UGC NET, Assistant Professor एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी।

रीतिकाल के सर्वश्रेष्ठ रीतिसिद्ध कवि बिहारीलाल द्वारा रचित ‘बिहारी सतसई’ पर महाकवि जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’ द्वारा रचित टीका ‘बिहारी रत्नाकर’ हिन्दी साहित्य की एक अप्रतिम कृति है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे TGT, PGT, UGC NET, Set, Assistant Professor) में बिहारी के दोहों की व्याख्या, अलंकार, छंद, भाव-सौंदर्य और जीवन वृत्त से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।

इस लेख में ‘बिहारी रत्नाकर’ पर आधारित 85+ अति महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) उत्तर सहित संकलित किए गए हैं।

🎯 मुख्य वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर (MCQs)

1. बिहारी का जीवन परिचय एवं सामान्य तथ्य

Q1. बिहारी के जन्म और मृत्यु से संबंधित सही संवत का विकल्प कौन-सा है?

(A) 1600 वि.सं. – 1670 वि.सं.

(B) 1652 वि.सं. – 1720 वि.सं.

(C) 1700 वि.सं. – 1765 वि.सं.

(D) 1595 वि.सं. – 1663 वि.सं.

उत्तर: (B) 1652 वि.सं. – 1720 वि.सं.

Q2. बिहारी के पिता का क्या नाम था?

(A) केशवराय

(B) परशुराम

(C) रत्नाकर

(D) जगन्नाथ

उत्तर: (A) केशवराय

Q3. बिहारी हिन्दी साहित्य के किस काल के कवि माने जाते हैं?

(A) आदिकाल

(B) भक्तिकाल

(C) रीतिकाल

(D) आधुनिक काल

उत्तर: (C) रीतिकाल

Q4. बिहारी रीतिकालीन किस काव्यधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं?

(A) रीतिबद्ध

(B) रीतिसिद्ध

(C) रीतिमुक्त

(D) स्वच्छंदधारा

उत्तर: (B) रीतिसिद्ध

Q5. बिहारी किस संप्रदाय में दीक्षित थे / संबंध रखते थे?

(A) वल्लभ संप्रदाय

(B) चैतन्य संप्रदाय

(C) निंबार्क संप्रदाय

(D) सखी संप्रदाय

उत्तर: (C) निंबार्क संप्रदाय

2. बिहारी सतसई व बिहारी रत्नाकर से संबंधित प्रश्न

Q6. ‘बिहारी रत्नाकर’ रचना के लेखक कौन हैं?

(A) बिहारीलाल

(B) जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’

(C) पद्मसिंह शर्मा

(D) रामचंद्र शुक्ल

उत्तर: (B) जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’

Q7. बिहारी ने ‘बिहारी सतसई’ की रचना कब की थी?

(A) 1650 ई. में

(B) 1662 ई. में

(C) 1700 ई. में

(D) 1680 ई. में

उत्तर: (B) 1662 ई. में

Q8. ‘बिहारी सतसई’ में कुल कितने दोहे हैं?

(A) 700

(B) 713

(C) 750

(D) 720

उत्तर: (B) 713

Q9. ‘बिहारी सतसई’ की मूल भाषा क्या है?

(A) अवधी

(B) खड़ी बोली

(C) ब्रज भाषा

(D) मैथिली

उत्तर: (C) ब्रज भाषा

Q10. ‘बिहारी सतसई’ रचना किस काव्य की श्रेणी में आती है?

(A) प्रबंध काव्य

(B) खंड काव्य

(C) मुक्तक काव्य

(D) महाकाव्य

उत्तर: (C) मुक्तक काव्य

Q11. बिहारी के दोहों में मुख्य रूप से किसका वर्णन मिलता है?

(A) केवल शृंगार का

(B) केवल नीति का

(C) केवल भक्ति का

(D) भक्ति, नीति और शृंगार का

उत्तर: (D) भक्ति, नीति और शृंगार का

Q12. बिहारी सतसई को ‘शक्कर की रोटी’ किसने कहा है?

(A) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

(B) हजारी प्रसाद द्विवेदी

(C) पद्मसिंह शर्मा

(D) डॉ. नगेंद्र

उत्तर: (C) पद्मसिंह शर्मा

Q13. आमेर के मिर्जा राजा जयसिंह ने बिहारी की अन्योक्ति से प्रसन्न होकर भेंट स्वरूप क्या दिया था?

(A) 1000 स्वर्ण मुद्राएं

(B) काली पहाड़ी नामक ग्राम की जागीर

(C) जयपुर का राजमहल

(D) रायचूर का किला

उत्तर: (B) काली पहाड़ी नामक ग्राम की जागीर

Q14. “नहिं पराग नहिं मधुर मधु नहिं विकास इहि काल” – यह दोहा बिहारी ने किस राजा को लिखकर भेजा था?

(A) राजा मानसिंह

(B) मिर्जा राजा जयसिंह

(C) छत्रसाल

(D) जसवंत सिंह

उत्तर: (B) मिर्जा राजा जयसिंह

3. दोहों की व्याख्या, भाव व शब्दार्थ संबंधी प्रश्न

Q15. ‘बहके सब जिय की कहत’ पंक्ति में वर्णित भाव क्या है?

(A) मुख से कटु वचन कहना

(B) नेत्रों द्वारा अपनी बात प्रकट कर देना

(C) मन में कपट रखना

(D) क्रोध व्यक्त करना

उत्तर: (B) नेत्रों द्वारा अपनी बात प्रकट कर देना

Q16. ‘खरी पातरी कान की कौन बहाऊ वानि’ पंक्ति में क्या वर्णित है?

(A) नायिका का बहरा होना

(B) नायिका द्वारा बिना विचारे विश्वास करना (कान का कच्चा होना)

(C) नायिका की सुंदर बातें

(D) कान के आभूषण की प्रशंसा

उत्तर: (B) नायिका द्वारा बिना विचारे विश्वास करना

Q17. ‘अजौ तरयौना ही रह्यौ श्रुति सेवत इक अंग’ पंक्ति में किसका वर्णन हुआ है?

(A) कान के आभूषण का

(B) गले के हार का

(C) पैर के नूपुर का

(D) बिंदी का

उत्तर: (A) कान के आभूषण का

Q18. पाठ में आए ‘काननु’ शब्द का क्या आशय है?

(A) जंगल

(B) नायिका के कान

(C) कृष्ण

(D) आभूषण

उत्तर: (B) नायिका के कान

Q19. पाठ में आए ‘कनीनिकनु’ शब्द का क्या आशय है?

(A) कान की बालियां

(B) आँखों की पुतलियाँ

(C) गले का तिल

(D) कंगन

उत्तर: (B) आँखों की पुतलियाँ

Q20. पाठ में आए ‘मैन’ शब्द किसके लिए आया है?

(A) मनुष्य

(B) कामदेव

(C) कृष्ण

(D) राजा

उत्तर: (B) कामदेव

Q21. ‘जा तन की झाँई परै, श्यामु हरित-दुति होई’ पंक्ति में किसकी स्तुति/वर्णन है?

(A) सीता जी का

(B) राधा जी का

(C) रुक्मिणी जी का

(D) गंगा जी का

उत्तर: (B) राधा जी का

Q22. ‘मेरी भव-बाधा हरो’ पंक्ति के माध्यम से बिहारी द्वारा किसकी आराधना की गई है?

(A) राधिका जी की

(B) शिव जी की

(C) विष्णु जी की

(D) हनुमान जी की

उत्तर: (A) राधिका जी की

Q23. “जा तन की झाँई परै, श्यामु हरित-दुति होई” – इस पंक्ति से बिहारी के किस बहुज्ञ ज्ञान का पता चलता है?

(A) गणित ज्ञान

(B) रंग ज्ञान

(C) वैदक ज्ञान

(D) ज्योतिष ज्ञान

उत्तर: (B) रंग ज्ञान

Q24. “अपने अंग के जानि कै जोवन-नृपति प्रवीन। स्तन, मन, नैन, नितम्ब की बड़ी इजाफा कीन।।” – इस दोहे का विषय व भाव क्या है?

(A) नायक द्वारा नायिका के नव यौवन की प्रशंसा तथा राजनीतिक चेतना का प्रकट होना

(B) युद्ध का वर्णन

(C) भक्ति भावना

(D) वैराग्य भाव

उत्तर: (A) नायक द्वारा नायिका के नव यौवन की प्रशंसा तथा राजनीतिक चेतना का प्रकट होना

Q25. “सनि कज्जल चख-झख लगन उपज्यौ सुदिन सनेहु” – बिहारी का यह दोहा किस विषय पर आधारित है?

(A) दर्शन शास्त्र

(B) ज्योतिष विज्ञान

(C) चिकित्सा शास्त्र

(D) वास्तु शास्त्र

उत्तर: (B) ज्योतिष विज्ञान

Q26. “सनि कज्जल चख-झख लगन उपज्यौ सुदिन सनेहु” में ‘चख-झख’ शब्द का क्या अर्थ है?

(A) नयन रूपी मछली

(B) चंचल मन

(C) काले बादल

(D) शनि ग्रह

उत्तर: (A) नयन रूपी मछली

Q27. “सनि कज्जल चख-झख लगन उपज्यौ सुदिन सनेहु” – पंक्ति में नायिका के आँखों के ‘काजल’ को किसके समान माना गया है?

(A) राहु के समान

(B) शनि के समान

(C) मंगल के समान

(D) केतु के समान

उत्तर: (B) शनि के समान

Q28. “सालति है नटसाल सी, क्यौं हूँ निकसति नाहि। मनमथ-नेजा-नोक सी खुभी जिय मांहि।।” – इस दोहे में नायक के हृदय में कामदेव के भाले की नोंक की तरह क्या चुभ गई है?

(A) नायिका की चितवन

(B) नायिका की खुभी (कर्णाभूषण)

(C) नायिका के हँसने की ध्वनि

(D) नायिका की पायल

उत्तर: (B) नायिका की खुभी (कर्णाभूषण)

Q29. “सालति है नटसाल सी…” दोहे में आश्रय विभाव कौन है?

(A) नायिका

(B) नायक

(C) सखी

(D) कामदेव

उत्तर: (B) नायक

Q30. “जुवति जोन्ह मैं मिलि गई, नैंक न होति लखाइ” – दोहे में युवती (नायिका) के दिखाई न देने का क्या कारण बताया गया है?

(A) अंधेरा होना

(B) गौर वर्ण के कारण चाँदनी में मिल जाना

(C) घूँघट निकालना

(D) वस्त्रों का काला होना

उत्तर: (B) गौर वर्ण के कारण चाँदनी में मिल जाना

Q31. “बहके, सब जिय की कहत, ठौरू कुठारू लखैं न” – दोहे में नायिका के नेत्रों की तुलना किससे की गई है?

(A) हिरण से

(B) शराबी से

(C) बाण से

(D) कमल से

उत्तर: (B) शराबी से

Q32. “फिरि फिरि चितु उस ही रहतु टुटी लाज की लाज। अंग-अंग-छबि-झौर मैं भयौ भौर की नाव।।” – इस दोहे में नायिका के हृदय की तुलना किससे की गई है?

(A) भंवर में फंसी नाव से

(B) उड़ते हुए पक्षी से

(C) सूखते हुए पत्ते से

(D) बहती नदी से

उत्तर: (A) भंवर में फंसी नाव से

Q33. “नीकी दई अनाकनी, फीकी परी गुहारि। तज्यौ मनौ तारन-बिरदु बारक बारनु तारि।।” – इस दोहे में किसको तारने की बात कही गई है?

(A) केवट को

(B) हाथी (गज) को

(C) अजामिल को

(D) प्रहलाद को

उत्तर: (B) हाथी (गज) को

Q34. “चितई ललचैहें चखनु, डटि घूंघट-पट माँह…” – दोहे के अनुसार नायिका नायक को कैसे स्पर्श करती है?

(A) हाथों से

(B) अपनी छाया से

(C) दुपट्टे से

(D) पुष्प फेंककर

उत्तर: (B) अपनी छाया से

Q35. “चाहत पिय-अद्वैतता काननु सेवत नैन” – पंक्ति में ‘काननु सेवत नैन’ का क्या अर्थ है?

(A) कानों से सुनना

(B) आँखों का फैलकर कानों तक पहुँचना

(C) जंगल में निवास करना

(D) कानों में कुंडल पहनना

उत्तर: (B) आँखों का फैलकर कानों तक पहुँचना

Q36. “दुरजोधन लौं देखियति तजत प्रान इहि बार” – पंक्ति में नायिका की स्थिति दुर्योधन जैसी क्यों हो रही है?

(A) युद्ध के भय से

(B) माता-पिता से मिलने का सुख और प्रियतम से बिछोह का दुःख एक साथ होने से

(C) अत्यधिक बीमारी के कारण

(D) धन हानि के कारण

उत्तर: (B) माता-पिता से मिलने का सुख और प्रियतम से बिछोह का दुःख एक साथ होने से

Q37. “डारे ठोढी-गाड़, गहि नैन-बटोही मारि…” – इस दोहे में नायिका के नेत्रों की तुलना किससे की गई है?

(A) डाकू से

(B) पथिक (बटोही) से

(C) ठग से

(D) राजा से

उत्तर: (B) पथिक (बटोही) से

Q38. “कीनै हूँ कोरिक जतन… भो मन मोहन-रूपु मिलि, पानी मैं को लौनु” – दोहे में क्या भाव निहित है?

(A) मन से मोहन का लावण्यमय रूप किसी भी प्रयत्न से अलग नहीं हो सकता

(B) पानी में नमक घोलना

(C) मोहन का रूप बदल जाना

(D) कृष्ण का मथुरा चले जाना

उत्तर: (A) मन से मोहन का लावण्यमय रूप किसी भी प्रयत्न से अलग नहीं हो सकता

Q39. “अजौं तरयौना ही रह्यौ श्रुति सेवत इक रंग” – इस पंक्ति में ‘श्रुति’ शब्द के क्या अर्थ हैं?

(A) कान और वेद

(B) सुनना और पढ़ना

(C) गुरु और शिष्य

(D) धर्म और कर्म

उत्तर: (A) कान और वेद

Q40. “अजौं तरयौना ही रह्यौ…” – पंक्ति में ‘तर्यौना’ शब्द का किन दो अर्थों में प्रयोग हुआ है?

(A) कर्णफूल और तारणहार

(B) कर्णफूल और तरा (निष्कृष्ट जीव)

(C) नाव और तिनका

(D) आभूषण और माला

उत्तर: (B) कर्णफूल और तरा (निष्कृष्ट जीव)

Q41. “लाज-गरब-आलस-उमग-भरै नैन मुसकात” – इस दोहे के अनुसार नायिका के नेत्रों में क्या दिखाई देता है?

(A) क्रोध और भय

(B) लज्जा, आलस और उमंग

(C) घृणा और शोक

(D) ईर्ष्या और अभिमान

उत्तर: (B) लज्जा, आलस और उमंग

4. अलंकार, छंद व काव्यशास्त्र संबंधी प्रश्न

Q42. “जा तन की झाँई परै, श्यामु हरित-दुति होई” – इस पंक्ति में कौन-सा मुख्य अलंकार है?

(A) यमक अलंकार

(B) श्लेष अलंकार

(C) उपमा अलंकार

(D) रूपक अलंकार

उत्तर: (B) श्लेष अलंकार

Q43. “अपने अंग के जानि कै जोवन-नृपति प्रवीन…” – इस दोहे में कौन-से अलंकार प्रयुक्त हुए हैं?

(A) रूपक एवं मानवीकरण अलंकार

(B) यमक एवं अनुप्रास

(C) श्लेष एवं उत्प्रेक्षा

(D) अतिशयोक्ति एवं संदेह

उत्तर: (A) रूपक एवं मानवीकरण अलंकार

Q44. “अर तैं टरत न बर-परे, दाई मरक मनु मैन…” – इस दोहे में कौन-सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?

(A) उपमा

(B) उत्प्रेक्षा

(C) रूपक

(D) यमक

उत्तर: (B) उत्प्रेक्षा

Q45. “सनि कज्जल चख-झख लगन उपज्यो सुदिन सनेहु” – पंक्ति के रेखांकित पद (‘चख-झख’) में कौन-सा अलंकार है?

(A) उपमा

(B) रूपक

(C) यमक

(D) श्लेष

उत्तर: (B) रूपक

Q46. “सालति है नटसाल सी…” – इस पंक्ति में ‘नटसाल सी’ शब्द में कौन-सा अलंकार है?

(A) रूपक

(B) उपमा

(C) उत्प्रेक्षा

(D) श्लेष

उत्तर: (B) उपमा

Q47. “जुवति जोन्ह मैं मिलि गई, नैक न होति लखाइ…” – इस दोहे में कौन-से दो मुख्य अलंकार हैं?

(A) अतिशयोक्ति एवं श्लेष अलंकार

(B) उपमा एवं रूपक

(C) यमक एवं अनुप्रास

(D) उत्प्रेक्षा एवं असंगति

उत्तर: (A) अतिशयोक्ति एवं श्लेष अलंकार

Q48. “हौं रीझी लखि रीझिहौ छबिहि छबीले लाल…” – इस दोहे में कौन-सा अलंकार है?

(A) रूपकातिशयोक्ति

(B) उपमा

(C) श्लेष

(D) उत्प्रेक्षा

उत्तर: (A) रूपकातिशयोक्ति

Q49. ‘तज्यौ मनौ तारन-बिरदु बारक बारनु तारि’ – उक्त पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

(A) उत्प्रेक्षा अलंकार

(B) रूपक अलंकार

(C) यमक अलंकार

(D) उपमा अलंकार

उत्तर: (A) उत्प्रेक्षा अलंकार

Q50. “आक-कली न रत्नी करै अली, अली, जिय जानि” – इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

(A) रूपक

(B) यमक

(C) श्लेष

(D) उत्प्रेक्षा

उत्तर: (B) यमक

Q51. “लाग्यो सुमनु ह्वै है सफलु आतप-रोसु निवारि। बारी बारी आपनी सींचि सुहृदयता बारि।।” – उपर्युक्त दोहे में ‘बारी बारी’ में कौन-सा अलंकार है?

(A) यमक

(B) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार

(C) श्लेष

(D) उपमा

उत्तर: (B) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार

Q52. “लाग्यो सुमनु ह्वै है सफलु…” – दोहे में कौन-सी शब्द-शक्ति है?

(A) अभिधा

(B) लक्षणा

(C) व्यंजना

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (C) व्यंजना

Q53. “अजौं तरयौना ही रह्यौ श्रुति सेवत इक रंग…” – इस प्रसिद्ध दोहे में कौन-सा मुख्य अलंकार है?

(A) यमक

(B) श्लेष अलंकार

(C) उपमा

(D) रूपक

उत्तर: (B) श्लेष अलंकार

Q54. “विषय-तृषा परिहरि अजौं नरहरि के गुण गाऊ” – दोहे में ‘नरहरि’ शब्द में कौन-सा अलंकार है?

(A) श्लेष अलंकार

(B) यमक

(C) रूपक

(D) उपमा

उत्तर: (A) श्लेष अलंकार

Q55. “तो पर वारौं उरबसी, सुनि, राधिके सुजान। तू मोहन कैं उर बसी ह्वै उरबसी समान।।” – इस दोहे में कौन-सा अलंकार है?

(A) श्लेष

(B) यमक अलंकार

(C) रूपक

(D) उत्प्रेक्षा

उत्तर: (B) यमक अलंकार

5. व्याख्या, भाव व शब्दार्थ (शेष प्रश्न)

Q56. “बहके, सब जिय की कहत, ठौरू कुठारू लखैं न” – नायिका के हृदय की सब गुप्त बातें प्रकट होने का कारण क्या है?

(A) सखियों का पूछना

(B) नायिका के नैन

(C) नायक का आगमन

(D) समाज का डर

उत्तर: (B) नायिका के नैन

Q57. “बहके, सब जिय की कहत, ठौरू कुठारू लखैं न। छिन औरे, छिन और से, ए छबि छाके नैन।।” – इस दोहे में नायिका के किस अंग का वर्णन किया गया है?

(A) हथेली

(B) नेत्र

(C) केश

(D) अधर

उत्तर: (B) नेत्र

Q58. “फिरि फिरि चितु उस ही रहतु टुटी लाज की लाज। अंग-अंग-छबि-झौर मैं भयौ भौर की नाव।।” – इस दोहे का मूल भाव क्या है?

(A) नायिका द्वारा अपनी सखी से अपनी स्नेह दशा का वर्णन

(B) नायक द्वारा नायिका को त्यागना

(C) समाज के भय का वर्णन

(D) ईश्वर भक्ति का वर्णन

उत्तर: (A) नायिका द्वारा अपनी सखी से अपनी स्नेह दशा का वर्णन

Q59. “नीकी दई अनाकनी, फीकी परी गुहारि। तज्यौ मनौ तारन-बिरदु बारक बारनु तारि।।” – इस दोहे में किस भाव का वर्णन हुआ है?

(A) नायक-नायिका का प्रेम

(B) भक्त का भगवान को उलाहना

(C) सखी की सीख

(D) राजा की प्रशंसा

उत्तर: (B) भक्त का भगवान को उलाहना

Q60. “चितई ललचैहें चखनु, डटि घूंघट-पट माँह। छल सौं चली छुवाइ कै, छिनकु छबीली छांह।।” – इस दोहे का मूल भाव क्या है?

(A) नायिका द्वारा अनुराग व्यंजक चेष्टाएँ

(B) नायिका का क्रोध व्यक्त करना

(C) सखी द्वारा उलाहना देना

(D) नायक का विरह वर्णन

उत्तर: (A) नायिका द्वारा अनुराग व्यंजक चेष्टाएँ

Q61. “खरी पातरी कान की, कौन बहाऊ वानि” – पंक्ति में कौन-सा मुहावरा निहित है?

(A) कान का कच्चा होना

(B) कान भरना

(C) कान खड़े होना

(D) कान पर जूँ न रेंगना

उत्तर: (A) कान का कच्चा होना

Q62. “पिय बिछुरन को दुसहु दुखु, हरषु जाल प्यौसार। दुरजोधन सौं देखयति तजत प्रान इहि बार।।” – इस दोहे में किसका वर्णन किया गया है?

(A) नायिका के नैहर जाते समय हर्ष व विषाद का वर्णन

(B) युद्ध में नायक के जाने का वर्णन

(C) नायिका के रुठने का वर्णन

(D) सखी से विरह का वर्णन

उत्तर: (A) नायिका के नैहर जाते समय हर्ष व विषाद का वर्णन

Q63. “झीनै पट मैं झुलमुली ओप अपार। सुरतरु की मनु सिंधु मैं लसति सपल्लव डार।।” – इस दोहे का मूल भाव क्या है?

(A) झीने वस्त्रों से फूटकर निकलती नायिका की छवि

(B) समुद्र तट का सौंदर्य

(C) कल्पवृक्ष का वर्णन

(D) नायिका के आभूषणों का वर्णन

उत्तर: (A) झीने वस्त्रों से फूटकर निकलती नायिका की छवि

Q64. “डारे ठोढी-गाङ, गहि नैन-बटोही मारि। चिलक-चैंध मैं रूप-ठग, हाँसी-फांसी हारि।।” – इस दोहे का मूल भाव क्या है?

(A) नायक के नेत्रों का नायिका की सुंदरता देखते-देखते थक जाना

(B) मार्ग में ठगी का होना

(C) नायिका का रोना

(D) सखी का हँसना

उत्तर: (A) नायक के नेत्रों का नायिका की सुंदरता देखते-देखते थक जाना

Q65. “पलनु पीक, अंजनु अधर, धरे महावरू भाल। आजु मिले, सु भली करी, भले बने हौ लाल।।” – इस दोहे में कौन-सा भाव व्यंजित है?

(A) चाटुकारिता

(B) व्यंग्यात्मक (खंडिता नायिका द्वारा उपालंभ)

(C) करुण भाव

(D) शांत भाव

उत्तर: (B) व्यंग्यात्मक (खंडिता नायिका द्वारा उपालंभ)

Q66. “हौं रीझी लखि रीझिहौ छबिहि छबीले लाल। सेनजुही सी होति दुति-मिलत-मालती माल।।” – इस दोहे में वर्णित भाव क्या है?

(A) नायिका की सखी द्वारा नायक के सम्मुख नायिका की सुंदरता का वर्णन

(B) नायक का क्रोध

(C) माला पिरोने का वर्णन

(D) संध्या काल का वर्णन

उत्तर: (A) नायिका की सखी द्वारा नायक के सम्मुख नायिका की सुंदरता का वर्णन

Q67. “जुवति जोन्ह मैं मिलि गई, नैक न होति लखाइ। सौंधे के डोरै लगी अली चली संग जाइ।।” – इस दोहे का मूल भाव क्या है?

(A) अंतरंगिनी सखियों द्वारा नायिका के शरीर के गोरेपन व सुगंध का वर्णन

(B) रात के अंधेरे का वर्णन

(C) सखी का रास्ता भटकना

(D) चांदनी रात का प्रभाव

उत्तर: (A) अंतरंगिनी सखियों द्वारा नायिका के शरीर के गोरेपन व सुगंध का वर्णन

Q68. “सालति है नटसाल सी, क्यों हूँ निकसिति नांहि। मनमथ-नेजा-नोक सी खुभी-खुभी जिय मांहि।।” – प्रस्तुत दोहे में कौन-सा भाव वर्णित है?

(A) खुशी से रीझे हुए नायक का नायिका से मिलने की उत्कंठा

(B) युद्ध का भय

(C) शारीरिक पीड़ा

(D) धन का अभाव

उत्तर: (A) खुशी से रीझे हुए नायक का नायिका से मिलने की उत्कंठा

Q69. “सनि कज्जल चख-झख लगन उपज्यो सुदिन सनेहु। क्यों न नृपति ह्वे भोगवे लहि सुदेसु सबु देहु।।” – दोहे में कौन-सा भाव वर्णित है?

(A) नायिका के कज्जल फलित नेत्रों द्वारा नायक के हृदय में प्रेम उत्पन्न करना

(B) राजा द्वारा राज्य का उपभोग करना

(C) शनि देव की पूजा करना

(D) मछली पकड़ने का वर्णन

उत्तर: (A) नायिका के कज्जल फलित नेत्रों द्वारा नायक के हृदय में प्रेम उत्पन्न करना

Q70. “औरे-ओप कनीनिकनु गनी घनी-सिरताज। मनी धनी के नेह की बनीं छनी पट-लाज।।” – इस दोहे में कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है?

(A) नायिका की आँखों की पुतलियों का वर्णन

(B) धन-दौलत का वर्णन

(C) मुकुट की सुंदरता

(D) लज्जा का त्याग

उत्तर: (A) नायिका की आँखों की पुतलियों का वर्णन

Q71. “मनी धनी के नेह की बनीं छनीं पट लाज” – पंक्ति में ‘मणि’ के समान किसे माना गया है?

(A) नायिका के कानों के कुंडल को

(B) नायिका के आँखों की पुतलियों को

(C) नायिका की अंगूठी को

(D) गले के हार को

उत्तर: (B) नायिका के आँखों की पुतलियों को

Q72. “मेरी भव बाधा हरो, राधा नागरि सोई। जा तन की झांई परे, श्याम हरित दुति होई।।” – पंक्ति में किस काव्यगत विशेषता का समन्वय किया गया है?

(A) नीतिपरक एवं भक्तिपरक काव्य

(B) वीर रस का काव्य

(C) प्रकृति चित्रण

(D) हास्य काव्य

उत्तर: (A) नीतिपरक एवं भक्तिपरक काव्य

Q73. नायिका की सखियाँ किसी न किसी प्रकार का बहाना करके क्यों चली जाती हैं?

(A) वे काम से बाहर जाना चाहती थीं

(B) नायिका के पति ने नायिका से रति (एकांत) की इच्छा प्रकट की थी

(C) वे नायिका से रुठ गई थीं

(D) संध्या काल हो गया था

उत्तर: (B) नायिका के पति ने नायिका से रति (एकांत) की इच्छा प्रकट की थी

6. अलंकार व व्याकरण (शेष प्रश्न)

Q74. “जा तन की झाँई परै, श्यामु हरित-दुति होई” – इस पंक्ति में ‘हरित-दुति’ शब्द के आधार पर कौन-सा अलंकार बनता है?

(A) श्लेष अलंकार

(B) यमक अलंकार

(C) रूपक अलंकार

(D) उत्प्रेक्षा अलंकार

उत्तर: (A) श्लेष अलंकार

Q75. “अपने अंग के जानि कै जोवन-नृपति प्रवीन…” – इस दोहे में ‘जोवन-नृपति’ में कौन-सा अलंकार है?

(A) रूपक अलंकार

(B) उपमा अलंकार

(C) उत्प्रेक्षा अलंकार

(D) अतिशयोक्ति अलंकार

उत्तर: (A) रूपक अलंकार

Q76. “अपने अंग के जानि कै जोवन-नृपति प्रवीन…” – इस दोहे में यौवन का राजा के रूप में वर्णन होने से कौन-सा अलंकार सिद्ध होता है?

(A) मानवीकरण अलंकार

(B) दृष्टांत अलंकार

(C) असंगति अलंकार

(D) विभावना अलंकार

उत्तर: (A) मानवीकरण अलंकार

Q77. “सनि कज्जल चख-झख लगन उपज्यो सुदिन सनेहु” – पंक्ति में रेखांकित पद (‘चख-झख’) में कौन-सा अलंकार है?

(A) रूपक अलंकार

(B) उपमा अलंकार

(C) यमक अलंकार

(D) श्लेष अलंकार

उत्तर: (A) रूपक अलंकार

Q78. “सालति है नटसाल सी, क्यों हूँ निकसिति नांहि…” – दोहे में ‘नटसाल सी’ शब्द में कौन-सा अलंकार है?

(A) उपमा अलंकार

(B) रूपक अलंकार

(C) श्लेष अलंकार

(D) यमक अलंकार

उत्तर: (A) उपमा अलंकार

Q79. “जुवति जोन्ह मैं मिलि गई, नैक न होति लखाइ…” – इस दोहे में कौन-से दो मुख्य अलंकार हैं?

(A) अतिशयोक्ति एवं श्लेष अलंकार

(B) उपमा एवं रूपक

(C) उत्प्रेक्षा एवं यमक

(D) भ्रांतिमान एवं संदेह

उत्तर: (A) अतिशयोक्ति एवं श्लेष अलंकार

Q80. “हौं रीझी लखि रीझिहौ छबिहि छबीले लाल…” – इस दोहे में कौन-सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?

(A) रूपकातिशयोक्ति

(B) उपमा

(C) श्लेष

(D) दृष्टांत

उत्तर: (A) रूपकातिशयोक्ति

Q81. “तज्यौ मनौ तारन-बिरदु बारक बारनु तारि” – उक्त पंक्ति में ‘मनौ’ शब्द के प्रयोग से कौन-सा अलंकार है?

(A) उत्प्रेक्षा अलंकार

(B) रूपक अलंकार

(C) उपमा अलंकार

(D) श्लेष अलंकार

उत्तर: (A) उत्प्रेक्षा अलंकार

Q82. “आक-कली न रत्नी करै अली, अली, जिय जानि” – इस पंक्ति में भिन्न अर्थों में प्रयुक्त ‘अली, अली’ शब्दों के कारण कौन-सा अलंकार है?

(A) यमक अलंकार

(B) रूपक अलंकार

(C) श्लेष अलंकार

(D) अनुप्रास अलंकार

उत्तर: (A) यमक अलंकार

Q83. “लाग्यो सुमनु ह्वै है सफलु आतप-रोसु निवारि। बारी बारी आपनी सींचि सुहृदयता बारि।।” – उपर्युक्त दोहे में ‘बारी बारी’ में कौन-सा अलंकार है?

(A) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार

(B) यमक अलंकार

(C) श्लेष अलंकार

(D) उपमा अलंकार

उत्तर: (A) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार

Q84. “लाग्यो सुमनु ह्वै है सफलु…” – उपर्युक्त दोहे में कौन-सी शब्द-शक्ति प्रयुक्त हुई है?

(A) व्यंजना शब्द-शक्ति

(B) अभिधा शब्द-शक्ति

(C) लक्षणा शब्द-शक्ति

(D) तात्पर्या

उत्तर: (A) व्यंजना शब्द-शक्ति

Q85. “अजौं तरयौना ही रह्यौ श्रुति सेवत इक रंग…” – इस दोहे में कौन-सा अलंकार है?

(A) श्लेष अलंकार

(B) यमक अलंकार

(C) उपमा अलंकार

(D) रूपक अलंकार

उत्तर: (A) श्लेष अलंकार

Q86. “विषय-तृषा परिहरि अजौं नरहरि के गुण गाऊ” – दोहे में ‘नरहरि’ शब्द में कौन-सा अलंकार है?

(A) श्लेष अलंकार

(B) यमक अलंकार

(C) उपमा अलंकार

(D) रूपक अलंकार

उत्तर: (A) श्लेष अलंकार

Q87. “तो पर वारौं उरबसी, सुनि, राधिके सुजान। तू मोहन कैं उर बसी ह्वै उरबसी समान।।” – इस प्रसिद्ध दोहे में ‘उरबसी’ शब्द के विभिन्न अर्थों के कारण कौन-सा अलंकार है?

(A) यमक अलंकार

(B) श्लेष अलंकार

(C) रूपक अलंकार

(D) उपमा अलंकार

उत्तर: (A) यमक अलंकार

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