UGC NET Paper 1

UGC NET Teaching Aptitude MCQ in Hindi – 50 कठिन प्रश्न, उत्तर व्याख्या सहित (Free PDF + ऑनलाइन मॉक टेस्ट)

UGC NET Teaching Aptitude MCQ in Hindi – 50 कठिन प्रश्न और फ्री PDF

🗓️ अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026  |  ✍️ केवल कृष्ण घोड़ेला  |  UGC NET Paper 1, इकाई 1

UGC NET Teaching Aptitude MCQ का अभ्यास यहाँ हिंदी में है: 50 मौलिक प्रश्न, हर प्रश्न का उत्तर और व्याख्या, साथ में मुफ़्त PDF और Teaching Aptitude mock test free (ऑनलाइन टेस्ट)। प्रश्न थोड़े कठिन रखे गए हैं और परीक्षा के प्रकारों में हैं: बहु-कथन, कथन I-कथन II, अभिकथन-कारण, सुमेलित और सही क्रम। पहले ख़ुद सोचिए, फिर “👉 उत्तर देखें” दबाइए।

⚡ संक्षिप्त उत्तर

  • प्रश्न: 50 मौलिक अभ्यास MCQ, हिंदी में, उत्तर और व्याख्या सहित
  • प्रकार: 10 सीधे, 10 बहु-कथन, 8 कथन I-II, 8 अभिकथन-कारण, 7 सुमेलित, 7 सही क्रम
  • स्तर: कठिन: विकल्प पास-पास, सोचने पर समय लगेगा
  • PDF: 50 MCQ की मुफ़्त PDF, उत्तर-कुंजी और व्याख्या सहित
  • ऑनलाइन टेस्ट: इसी पेज पर, 60 मिनट के टाइमर के साथ, जमा करते ही स्कोर
  • नोट्स: शिक्षण अभिवृत्ति के पूरे हिंदी नोट्स अलग लेख में

💡 ये पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं हैं

ये सभी प्रश्न मौलिक अभ्यास-प्रश्न हैं, जो परीक्षा के प्रश्न-प्रकारों और स्तर को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। असली प्रश्न-पत्र NTA की वेबसाइट से देखें। अवधारणाएँ पक्की करने के लिए शिक्षण अभिवृत्ति के नोट्स पढ़ें।

⬇️ 50 MCQ की मुफ़्त PDF (हिंदी)

इन्हीं 50 प्रश्नों की PDF, उत्तर-कुंजी और व्याख्या के साथ। प्रिंट करके या फ़ोन में पढ़िए।

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UGC NET Teaching Aptitude MCQ: 10 सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न

MCQ हल करने से पहले इन 10 सवालों के जवाब पक्के कर लीजिए। परीक्षा में बहु-कथन और सुमेलित प्रश्न इन्हीं बिंदुओं से बनते हैं।

1. शिक्षण के तीन स्तर और उनके प्रवर्तक कौन हैं?

स्मृति स्तर: हरबर्ट; बोध स्तर: मॉरिसन; चिंतन स्तर: हंट। क्रम निम्न से उच्च: स्मृति < बोध < चिंतन।

2. संशोधित ब्लूम वर्गीकरण (2001) में संज्ञानात्मक क्षेत्र का सर्वोच्च स्तर कौन-सा है?

सृजन (Create)। क्रम: याद करना → समझना → प्रयोग करना → विश्लेषण करना → मूल्यांकन करना → सृजन करना।

3. निकटस्थ विकास क्षेत्र (ZPD) क्या है और किसकी अवधारणा है?

वाइगोत्स्की की अवधारणा: जो शिक्षार्थी अकेले कर सकता है और जो सहायता से कर सकता है, इनके बीच का क्षेत्र।

4. एंड्रागॉजी किससे जुड़ी है और उसकी मुख्य विशेषता क्या है?

प्रौढ़ अधिगम का सिद्धांत; लोकप्रिय बनाने का श्रेय मैल्कम नोल्स को (शब्द का पहला प्रयोग अलेक्ज़ेंडर कैप, 1833)। प्रौढ़ स्व-निर्देशित, अनुभव-आधारित और समस्या-केंद्रित होते हैं।

5. फ्लैंडर्स की FIAC में कितनी श्रेणियाँ हैं और प्रेक्षक कितने अंतराल पर दर्ज करता है?

10 श्रेणियाँ (7 शिक्षक-वार्तालाप, 2 विद्यार्थी-वार्तालाप, 1 मौन/भ्रम); हर 3 सेकंड पर एक श्रेणी।

6. रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन में क्या अंतर है?

रचनात्मक शिक्षण के दौरान, प्रतिपुष्टि देकर अधिगम सुधारता है (अधिगम के लिए आकलन); योगात्मक अंत में अंतिम उपलब्धि का निर्णय देता है (अधिगम का आकलन)। शब्द माइकल स्क्रिवन (1967) के।

7. वैधता और विश्वसनीयता का संबंध क्या है?

वैध परीक्षण विश्वसनीय अवश्य होता है, पर विश्वसनीय परीक्षण का वैध होना आवश्यक नहीं। वैधता सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण गुण मानी जाती है।

8. CBCS में क्रेडिट की परिभाषा और SGPA का सूत्र क्या है?

1 क्रेडिट = 1 घंटा व्याख्यान/ट्यूटोरियल प्रति सप्ताह = 2 घंटे प्रायोगिक कार्य प्रति सप्ताह। SGPA = Σ(क्रेडिट × ग्रेड-पॉइंट) ÷ Σ क्रेडिट।

9. SWAYAM के चार चतुर्थांश कौन-से हैं?

I ई-ट्यूटोरियल, II ई-सामग्री, III वेब संसाधन, IV स्व-मूल्यांकन (प्रश्न, क्विज़, असाइनमेंट)।

10. सूक्ष्म शिक्षण क्या है?

ड्वाइट एलन (स्टैनफ़ोर्ड, 1963) की तकनीक: 5–10 मिनट के पाठ में 5–10 विद्यार्थियों के सामने एक शिक्षण-कौशल का अभ्यास; चक्र: योजना → शिक्षण → प्रतिपुष्टि → पुनर्योजना → पुनः शिक्षण → पुनः प्रतिपुष्टि।

UGC NET Teaching Aptitude MCQ in Hindi: 50 प्रश्न उत्तर सहित

नीचे छह प्रकार के प्रश्न हैं। हर प्रश्न का उत्तर और व्याख्या “👉 उत्तर देखें” पर क्लिक करने से खुलती है। टेस्ट की तरह हल करना चाहें तो नीचे दिए गए ऑनलाइन टेस्ट का इस्तेमाल करें।

UGC NET Paper 1 के MCQ के छह प्रकार: सीधे, बहु-कथन, कथन I-II, अभिकथन-कारण, सुमेलित और सही क्रम

सीधे प्रश्न (प्रश्न 1–10)

विषय-ज्ञान की गहराई जाँचने वाले सीधे प्रश्न, पर विकल्प पास-पास रखे गए हैं।

प्रश्न 1. सूक्ष्म शिक्षण (Microteaching) में एक अभ्यास-सत्र का सामान्य स्वरूप क्या होता है?

  • (क) 30–40 मिनट का पाठ, 30–40 विद्यार्थी
  • (ख) 15–20 मिनट का पाठ, 15–20 विद्यार्थी
  • (ग) 5–10 मिनट का पाठ, 5–10 विद्यार्थी
  • (घ) 5–10 मिनट का पाठ, 30–40 विद्यार्थी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) 5–10 मिनट का पाठ, 5–10 विद्यार्थी. सूक्ष्म शिक्षण (ड्वाइट एलन, स्टैनफ़ोर्ड, 1963) में छोटा समय (5–10 मिनट), छोटा समूह (5–10 विद्यार्थी) और एक समय पर एक ही शिक्षण-कौशल का अभ्यास होता है। इसीलिए यह ‘सूक्ष्म’ है।

प्रश्न 2. गेन्ये की नौ अनुदेशन-घटनाओं में ‘उद्देश्य बताना’ के तुरंत बाद कौन-सी घटना आती है?

  • (क) पूर्व-अधिगम का स्मरण कराना
  • (ख) विषयवस्तु प्रस्तुत करना
  • (ग) अधिगम-मार्गदर्शन देना
  • (घ) ध्यान आकर्षित करना
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) पूर्व-अधिगम का स्मरण कराना. क्रम: ध्यान आकर्षित करना → उद्देश्य बताना → पूर्व-अधिगम का स्मरण → विषयवस्तु प्रस्तुत करना → अधिगम-मार्गदर्शन → निष्पादन प्राप्त करना → प्रतिपुष्टि → निष्पादन का मूल्यांकन → धारण व अंतरण। ध्यान आकर्षित करना पहली घटना है, उद्देश्य के बाद नहीं।

प्रश्न 3. जॉन डीवी के समस्या-समाधान क्रम में ‘संभावित समाधान (परिकल्पना) का सुझाव’ के तुरंत बाद कौन-सा सोपान आता है?

  • (क) अवलोकन या प्रयोग द्वारा परीक्षण
  • (ख) तर्क द्वारा सुझाव के निहितार्थों का विकास
  • (ग) समस्या का स्पष्टीकरण व सीमांकन
  • (घ) अनुभूत कठिनाई
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) तर्क द्वारा सुझाव के निहितार्थों का विकास. डीवी (How We Think, 1910) के सोपान: अनुभूत कठिनाई → समस्या का स्पष्टीकरण → परिकल्पना का सुझाव → तर्क द्वारा निहितार्थों का विकास → अवलोकन/प्रयोग द्वारा परीक्षण। इसलिए परिकल्पना के बाद तर्क से निहितार्थ निकाले जाते हैं।

प्रश्न 4. एक सेमेस्टर में तीन पाठ्यक्रम हैं: 3 क्रेडिट (ग्रेड-पॉइंट 9), 4 क्रेडिट (ग्रेड-पॉइंट 7) और 2 क्रेडिट (ग्रेड-पॉइंट 10)। SGPA कितना होगा?

  • (क) 8.00
  • (ख) 8.33
  • (ग) 8.50
  • (घ) 8.67
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) 8.33. SGPA = Σ(क्रेडिट × ग्रेड-पॉइंट) ÷ Σ क्रेडिट = (3×9 + 4×7 + 2×10) ÷ (3+4+2) = (27 + 28 + 20) ÷ 9 = 75 ÷ 9 = 8.33।

प्रश्न 5. फ्लैंडर्स की अंतःक्रिया विश्लेषण श्रेणी प्रणाली (FIAC) में प्रेक्षक सामान्यतः कितने अंतराल पर एक श्रेणी दर्ज करता है?

  • (क) 10 सेकंड
  • (ख) 1 सेकंड
  • (ग) 30 सेकंड
  • (घ) 3 सेकंड
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) 3 सेकंड. FIAC में कक्षा-वार्तालाप को 10 श्रेणियों में बाँटकर प्रेक्षक हर 3 सेकंड पर एक श्रेणी दर्ज करता है और उनसे मैट्रिक्स बनाता है।

प्रश्न 6. संशोधित ब्लूम वर्गीकरण (एंडरसन–क्रेथवोल, 2001) के ‘ज्ञान-आयाम’ (Knowledge Dimension) में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?

  • (क) तथ्यात्मक (Factual)
  • (ख) संप्रत्ययात्मक (Conceptual)
  • (ग) अधिसंज्ञानात्मक (Metacognitive)
  • (घ) सृजनात्मक (Creative)
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) सृजनात्मक (Creative). ज्ञान-आयाम के चार प्रकार हैं: तथ्यात्मक, संप्रत्ययात्मक, प्रक्रियात्मक और अधिसंज्ञानात्मक। ‘सृजन (Create)’ ज्ञान का प्रकार नहीं, बल्कि संज्ञानात्मक-प्रक्रिया आयाम का सर्वोच्च स्तर है।

प्रश्न 7. वाइगोत्स्की के ‘निकटस्थ विकास क्षेत्र’ (ZPD) का सही अर्थ क्या है?

  • (क) शिक्षार्थी की वर्तमान उपलब्धि और भविष्य के अंकों का अंतर
  • (ख) जो शिक्षार्थी अकेले कर सकता है और जो सहायता से कर सकता है, इनके बीच का क्षेत्र
  • (ग) शिक्षक और शिक्षार्थी की आयु का अंतर
  • (घ) पूर्व-ज्ञान और पाठ्यवस्तु की कठिनाई का योग
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) जो शिक्षार्थी अकेले कर सकता है और जो सहायता से कर सकता है, इनके बीच का क्षेत्र. ZPD वह क्षेत्र है जहाँ शिक्षार्थी स्वतंत्र रूप से नहीं कर पाता, पर शिक्षक या अधिक योग्य सहपाठी की सहायता (स्कैफ़ोल्डिंग) से कर लेता है। शिक्षण का सर्वोत्तम प्रभाव इसी क्षेत्र में माना गया है।

प्रश्न 8. हॉवर्ड गार्डनर ने अपनी पुस्तक Frames of Mind (1983) में प्रारंभ में कितनी बुद्धियाँ बताई थीं?

  • (क) 5
  • (ख) 8
  • (ग) 7
  • (घ) 9
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) 7. 1983 में सात बुद्धियाँ बताई गई थीं (भाषायी, तार्किक-गणितीय, दृश्य-स्थानिक, संगीतीय, शारीरिक-गतिबोधी, अंतर्वैयक्तिक, अंतःवैयक्तिक)। बाद में प्रकृतिवादी बुद्धि जोड़ी गई।

प्रश्न 9. ‘रचनात्मक’ (Formative) और ‘योगात्मक’ (Summative) शब्द पाठ्यक्रम-मूल्यांकन के संदर्भ में सर्वप्रथम किसने दिए?

  • (क) माइकल स्क्रिवन
  • (ख) बेंजामिन ब्लूम
  • (ग) रॉबर्ट ग्लेसर
  • (घ) ली क्रोनबाख
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) माइकल स्क्रिवन. ये शब्द माइकल स्क्रिवन (1967) ने पाठ्यक्रम-मूल्यांकन के संदर्भ में दिए; बाद में ब्लूम ने इन्हें अधिगम-मूल्यांकन के लिए अपनाया। ग्लेसर का संबंध मानदंड-संदर्भित मापन (1963) से है।

प्रश्न 10. राष्ट्रीय क्रेडिट ढाँचे (NCrF) में एक क्रेडिट कितने नोशनल अधिगम-घंटों के बराबर माना गया है?

  • (क) 15 घंटे
  • (ख) 20 घंटे
  • (ग) 30 घंटे
  • (घ) 40 घंटे
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) 30 घंटे. NCrF में एक वर्ष = 1200 नोशनल अधिगम-घंटे और वार्षिक 40 क्रेडिट हैं, इसलिए 1 क्रेडिट = 30 घंटे (सेमेस्टर में 20 क्रेडिट)। UGC के CBCS में क्रेडिट की परिभाषा अलग है (1 घंटा व्याख्यान/ट्यूटोरियल प्रति सप्ताह)।

बहु-कथन वाले प्रश्न (प्रश्न 11–20)

कई कथन देकर ‘केवल A और B’ जैसे विकल्प। हर कथन को अलग-अलग जाँचें।

प्रश्न 11. शिक्षण विधियों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) व्याख्यान विधि बड़े समूह के लिए मितव्ययी है।

(B) प्रदर्शन विधि में शिक्षक स्वयं प्रयोग या कौशल करके दिखाता है।

(C) परियोजना विधि शिक्षक-केंद्रित विधि है।

(D) चर्चा विधि में शिक्षक प्रायः सुविधादाता की भूमिका निभाता है।

  • (क) केवल A और B
  • (ख) केवल A, B और D
  • (ग) केवल B, C और D
  • (घ) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) केवल A, B और D. A सही: व्याख्यान बड़े समूह में कम खर्च में चल जाता है। B सही: प्रदर्शन में शिक्षक करके दिखाता है। C गलत: परियोजना विधि शिक्षार्थी-केंद्रित है, जिसमें शिक्षार्थी स्वयं योजना बनाकर कार्य करता है। D सही: चर्चा में शिक्षक मार्गदर्शक/सुविधादाता होता है। इसलिए A, B और D सही हैं।

प्रश्न 12. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) संगोष्ठी (Seminar) में प्रस्तुति के बाद चर्चा होती है।

(B) परिसंवाद (Symposium) में एक ही विषय के भिन्न-भिन्न पक्षों पर अनेक वक्ता प्रस्तुति देते हैं।

(C) पैनल चर्चा में कोई संचालक नहीं होता।

(D) कार्यशाला (Workshop) में सहभागी स्वयं व्यावहारिक कार्य करते हैं।

  • (क) केवल A और C
  • (ख) केवल B, C और D
  • (ग) केवल A, B और D
  • (घ) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) केवल A, B और D. A, B और D सही हैं। C गलत है: पैनल चर्चा विशेषज्ञों का संचालक (Moderator) के निर्देशन में श्रोताओं के सामने परस्पर संवाद है, इसलिए संचालक होता है।

प्रश्न 13. मूल्यांकन-उपकरणों के गुणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) वैध परीक्षण विश्वसनीय अवश्य होता है।

(B) विश्वसनीय परीक्षण का वैध होना आवश्यक नहीं है।

(C) अर्ध-विच्छेद (Split-half) विधि विश्वसनीयता ज्ञात करने की एक विधि है।

(D) क्रोनबाख अल्फा वैधता का मापक है।

  • (क) केवल A और B
  • (ख) केवल B, C और D
  • (ग) केवल A, B और D
  • (घ) केवल A, B और C
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) केवल A, B और C. A, B और C सही हैं। D गलत: क्रोनबाख अल्फा आंतरिक संगति, यानी विश्वसनीयता का सूचक है। याद रखें: वैध ⇒ विश्वसनीय, पर विश्वसनीय ⇏ वैध।

प्रश्न 14. किशोर शिक्षार्थी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) एरिक्सन के अनुसार इस अवस्था का मनोसामाजिक संकट ‘पहचान बनाम भूमिका-भ्रम’ है।

(B) पियाजे के अनुसार लगभग 11–12 वर्ष के बाद औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था आरंभ होती है।

(C) एल्काइंड ने किशोर-आत्मकेंद्रितता के रूप में ‘काल्पनिक दर्शक’ की अवधारणा दी।

(D) स्टैनली हॉल के अनुसार किशोरावस्था शांत और स्थिर अवस्था है।

  • (क) केवल A, B और C
  • (ख) केवल A और D
  • (ग) केवल B, C और D
  • (घ) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) केवल A, B और C. A, B और C सही हैं। D गलत: स्टैनली हॉल ने किशोरावस्था को ‘तूफ़ान और तनाव’ (Storm and Stress) की अवस्था कहा।

प्रश्न 15. अधिगम के उपागमों और उनके विचारकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) बंडुरा ने अवलोकन और अनुकरण से अधिगम पर बल दिया।

(B) जॉर्ज सिमेन्स संयोजनवाद (Connectivism) से संबद्ध हैं।

(C) स्किनर क्रियाप्रसूत अनुबंधन से संबद्ध हैं।

(D) पावलोव क्रियाप्रसूत अनुबंधन के प्रवर्तक हैं।

  • (क) केवल A और D
  • (ख) केवल B और C
  • (ग) केवल A, B और C
  • (घ) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) केवल A, B और C. A, B और C सही हैं। D गलत: पावलोव शास्त्रीय (Classical) अनुबंधन से जुड़े हैं; क्रियाप्रसूत (Operant) अनुबंधन स्किनर का है।

प्रश्न 16. SWAYAM और उससे संबद्ध मंचों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) UGC के नियमों के अनुसार SWAYAM के पाठ्यक्रम चार-चतुर्थांश शिक्षण-शास्त्र पर आधारित होते हैं।

(B) SWAYAM Prabha DTH चैनल-समूह GSAT-15 उपग्रह के माध्यम से प्रसारित होता है।

(C) SWAYAM कक्षा 9 से स्नातकोत्तर स्तर तक निःशुल्क पाठ्यक्रम उपलब्ध कराता है।

(D) SWAYAM Prabha के राष्ट्रीय समन्वयन की ज़िम्मेदारी AICTE के पास है।

  • (क) केवल A और B
  • (ख) केवल A, B और C
  • (ग) केवल B, C और D
  • (घ) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) केवल A, B और C. A, B और C सही हैं। D गलत: SWAYAM Prabha का राष्ट्रीय समन्वयन CEC (Consortium for Educational Communication) करता है; AICTE SWAYAM की राष्ट्रीय समन्वयक संस्थाओं में से एक है, पर Prabha का समन्वयक नहीं।

प्रश्न 17. मूल्यांकन के उपकरणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) घटना-वृत्त (Anecdotal Record) अवलोकन-आधारित उपकरण है।

(B) समाजमिति (Sociometry) बुद्धि-लब्धि मापने का परीक्षण है।

(C) रूब्रिक स्पष्ट मानदंडों और स्तरों के साथ पारदर्शी अंकन में सहायक है।

(D) पोर्टफोलियो केवल वस्तुनिष्ठ परीक्षण का एक प्रकार है।

  • (क) केवल A और C
  • (ख) केवल B और D
  • (ग) केवल A, C और D
  • (घ) केवल A, B और C
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) केवल A और C. A और C सही हैं। B गलत: समाजमिति समूह के सदस्यों के आपसी सामाजिक संबंधों का अध्ययन है। D गलत: पोर्टफोलियो विद्यार्थी के कार्यों का संचयी (संग्रह-आधारित) अभिलेख है, वस्तुनिष्ठ परीक्षण नहीं।

प्रश्न 18. CBCS (विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) UGC के अनुसार 1 क्रेडिट = 1 घंटा व्याख्यान/ट्यूटोरियल प्रति सप्ताह = 2 घंटे प्रायोगिक कार्य प्रति सप्ताह।

(B) SGPA = Σ(Cᵢ × Gᵢ) ÷ ΣCᵢ, जहाँ C क्रेडिट और G ग्रेड-पॉइंट है।

(C) CGPA सेमेस्टरों के SGPA का क्रेडिट-भारित औसत है।

(D) कोर (Core) पाठ्यक्रम विद्यार्थी की रुचि पर पूरी तरह वैकल्पिक होते हैं।

  • (क) केवल A और B
  • (ख) केवल B और D
  • (ग) केवल A, B और C
  • (घ) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) केवल A, B और C. A, B और C सही हैं। D गलत: कोर पाठ्यक्रम अनिवार्य होते हैं; विकल्प की स्वतंत्रता इलेक्टिव (DSE/GE) पाठ्यक्रमों में रहती है।

प्रश्न 19. उच्च शिक्षा में मूल्यांकन-सुधार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट्स (ABC) शिक्षार्थी के अर्जित क्रेडिट का डिजिटल भंडार है।

(B) NCrF में 1 क्रेडिट = 15 नोशनल अधिगम-घंटे माना गया है।

(C) PARAKH की स्थापना NCERT के अंतर्गत 2023 में हुई।

(D) NEP 2020 क्षमता-आधारित और नियमित रचनात्मक आकलन पर बल देती है।

  • (क) केवल A और B
  • (ख) केवल A, C और D
  • (ग) केवल B, C और D
  • (घ) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) केवल A, C और D. A, C और D सही हैं। B गलत: NCrF में 1 क्रेडिट = 30 नोशनल अधिगम-घंटे हैं (वर्ष में 1200 घंटे, 40 क्रेडिट)।

प्रश्न 20. शिक्षण के स्तरों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) स्मृति स्तर का शिक्षण शिक्षक-केंद्रित होता है और शिक्षार्थी प्रायः निष्क्रिय रहता है।

(B) बोध स्तर का शिक्षण स्मृति स्तर को अपने में समाहित करता है।

(C) चिंतन स्तर के प्रवर्तक मॉरिसन हैं।

(D) चिंतन स्तर पर समस्या-समाधान और शोध-आधारित विधियाँ उपयुक्त मानी जाती हैं।

  • (क) केवल A और B
  • (ख) केवल B और C
  • (ग) केवल A, C और D
  • (घ) केवल A, B और D
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) केवल A, B और D. A, B और D सही हैं। C गलत: चिंतन स्तर के प्रवर्तक हंट हैं; मॉरिसन बोध स्तर से जुड़े हैं (स्मृति स्तर: हरबर्ट)।

कथन I और कथन II वाले प्रश्न (प्रश्न 21–28)

दोनों कथन सही, एक सही, एक गलत या दोनों गलत: इन चार स्थितियों में से चुनें।

प्रश्न 21. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए:

कथन I: जिग्सॉ सहकारी अधिगम तकनीक का संबंध इलियट आरोनसन (1971) से है।

कथन II: सहकारी अधिगम में परस्पर निर्भरता के साथ व्यक्तिगत जवाबदेही भी आवश्यक होती है।

  • (क) दोनों कथन सही हैं
  • (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है
  • (घ) दोनों कथन गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) दोनों कथन सही हैं. दोनों कथन सही हैं। आरोनसन ने 1971 में जिग्सॉ तकनीक विकसित की, और सहकारी अधिगम की पहचान ही परस्पर निर्भरता व व्यक्तिगत जवाबदेही से होती है।

प्रश्न 22. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए:

कथन I: अभिक्रमित अनुदेशन की शाखीय (Branching) प्रणाली नॉर्मन क्राउडर से संबद्ध है।

कथन II: अभिक्रमित अनुदेशन की रैखिक (Linear) प्रणाली भी नॉर्मन क्राउडर से संबद्ध है।

  • (क) दोनों कथन सही हैं
  • (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है
  • (घ) दोनों कथन गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है. कथन I सही है। कथन II गलत है: रैखिक प्रणाली बी. एफ. स्किनर से जुड़ी है।

प्रश्न 23. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए:

कथन I: मानक-संदर्भित मापन में शिक्षार्थी की तुलना पूर्व-निर्धारित मानदंड या दक्षता से की जाती है।

कथन II: मानदंड-संदर्भित मापन की अवधारणा रॉबर्ट ग्लेसर (1963) से संबद्ध है।

  • (क) दोनों कथन सही हैं
  • (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है
  • (घ) दोनों कथन गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है. कथन I गलत है: पूर्व-निर्धारित मानदंड से तुलना मानदंड-संदर्भित मापन में होती है; मानक-संदर्भित में तुलना अन्य शिक्षार्थियों से होती है। कथन II सही है।

प्रश्न 24. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए:

कथन I: ‘एंड्रागॉजी’ शब्द का पहली बार प्रयोग मैल्कम नोल्स ने 1833 में किया था।

कथन II: पेडागॉजी के मॉडल में शिक्षार्थी को स्व-निर्देशित माना जाता है।

  • (क) दोनों कथन सही हैं
  • (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है
  • (घ) दोनों कथन गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) दोनों कथन गलत हैं. दोनों गलत हैं। एंड्रागॉजी शब्द का पहले प्रयोग अलेक्ज़ेंडर कैप (1833) ने किया; नोल्स ने इसे लोकप्रिय बनाया। पेडागॉजी में शिक्षार्थी आश्रित माना जाता है, स्व-निर्देशित शिक्षार्थी एंड्रागॉजी की अवधारणा है।

प्रश्न 25. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए:

कथन I: एडगर डेल का अनुभव शंकु अनुभवों को मूर्त से अमूर्त के क्रम में दर्शाता है।

कथन II: डेल के मूल शंकु में ‘पढ़ने से 10%, सुनने से 20% सीखते हैं’ जैसे अधिगम-प्रतिशत नहीं दिए गए हैं।

  • (क) दोनों कथन सही हैं
  • (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है
  • (घ) दोनों कथन गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) दोनों कथन सही हैं. दोनों सही हैं। शंकु का आधार प्रत्यक्ष उद्देश्यपूर्ण अनुभव (सर्वाधिक मूर्त) है और शीर्ष शाब्दिक प्रतीक (सर्वाधिक अमूर्त)। सोशल मीडिया पर प्रचलित प्रतिशत डेल के मूल शंकु में नहीं हैं।

प्रश्न 26. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए:

कथन I: TPACK मॉडल रुबेन पुएंतेदुरा का है।

कथन II: SAMR मॉडल रुबेन पुएंतेदुरा का है।

  • (क) दोनों कथन सही हैं
  • (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है
  • (घ) दोनों कथन गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है. कथन I गलत है: TPACK मिशरा और कोहलर (2006) का मॉडल है। कथन II सही है: SAMR के चार स्तर प्रतिस्थापन, संवर्धन, संशोधन और पुनर्परिभाषा हैं।

प्रश्न 27. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए:

कथन I: फ्लैंडर्स की FIAC में श्रेणी 1 से 4 शिक्षक के अप्रत्यक्ष प्रभाव को दर्शाती हैं।

कथन II: FIAC में श्रेणी 9 शिक्षक द्वारा व्याख्यान देने का व्यवहार है।

  • (क) दोनों कथन सही हैं
  • (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है
  • (घ) दोनों कथन गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है. कथन I सही है (1 भावना स्वीकार, 2 प्रशंसा, 3 विचार स्वीकार, 4 प्रश्न)। कथन II गलत है: व्याख्यान देना श्रेणी 5 है; श्रेणी 9 विद्यार्थी की पहल है।

प्रश्न 28. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए:

कथन I: संगोष्ठी में प्रस्तुति के बाद उपस्थित जनों के बीच चर्चा होती है।

कथन II: ट्यूटोरियल व्याख्यान के पूरक के रूप में शंका-समाधान और उपचारात्मक शिक्षण के लिए उपयोगी है।

  • (क) दोनों कथन सही हैं
  • (ख) कथन I सही है, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत है, कथन II सही है
  • (घ) दोनों कथन गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) दोनों कथन सही हैं. दोनों सही हैं। संगोष्ठी = प्रस्तुति + चर्चा, और ट्यूटोरियल छोटे समूह/व्यक्तिगत मार्गदर्शन का साधन है।

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अभिकथन-कारण वाले प्रश्न (प्रश्न 29–36)

दोनों को अलग से परखें, फिर देखें कि R, A की व्याख्या करता है या नहीं।

प्रश्न 29. अभिकथन (A) और कारण (R) पर विचार कीजिए:

अभिकथन (A): चिंतन स्तर का शिक्षण समय-साध्य और श्रम-साध्य होता है।

कारण (R): चिंतन स्तर के शिक्षण में शिक्षक हरबर्ट के पंच-पद का पालन करता है।

  • (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  • (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • (ग) A सही है, परंतु R गलत है
  • (घ) A गलत है, परंतु R सही है
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) A सही है, परंतु R गलत है. A सही है: चिंतन स्तर पर समस्या-समाधान और शोध जैसी विधियाँ लगती हैं, जो समय-साध्य हैं। R गलत है: हरबर्ट के पंच-पद स्मृति स्तर से जुड़े हैं।

प्रश्न 30. अभिकथन (A) और कारण (R) पर विचार कीजिए:

अभिकथन (A): वैध परीक्षण विश्वसनीय अवश्य होता है।

कारण (R): विश्वसनीयता की गणना क्यूडर-रिचर्डसन सूत्रों से भी की जाती है।

  • (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  • (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • (ग) A सही है, परंतु R गलत है
  • (घ) A गलत है, परंतु R सही है
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है. A और R दोनों सही हैं, पर R का A से कोई कारण-संबंध नहीं है: R केवल विश्वसनीयता ज्ञात करने का एक तरीक़ा बताता है, यह नहीं कि वैधता के लिए विश्वसनीयता क्यों आवश्यक है।

प्रश्न 31. अभिकथन (A) और कारण (R) पर विचार कीजिए:

अभिकथन (A): मानदंड-संदर्भित मूल्यांकन से शिक्षार्थी को मेरिट-सूची में क्रम (Rank) मिलता है।

कारण (R): मानदंड-संदर्भित मूल्यांकन में तुलना पूर्व-निर्धारित मानदंड या दक्षता से की जाती है।

  • (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  • (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • (ग) A सही है, परंतु R गलत है
  • (घ) A गलत है, परंतु R सही है
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) A गलत है, परंतु R सही है. A गलत है: क्रम और प्रतिशतक मानक-संदर्भित मूल्यांकन के परिणाम हैं। R सही है: मानदंड-संदर्भित में परिणाम दक्ष/अदक्ष या उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण के रूप में आता है।

प्रश्न 32. अभिकथन (A) और कारण (R) पर विचार कीजिए:

अभिकथन (A): सूक्ष्म शिक्षण शिक्षण-कौशलों के विकास का प्रभावी उपाय है।

कारण (R): इसमें छोटे समूह में एक कौशल पर अभ्यास होता है और तुरंत प्रतिपुष्टि मिलती है।

  • (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  • (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • (ग) A सही है, परंतु R गलत है
  • (घ) A गलत है, परंतु R सही है
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है. दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या करता है: एक समय में एक कौशल, छोटा पाठ और तत्काल प्रतिपुष्टि ही सूक्ष्म शिक्षण को कौशल-विकास के लिए प्रभावी बनाते हैं।

प्रश्न 33. अभिकथन (A) और कारण (R) पर विचार कीजिए:

अभिकथन (A): प्रॉक्टर्ड ऑनलाइन परीक्षा दूरस्थ स्थान से भी ली जा सकती है।

कारण (R): कंप्यूटर आधारित परीक्षण में स्वतः अंकन से परिणाम शीघ्र मिल जाता है।

  • (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  • (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • (ग) A सही है, परंतु R गलत है
  • (घ) A गलत है, परंतु R सही है
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है. दोनों सही हैं, पर R प्रॉक्टर्ड परीक्षा के दूरस्थ स्थान से लिए जा सकने का कारण नहीं है। दूरस्थ परीक्षा कैमरा/सॉफ़्टवेयर द्वारा निगरानी के साथ संभव होती है; स्वतः अंकन CBT का अलग लाभ है।

प्रश्न 34. अभिकथन (A) और कारण (R) पर विचार कीजिए:

अभिकथन (A): परियोजना विधि ‘करके सीखने’ पर आधारित है।

कारण (R): परियोजना विधि के प्रवर्तक ब्रूनर हैं।

  • (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  • (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • (ग) A सही है, परंतु R गलत है
  • (घ) A गलत है, परंतु R सही है
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) A सही है, परंतु R गलत है. A सही है। R गलत है: परियोजना विधि के प्रवर्तक डब्ल्यू. एच. किलपैट्रिक माने जाते हैं, जिन्होंने इसे जॉन डीवी के विचारों पर आधारित किया।

प्रश्न 35. अभिकथन (A) और कारण (R) पर विचार कीजिए:

अभिकथन (A): किशोरावस्था में शिक्षार्थी अमूर्त और परिकल्पनात्मक चिंतन में अक्षम होता है।

कारण (R): पियाजे के अनुसार लगभग 11–12 वर्ष के बाद औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था आरंभ होती है।

  • (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  • (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • (ग) A सही है, परंतु R गलत है
  • (घ) A गलत है, परंतु R सही है
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) A गलत है, परंतु R सही है. A गलत है: किशोर अमूर्त और परिकल्पनात्मक चिंतन करने लगता है। R सही है, और वही A के गलत होने का कारण भी बताता है।

प्रश्न 36. अभिकथन (A) और कारण (R) पर विचार कीजिए:

अभिकथन (A): ऑनलाइन असमकालिक (Asynchronous) शिक्षण में शिक्षार्थी अपनी सुविधा के समय सीख सकता है।

कारण (R): इसमें सामग्री रिकॉर्डेड व्याख्यान और ई-सामग्री के रूप में पहले से उपलब्ध रहती है।

  • (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  • (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • (ग) A सही है, परंतु R गलत है
  • (घ) A गलत है, परंतु R सही है
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है. दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या करता है: सामग्री पहले से उपलब्ध होने के कारण शिक्षक और शिक्षार्थी को एक ही समय पर ऑनलाइन होना आवश्यक नहीं।

सुमेलित (सूची I–सूची II) वाले प्रश्न (प्रश्न 37–43)

जो जोड़ी पक्की पता हो, उससे विकल्प काटते चलें।

प्रश्न 37. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:

सूची I सूची II
A. परियोजना विधि I. एच. ई. आर्मस्ट्रांग
B. ह्यूरिस्टिक विधि II. एलेक्स ऑसबॉर्न
C. मंथन (Brainstorming) III. इलियट आरोनसन
D. जिग्सॉ तकनीक IV. डब्ल्यू. एच. किलपैट्रिक
  • (क) A-I, B-II, C-III, D-IV
  • (ख) A-IV, B-I, C-II, D-III
  • (ग) A-II, B-III, C-IV, D-I
  • (घ) A-III, B-IV, C-I, D-II
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) A-IV, B-I, C-II, D-III. परियोजना विधि: किलपैट्रिक (IV); ह्यूरिस्टिक: आर्मस्ट्रांग (I); मंथन: ऑसबॉर्न (II); जिग्सॉ: आरोनसन (III)। सही कोड A-IV, B-I, C-II, D-III।

प्रश्न 38. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:

सूची I सूची II
A. मैल्कम नोल्स I. VARK अधिगम-शैली मॉडल
B. डेविड कोल्ब II. बहु-बुद्धि सिद्धांत
C. हॉवर्ड गार्डनर III. एंड्रागॉजी
D. नील फ्लेमिंग IV. अनुभवात्मक अधिगम-चक्र
  • (क) A-III, B-IV, C-II, D-I
  • (ख) A-III, B-II, C-IV, D-I
  • (ग) A-I, B-IV, C-II, D-III
  • (घ) A-IV, B-III, C-I, D-II
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) A-III, B-IV, C-II, D-I. नोल्स: एंड्रागॉजी (III); कोल्ब: अनुभवात्मक अधिगम-चक्र (IV); गार्डनर: बहु-बुद्धि (II); फ्लेमिंग: VARK (I)। सही कोड A-III, B-IV, C-II, D-I।

प्रश्न 39. सूची I (अवधारणा) को सूची II (आशय) से सुमेलित कीजिए:

सूची I सूची II
A. परीक्षण (Test) I. मापे गए तथ्यों के आधार पर मूल्य-निर्णय लेना
B. मापन (Measurement) II. किसी विशेषता को संख्या या अंक के रूप में व्यक्त करना
C. आकलन (Assessment) III. किसी गुण को जाँचने का उपकरण या प्रक्रिया
D. मूल्यांकन (Evaluation) IV. अधिगम-साक्ष्य जुटाकर उसे सुधार में प्रयोग करना
  • (क) A-II, B-III, C-IV, D-I
  • (ख) A-III, B-II, C-I, D-IV
  • (ग) A-I, B-II, C-III, D-IV
  • (घ) A-III, B-II, C-IV, D-I
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) A-III, B-II, C-IV, D-I. परीक्षण: जाँचने का उपकरण/प्रक्रिया (III); मापन: संख्या में अभिव्यक्ति (II); आकलन: अधिगम-साक्ष्य जुटाकर सुधार में उपयोग (IV); मूल्यांकन: मूल्य-निर्णय (I)।

प्रश्न 40. सूची I (डिजिटल/शैक्षिक मंच) को सूची II (विवरण) से सुमेलित कीजिए:

सूची I सूची II
A. NPTEL I. IITs और IISc द्वारा संचालित वीडियो व वेब-पाठ्यक्रम
B. Shodhganga II. शोध-प्रबंधों (ETDs) का डिजिटल भंडार
C. NDLI III. DTH शैक्षिक चैनल-समूह
D. SWAYAM Prabha IV. राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय
  • (क) A-I, B-II, C-III, D-IV
  • (ख) A-I, B-II, C-IV, D-III
  • (ग) A-II, B-I, C-III, D-IV
  • (घ) A-IV, B-III, C-II, D-I
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) A-I, B-II, C-IV, D-III. NPTEL: IITs व IISc (I); Shodhganga: शोध-प्रबंधों का भंडार (II); NDLI: राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय (IV); SWAYAM Prabha: DTH चैनल-समूह (III)। सही कोड A-I, B-II, C-IV, D-III।

प्रश्न 41. सूची I (अनुदेशन-विधि/मॉडल) को सूची II (संबद्ध नाम/विशेषता) से सुमेलित कीजिए:

सूची I सूची II
A. रैखिक अभिक्रमित अनुदेशन I. नॉर्मन क्राउडर
B. शाखीय अभिक्रमित अनुदेशन II. नौ अनुदेशन-घटनाएँ
C. सूक्ष्म शिक्षण III. ड्वाइट एलन
D. गेन्ये का मॉडल IV. बी. एफ. स्किनर
  • (क) A-I, B-IV, C-III, D-II
  • (ख) A-IV, B-I, C-II, D-III
  • (ग) A-II, B-III, C-I, D-IV
  • (घ) A-IV, B-I, C-III, D-II
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) A-IV, B-I, C-III, D-II. रैखिक: स्किनर (IV); शाखीय: क्राउडर (I); सूक्ष्म शिक्षण: ड्वाइट एलन (III); गेन्ये: नौ अनुदेशन-घटनाएँ (II)।

प्रश्न 42. सूची I (शैक्षिक उद्देश्यों से संबंधित योगदान) को सूची II (विचारक) से सुमेलित कीजिए:

सूची I सूची II
A. संज्ञानात्मक क्षेत्र का वर्गीकरण (1956) I. रॉबर्ट मेगर
B. भावात्मक क्षेत्र (1964) II. बेंजामिन ब्लूम
C. मनोगत्यात्मक क्षेत्र III. सिम्पसन, डेव और हैरो
D. व्यवहारपरक उद्देश्य (1962) IV. क्रेथवोल, ब्लूम और मसिया
  • (क) A-II, B-IV, C-III, D-I
  • (ख) A-II, B-III, C-IV, D-I
  • (ग) A-IV, B-II, C-III, D-I
  • (घ) A-I, B-IV, C-III, D-II
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) A-II, B-IV, C-III, D-I. संज्ञानात्मक: ब्लूम (II); भावात्मक: क्रेथवोल, ब्लूम और मसिया (IV); मनोगत्यात्मक: सिम्पसन, डेव और हैरो (III); व्यवहारपरक उद्देश्य: रॉबर्ट मेगर (I)।

प्रश्न 43. सूची I (अधिगम-उपागम) को सूची II (संबद्ध विचारक) से सुमेलित कीजिए:

सूची I सूची II
A. व्यवहारवाद I. कार्ल रोजर्स
B. रचनावाद II. वाइगोत्स्की
C. मानवतावाद III. जॉर्ज सिमेन्स
D. संयोजनवाद (Connectivism) IV. पावलोव, थॉर्नडाइक, स्किनर
  • (क) A-II, B-IV, C-I, D-III
  • (ख) A-IV, B-II, C-I, D-III
  • (ग) A-IV, B-I, C-II, D-III
  • (घ) A-IV, B-II, C-III, D-I
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) A-IV, B-II, C-I, D-III. व्यवहारवाद: पावलोव, थॉर्नडाइक, स्किनर (IV); रचनावाद: वाइगोत्स्की (II); मानवतावाद: कार्ल रोजर्स (I); संयोजनवाद: जॉर्ज सिमेन्स (III)।

सही क्रम वाले प्रश्न (प्रश्न 44–50)

पहला और अंतिम चरण पहचानें, फिर बीच का क्रम बैठाएँ।

प्रश्न 44. निम्नलिखित को संशोधित ब्लूम वर्गीकरण (2001) में संज्ञानात्मक-प्रक्रिया के निम्न से उच्च क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

(A) विश्लेषण करना

(B) समझना

(C) सृजन करना

(D) प्रयोग करना

  • (क) A → B → C → D
  • (ख) B → D → A → C
  • (ग) D → B → A → C
  • (घ) B → A → D → C
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) B → D → A → C. क्रम: याद करना → समझना → प्रयोग करना → विश्लेषण करना → मूल्यांकन करना → सृजन करना। दिए गए चार में यह B → D → A → C है।

प्रश्न 45. मॉरिसन के मास्टरी सूत्र के चरणों को सही क्रम में लगाइए:

(A) शिक्षण

(B) पूर्व-परीक्षण

(C) विधि में अनुकूलन

(D) परिणाम का परीक्षण

  • (क) B → A → D → C
  • (ख) A → B → D → C
  • (ग) B → D → A → C
  • (घ) D → B → A → C
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) B → A → D → C. सूत्र: पूर्व-परीक्षण → शिक्षण → परिणाम का परीक्षण → विधि में अनुकूलन → पुनः शिक्षण व परीक्षण, जब तक वास्तविक अधिगम न हो जाए।

प्रश्न 46. डीवी के समस्या-समाधान के सोपानों को सही क्रम में लगाइए:

(A) संभावित समाधान (परिकल्पना) का सुझाव

(B) अनुभूत कठिनाई

(C) अवलोकन/प्रयोग द्वारा परीक्षण

(D) समस्या का स्पष्टीकरण व सीमांकन

  • (क) A → B → D → C
  • (ख) B → A → D → C
  • (ग) B → D → A → C
  • (घ) D → B → A → C
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) B → D → A → C. सही क्रम: अनुभूत कठिनाई (B) → समस्या का स्पष्टीकरण (D) → परिकल्पना (A) → परीक्षण (C)। बीच में तर्क द्वारा निहितार्थों का विकास भी आता है।

प्रश्न 47. गेन्ये की अनुदेशन-घटनाओं में निम्नलिखित को सही क्रम में लगाइए:

(A) प्रतिपुष्टि देना

(B) ध्यान आकर्षित करना

(C) विषयवस्तु प्रस्तुत करना

(D) उद्देश्य बताना

  • (क) B → C → D → A
  • (ख) D → B → C → A
  • (ग) B → D → A → C
  • (घ) B → D → C → A
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) B → D → C → A. क्रम: ध्यान आकर्षित करना → उद्देश्य बताना → (पूर्व-अधिगम का स्मरण) → विषयवस्तु प्रस्तुत करना → … → प्रतिपुष्टि देना। दिए गए चार में B → D → C → A।

प्रश्न 48. सूक्ष्म शिक्षण-चक्र के निम्नलिखित चरणों को सही क्रम में लगाइए:

(A) पुनः शिक्षण

(B) योजना

(C) प्रतिपुष्टि

(D) शिक्षण

  • (क) B → D → C → A
  • (ख) B → C → D → A
  • (ग) D → B → C → A
  • (घ) B → D → A → C
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) B → D → C → A. चक्र: योजना → शिक्षण → प्रतिपुष्टि → पुनर्योजना → पुनः शिक्षण → पुनः प्रतिपुष्टि। दिए गए चार में B → D → C → A।

प्रश्न 49. एडगर डेल के अनुभव शंकु के अनुसार इन अनुभवों को सर्वाधिक मूर्त से सर्वाधिक अमूर्त के क्रम में लगाइए:

(A) दृश्य प्रतीक

(B) प्रदर्शन

(C) शाब्दिक प्रतीक

(D) प्रत्यक्ष उद्देश्यपूर्ण अनुभव

  • (क) C → A → B → D
  • (ख) D → A → B → C
  • (ग) D → B → C → A
  • (घ) D → B → A → C
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) D → B → A → C. शंकु का आधार प्रत्यक्ष उद्देश्यपूर्ण अनुभव (सर्वाधिक मूर्त) है; ऊपर क्रमशः कृत्रिम, नाटकीय, प्रदर्शन, क्षेत्र-भ्रमण, प्रदर्शनी, चलचित्र, रेडियो/चित्र, दृश्य प्रतीक और शीर्ष पर शाब्दिक प्रतीक (सर्वाधिक अमूर्त)। इसलिए D → B → A → C।

प्रश्न 50. SAMR मॉडल के स्तरों को निम्न से उच्च क्रम में लगाइए:

(A) संशोधन

(B) पुनर्परिभाषा

(C) प्रतिस्थापन

(D) संवर्धन

  • (क) C → A → D → B
  • (ख) C → D → B → A
  • (ग) C → D → A → B
  • (घ) D → C → A → B
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) C → D → A → B. SAMR: प्रतिस्थापन (Substitution) → संवर्धन (Augmentation) → संशोधन (Modification) → पुनर्परिभाषा (Redefinition)। यानी C → D → A → B।

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बहु-कथन (A, B, C, D) जो कथन पक्का सही या पक्का गलत पता हो, उससे विकल्प काटिए। जैसे A पक्का सही हो तो ‘केवल B और C’ जैसे विकल्प कट जाते हैं।
कथन I – कथन II दोनों को अलग-अलग परखिए, एक-दूसरे से जोड़कर नहीं। फिर चार स्थितियों में से एक चुनिए: दोनों सही, एक सही, एक गलत या दोनों गलत।
अभिकथन (A) – कारण (R) पहले देखिए A और R अलग-अलग सही हैं या नहीं। दोनों सही हों तो पूछिए: ‘क्या R की वजह से A सही है?’ हाँ तो R, A की व्याख्या है।
सुमेलित (सूची I – सूची II) जो एक जोड़ी पक्की याद हो, उसी से विकल्प काटिए। दो जोड़ियाँ पक्की हों तो अक्सर उत्तर निकल आता है।
सही क्रम पहला और अंतिम चरण पहचानिए, फिर बीच के दो चरण बैठाइए। अधिकतर क्रम अवधारणा के तर्क से याद रहते हैं।

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हर ग़लत उत्तर के लिए तीन बातें लिखिए: क्या ग़लत किया, सही क्या था और क्यों। अगले सप्ताह उसी बिंदु पर दोबारा प्रश्न हल कीजिए। यही ग़लती-डायरी सबसे जल्दी नतीजा देती है।

निष्कर्ष

शिक्षण अभिवृत्ति से अंक पाने के लिए नाम और अवधारणाएँ पक्की करना और अलग-अलग प्रकार के प्रश्न हल करना, दोनों ज़रूरी हैं। इस लेख के 50 प्रश्न दो-तीन बार हल कीजिए और ग़लतियों की सूची बनाइए। नोट्स के लिए शिक्षण अभिवृत्ति के नोट्स और सभी 10 इकाइयों के लिए ई-बुक देखिए।

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सामान्यतः इस इकाई से लगभग 5 प्रश्न (10 अंक) पूछे जाते हैं। पैटर्न बदल सकता है, इसलिए NTA की ताज़ा अधिसूचना देखें।

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जो कथन पक्का सही या पक्का गलत पता हो, उससे विकल्प काटते चलें। विस्तार से तरीक़े इस खंड में हैं।

रोज़ कितने MCQ हल करने चाहिए?

शुरुआत में रोज़ 20 से 30 प्रश्न काफ़ी हैं, पर हर प्रश्न की व्याख्या पढ़ना और ग़लत उत्तर का कारण लिखना ज़्यादा ज़रूरी है। हर सप्ताह एक पूरा 50 प्रश्नों का टेस्ट रखें।

केवल कृष्ण घोड़ेला: हिंदी साहित्य चैनल

✍️ लेखक परिचय

केवल कृष्ण घोड़ेला

एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)

हिंदी साहित्य चैनल के संचालक। UGC NET, RPSC और हिंदी साहित्य की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का लंबे समय से मार्गदर्शन कर रहे हैं। इस लेख के प्रश्न NTA के पाठ्यक्रम, मानक शिक्षा-ग्रंथों और सरकारी स्रोतों के आधार पर अपने शब्दों में तैयार किए गए हैं।

स्रोत: NTA UGC NET, UGC, SWAYAM, शिक्षा मंत्रालय और मानक शिक्षा-ग्रंथ। ये अभ्यास-प्रश्न मौलिक हैं और पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं हैं। परीक्षा-पैटर्न और अंक-योजना बदल सकती है, अंतिम जानकारी के लिए NTA की ताज़ा सूचना देखें।


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