प्रगतिवाद किसे कहते हैं ?

हिंदी साहित्य में प्रगतिवाद (लगभग 1936 से 1943 ई.) मार्क्सवादी दर्शन, सामाजिक यथार्थ और जन-चेतना का वह स्वर्ण युग है जिसने कविता को महल...

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