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UGC NET Environment Notes in Hindi: पर्यावरण, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, SDG और MCQ (इकाई 9)

UGC NET Environment Notes in Hindi: पर्यावरण, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, SDG और MCQ

अंतिम संशोधित (Last Updated): October 19, 2026

🗓️ अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026  |  ✍️ केवल कृष्ण घोड़ेला  |  UGC NET Paper 1, इकाई 9

लोग, विकास और पर्यावरण (People, Development & Environment) UGC NET Paper 1 की इकाई 9 है। इसमें SDG, प्रदूषण के मानक, जलवायु-समझौते, अधिनियम और उनके वर्ष जैसे तथ्य पूछे जाते हैं, और हाल के निर्णय भी प्रश्न बनते हैं। इस लेख में UGC NET Environment Notes in Hindi तालिकाओं के साथ हैं, और साथ में परीक्षा पैटर्न वाले 16 MCQ (बहु-कथन, कथन-कारण, सुमेलित और क्रम वाले प्रश्नों सहित)।

⚡ संक्षिप्त उत्तर

  • इकाई: UGC NET Paper 1 की इकाई 9: लोग, विकास और पर्यावरण
  • प्रश्न: सामान्यतः लगभग 5 प्रश्न, कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं
  • विकास: SDGs: 17 लक्ष्य, 169 लक्ष्य-बिंदु, 2016–2030; MDGs: 8 लक्ष्य, 2000–2015
  • प्रदूषण: AQI: 6 श्रेणियाँ, 8 प्रदूषक; BS-VI: 1 अप्रैल 2020; वायु अधिनियम 1981, जल अधिनियम 1974
  • जलवायु: क्योटो 1997; पेरिस 2015 (1.5 °C); भारत का नेट-ज़ीरो लक्ष्य 2070
  • कानून: पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 (अनुच्छेद 253); NGT 2010; आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005
⚠️ UGC NET दिसंबर 2026 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2026 है (NTA की सार्वजनिक सूचना के अनुसार)। तिथियाँ, पैटर्न और पूरा सिलेबस: UGC NET Paper 1 Notes in Hindi: पूरी गाइड।

🎯 अद्यतन-सूचना

इस इकाई के कई आँकड़े और निर्णय (COP, NDC, नए नियम, ऊर्जा-क्षमता) समय के साथ बदलते हैं। यहाँ दिए आँकड़े अक्टूबर 2026 तक की जानकारी पर आधारित हैं। परीक्षा के महीने से पहले MoEFCC, MNRE और UNFCCC की वेबसाइट पर संख्याएँ एक बार फिर देख लें।

📌 इस शृंखला के लेख

📑 इस लेख में:

  1. विकास और पर्यावरण: अवधारणा
  2. MDGs और SDGs
  3. मानव–पर्यावरण अंतःक्रिया और पारिस्थितिकी
  4. प्रदूषण: प्रकार, स्रोत और कानून
  5. अपशिष्ट प्रबंधन
  6. जलवायु परिवर्तन
  7. प्राकृतिक और ऊर्जा संसाधन
  8. प्राकृतिक आपदाएँ
  9. पर्यावरण का कानूनी ढाँचा
  10. अंतर्राष्ट्रीय समझौते और सम्मेलन
  11. त्वरित पुनरावृत्ति और परीक्षा के जाल
  12. Environment MCQ in Hindi
  13. तैयारी कैसे करें
  14. पूरी ई-बुक
  15. FAQ

विकास और पर्यावरण: अवधारणा

विकास (Development) केवल आर्थिक वृद्धि नहीं है। यह मानव-जीवन की गुणवत्ता में सुधार है: स्वास्थ्य, शिक्षा, आय, समानता, स्वतंत्रता और सतत पर्यावरण। पर्यावरण मनुष्य को घेरने वाले भौतिक (वायु, जल, मृदा), जैविक (वनस्पति, जीव) और सामाजिक-सांस्कृतिक तत्त्वों की समग्रता है।

अवधारणा आशय
आर्थिक वृद्धि (Growth) GDP या आय में मात्रात्मक वृद्धि
आर्थिक विकास (Development) वृद्धि + संरचनात्मक परिवर्तन + जीवन-स्तर में सुधार
मानव विकास (UNDP) महबूब-उल-हक और अमर्त्य सेन की संकल्पना; HDI = स्वास्थ्य (जीवन-प्रत्याशा) + शिक्षा + आय (GNI प्रति व्यक्ति); 1990 से मानव विकास रिपोर्ट
सतत विकास ऐसा विकास जो भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता किए बिना वर्तमान की आवश्यकताएँ पूरी करे। ब्रंटलैंड रिपोर्ट ‘हमारा साझा भविष्य’ (1987)
पारिस्थितिकी-पदचिह्न किसी जनसंख्या की खपत के लिए आवश्यक भूमि और जल-क्षेत्र; जैव-क्षमता (Biocapacity) से तुलना
वहन-क्षमता (Carrying Capacity) पर्यावरण जितने जीवों को सतत रूप से सहारा दे सके, उनकी अधिकतम संख्या
IPAT समीकरण I = P × A × T: पर्यावरणीय प्रभाव = जनसंख्या × समृद्धि (उपभोग) × प्रौद्योगिकी
पर्यावरणीय कुज़नेट्स वक्र (EKC) आय बढ़ने पर आरंभ में प्रदूषण बढ़ता है, फिर घटता है (उल्टा-U आकार); विवादित परिकल्पना
साझा संपदा की त्रासदी गैरेट हार्डिन (1968); साझे संसाधन का अति-दोहन। एलिनोर ओस्ट्रॉम ने समुदाय-आधारित प्रबंधन का समाधान दिया (नोबेल 2009)
प्लैनेटरी बाउंड्रीज़ रॉकस्ट्रॉम (2009); पृथ्वी-तंत्र की 9 सुरक्षित सीमाएँ
एंथ्रोपोसीन मानव-प्रभुत्व वाले भूवैज्ञानिक युग का प्रस्ताव; पॉल क्रुटज़न (2000)

पर्यावरण-चिंतन और आंदोलन

वर्ष / कृति / आंदोलन महत्त्व
1962: Silent Spring रेचल कार्सन; कीटनाशकों (DDT) के दुष्प्रभाव; आधुनिक पर्यावरण-आंदोलन की प्रेरक
1972: Limits to Growth क्लब ऑफ़ रोम; वृद्धि की भौतिक सीमाएँ
1973: Small is Beautiful ई. एफ़. शूमाकर; उपयुक्त प्रौद्योगिकी
1730: खेजड़ली (बिश्नोई) अमृता देवी के नेतृत्व में खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए 363 बलिदान (जोधपुर, राजस्थान)
1973: चिपको आंदोलन उत्तराखंड (चमोली); गौरा देवी, सुंदरलाल बहुगुणा, चंडी प्रसाद भट्ट
1983: अप्पिको आंदोलन कर्नाटक के पश्चिमी घाट; पांडुरंग हेगड़े
1978-81: साइलेंट वैली केरल; शेर-पूँछ वाले मकाक के आवास की रक्षा; पनबिजली-परियोजना रद्द; राष्ट्रीय उद्यान (1985)
1985: नर्मदा बचाओ आंदोलन मेधा पाटकर; सरदार सरोवर बाँध से विस्थापन के विरुद्ध; बाबा आमटे
नवधान्य (1987) वंदना शिवा; देसी बीज-संरक्षण, जैविक खेती

सहस्राब्दी विकास लक्ष्य (MDGs) और सतत विकास लक्ष्य (SDGs)

MDGs (2000–2015)

सितंबर 2000 की सहस्राब्दी घोषणा के आधार पर 8 लक्ष्य, 21 लक्ष्य-बिंदु और 60 सूचक; लक्ष्य-वर्ष 2015।

क्र. सहस्राब्दी विकास लक्ष्य
1 अत्यंत निर्धनता और भुखमरी का उन्मूलन
2 सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा की प्राप्ति
3 लैंगिक समानता और महिला-सशक्तीकरण को बढ़ावा
4 बाल-मृत्यु दर में कमी
5 मातृ-स्वास्थ्य में सुधार
6 HIV/AIDS, मलेरिया तथा अन्य रोगों से संघर्ष
7 पर्यावरणीय सततता सुनिश्चित करना
8 विकास के लिए वैश्विक साझेदारी

SDGs (2016–2030)

25 सितंबर 2015 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ‘हमारे विश्व का रूपांतरण: 2030 का सतत विकास एजेंडा’ अपनाया। इसमें 17 लक्ष्य, 169 लक्ष्य-बिंदु और 231 अद्वितीय सूचक हैं। सिद्धांत: कोई पीछे न छूटे (Leave No One Behind), सार्वभौमिकता और अविभाज्यता; 5 P: People, Planet, Prosperity, Peace, Partnership।

क्र. लक्ष्य (संक्षेप) क्र. लक्ष्य (संक्षेप)
1 निर्धनता का अंत 10 असमानताओं में कमी
2 शून्य भुखमरी 11 सतत नगर और समुदाय
3 अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण 12 ज़िम्मेदार उपभोग और उत्पादन
4 गुणवत्तापूर्ण शिक्षा 13 जलवायु कार्रवाई
5 लैंगिक समानता 14 जल के नीचे जीवन
6 स्वच्छ जल और स्वच्छता 15 थल पर जीवन
7 सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा 16 शांति, न्याय और सशक्त संस्थाएँ
8 उत्तम कार्य और आर्थिक वृद्धि 17 लक्ष्यों के लिए साझेदारी
9 उद्योग, नवाचार और अवसंरचना
सतत विकास लक्ष्य (SDG) के 17 लक्ष्यों की सूची हिंदी में: निर्धनता का अंत से साझेदारी तक

💡 याद रखने की युक्ति

पर्यावरण से जुड़े SDG: 6 (जल), 7 (ऊर्जा), 11 (नगर), 12 (उपभोग), 13 (जलवायु), 14 (समुद्र), 15 (थल)। शिक्षा = SDG 4, लैंगिक समानता = SDG 5, जलवायु = SDG 13।

पक्ष MDGs SDGs
अवधि 2000–2015 2016–2030
लक्ष्य-संख्या 8 17 (169 लक्ष्य-बिंदु)
लागू होने का क्षेत्र मुख्यतः विकासशील देश सार्वभौमिक: सभी देश
पर्यावरण एक लक्ष्य (MDG-7) अनेक लक्ष्यों में समाहित
निर्माण-प्रक्रिया विशेषज्ञों और संस्थाओं द्वारा व्यापक वैश्विक परामर्श

भारत और SDG

  • नोडल संस्था नीति आयोग; सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) राष्ट्रीय सूचक-ढाँचा (NIF) बनाता है।
  • नीति आयोग का SDG इंडिया इंडेक्स (पहला 2018) राज्यों की प्रगति मापता है।
  • नीति आयोग का बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर के सूचकों पर आधारित है।
  • मिशन LiFE (अक्टूबर 2022): जीवन-शैली में पर्यावरण-अनुकूल परिवर्तन।

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SDG, प्रदूषण, जलवायु, कानून और समझौतों के पूरे नोट्स, माइंड मैप और अभ्यास प्रश्न इकाई 9 में हैं। 247 पन्ने • 10 इकाइयाँ • Hindi Medium

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मानव–पर्यावरण अंतःक्रिया और पारिस्थितिकी

मानवजनित गतिविधि प्रमुख पर्यावरणीय प्रभाव
वनोन्मूलन और भूमि-उपयोग परिवर्तन जैव-विविधता का ह्रास, मृदा-अपरदन, कार्बन-सिंक में कमी, जल-चक्र में बाधा
गहन कृषि उर्वरक-कीटनाशक प्रदूषण, भूजल-दोहन, मृदा-लवणीकरण, मीथेन (धान, पशुधन), N₂O, सुपोषण
औद्योगीकरण और खनन वायु-जल प्रदूषण, भूमि-क्षरण, खदान-अपशिष्ट
नगरीकरण शहरी ऊष्मा-द्वीप, ठोस अपशिष्ट, वाहन-प्रदूषण, शहरी बाढ़
जीवाश्म ईंधन का उपयोग CO₂, SO₂, NOₓ, कणिकीय पदार्थ; अम्लीय वर्षा, जलवायु-परिवर्तन
बड़े बाँध विस्थापन, नदी-पारिस्थितिकी में परिवर्तन, अवसादन
अति-मत्स्यन और तटीय विकास समुद्री जैव-विविधता का ह्रास, मैंग्रोव-नाश, तटीय क्षरण
प्लास्टिक का उपभोग समुद्री प्रदूषण, सूक्ष्म-प्लास्टिक का खाद्य-शृंखला में प्रवेश

पारिस्थितिक-तंत्र: मूल अवधारणाएँ

अवधारणा विवरण
पारिस्थितिकी (Ecology) शब्द अर्नस्ट हेकेल (1866); ‘Ecosystem’ शब्द ए. जी. टैन्सले (1935)
घटक अजैविक (प्रकाश, ताप, जल, मृदा) और जैविक: उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक
पोषण-स्तर उत्पादक (T1) → प्राथमिक उपभोक्ता (T2) → द्वितीयक (T3) → तृतीयक (T4)
लिंडेमान का 10% नियम एक पोषण-स्तर से अगले में लगभग 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है
पारिस्थितिक पिरामिड ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा; तालाब-तंत्र में जैव-भार का पिरामिड उल्टा संभव
जैव-आवर्धन DDT, पारा जैसे अविघटनशील विषैले पदार्थों का ऊपरी पोषण-स्तरों पर बढ़ता संकेंद्रण
अनुक्रमण (Succession) समुदायों का क्रमिक परिवर्तन; प्राथमिक अनुक्रमण में नग्न चट्टान पर लाइकेन अग्रणी
इकोटोन दो पारितंत्रों का संक्रमण-क्षेत्र; अधिक विविधता
जैव-भू-रासायनिक चक्र मुख्य बिंदु
कार्बन चक्र वायुमंडलीय CO₂ → प्रकाश-संश्लेषण → जैव-भार → श्वसन/अपघटन/दहन → CO₂; सबसे बड़ा भंडार महासागर और तलछटी चट्टानें
नाइट्रोजन चक्र N₂ (वायु में 78%) → स्थिरीकरण → अमोनीकरण → नाइट्रीकरण → पौधे → विनाइट्रीकरण → N₂
जल चक्र वाष्पन, वाष्पोत्सर्जन, संघनन, वर्षण, अपवाह, अंतःस्पंदन
फ़ॉस्फ़ोरस चक्र अवसादी चक्र; भंडार चट्टानें; उर्वरक-अपवाह से सुपोषण

जैव-विविधता और संरक्षण

अवधारणा विवरण
स्तर आनुवंशिक, प्रजाति और पारितंत्र विविधता
जैव-विविधता हॉटस्पॉट (नॉर्मन मायर्स) कम-से-कम 1,500 स्थानिक पादप-प्रजातियाँ और 70% या अधिक मूल आवास का नाश। विश्व में 36; भारत में 4: हिमालय, इंडो-बर्मा, पश्चिमी घाट व श्रीलंका, सुंडालैंड (निकोबार)
IUCN लाल सूची विलुप्त (EX), वन्य में विलुप्त (EW), गंभीर संकटग्रस्त (CR), संकटग्रस्त (EN), सुभेद्य (VU), संकट के निकट (NT), अल्प-चिंता (LC)
स्वस्थाने (In-situ) संरक्षण राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र, पवित्र उपवन
परस्थाने (Ex-situ) संरक्षण चिड़ियाघर, वनस्पति-उद्यान, बीज-बैंक, जीन-बैंक
जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र यूनेस्को MAB कार्यक्रम; क्रोड, बफ़र और संक्रमण-क्षेत्र; नीलगिरि (1986) भारत का पहला
प्रमुख परियोजनाएँ प्रोजेक्ट टाइगर (1973); प्रोजेक्ट एलीफ़ैंट (1992); प्रोजेक्ट चीता (2022 से, कूनो राष्ट्रीय उद्यान); प्रोजेक्ट डॉल्फ़िन (2020)
बाघ-संख्या अखिल भारतीय बाघ आकलन 2022: 3,682 (2018 में 2,967)
रामसर अभिसमय 1971; 2 फ़रवरी विश्व आर्द्रभूमि दिवस; भारत के पहले रामसर स्थल चिल्का (ओडिशा) और केओलादेव (राजस्थान), 1981

⚠️ तथ्य-सावधानी

बाघ-संख्या, रामसर स्थलों की संख्या और जीवमंडल जैसे आँकड़े नए आकलन के साथ बदलते हैं। परीक्षा में नवीनतम सरकारी आँकड़ा स्वीकार्य होता है, इसलिए संख्या के साथ वर्ष याद रखें।

प्रदूषण: प्रकार, स्रोत और कानून

प्रदूषण में वायु, जल, मृदा या ध्वनि जैसे पर्यावरणीय घटकों में ऐसे पदार्थ या ऊर्जा का प्रवेश होता है जो उनके गुणों को इस तरह बदल दे कि जीवों के लिए हानिकारक हो। हानि पहुँचाने वाला पदार्थ प्रदूषक कहलाता है।

वर्गीकरण-आधार प्रकार उदाहरण
प्रकृति प्राथमिक प्रदूषक सीधे उत्सर्जित: CO, SO₂, NO, धूल, कालिख
द्वितीयक प्रदूषक आपसी अभिक्रिया से बने: भू-स्तरीय ओज़ोन, PAN, अम्ल-वर्षा
अपघटन जैव-निम्नीकरणीय घरेलू सीवेज, कृषि-अपशिष्ट
अजैव-निम्नीकरणीय प्लास्टिक, DDT, भारी धातुएँ (Pb, Hg, Cd)
स्रोत बिंदु स्रोत कारखाने की चिमनी या नाला
अबिंदु (विसरित) स्रोत खेतों का बहता उर्वरक, शहरी सतह-अपवाह
प्रदूषण के प्रकार: वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रदूषण के प्रमुख प्रदूषक, मानक और कानून

वायु प्रदूषण

प्रदूषक मुख्य स्रोत प्रमुख प्रभाव
PM₂.₅ (≤ 2.5 µm) वाहन, बायोमास/कोयला जलना, पराली, निर्माण-धूल फेफड़ों के भीतर तक पहुँचकर रक्त में प्रवेश; दमा, हृदय-रोग, फेफड़ों का कैंसर
PM₁₀ (≤ 10 µm) सड़क और निर्माण-धूल, उद्योग श्वसन-तंत्र में जलन, खाँसी
SO₂ कोयला-आधारित ताप-विद्युत, रिफ़ाइनरी अम्ल-वर्षा, श्वसन-रोग
NOₓ वाहन, बिजली-संयंत्र अम्ल-वर्षा, प्रकाश-रासायनिक स्मॉग, ओज़ोन-निर्माण
CO अपूर्ण दहन (वाहन, चूल्हे) हीमोग्लोबिन से जुड़कर ऑक्सीजन-वहन में बाधा
भू-स्तरीय O₃ NOₓ + VOC + धूप (द्वितीयक) फेफड़ों की क्षति, फसल-हानि
Pb (सीसा) पूर्व में लेडेड पेट्रोल, बैटरी-उद्योग बच्चों के बौद्धिक विकास में बाधा
पक्ष क्लासिकल / लंदन स्मॉग प्रकाश-रासायनिक / लॉस एंजिल्स स्मॉग
प्रकृति अपचायक (Reducing) उपचायक (Oxidising)
घटक कोयला-धुआँ + SO₂ + कोहरा NOₓ + हाइड्रोकार्बन + धूप → O₃, PAN
मौसम ठंडा, नम गर्म, धूपयुक्त
प्रसिद्ध घटना लंदन, 1952 लॉस एंजिल्स, 1940 के दशक से
प्रदूषक वार्षिक औसत 24 घंटे का औसत
PM₂.₅ 40 µg/m³ 60 µg/m³
PM₁₀ 60 µg/m³ 100 µg/m³
SO₂ 50 µg/m³ 80 µg/m³
NO₂ 40 µg/m³ 80 µg/m³

ऊपर की तालिका राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (NAAQS, CPCB 2009) की है। भारत के मानक WHO के 2021 के कड़े दिशानिर्देशों (PM₂.₅ वार्षिक 5 µg/m³) से काफ़ी ढीले हैं।

AQI श्रेणी स्वास्थ्य पर प्रभाव
0–50 अच्छा (Good) नगण्य
51–100 संतोषजनक (Satisfactory) संवेदनशील लोगों को हल्की असुविधा
101–200 मध्यम (Moderate) फेफड़ों और हृदय के रोगियों को कठिनाई
201–300 खराब (Poor) लंबे समय तक रहने पर साँस लेने में कठिनाई
301–400 बहुत खराब (Very Poor) लंबे समय में श्वसन-रोग
401–500 गंभीर (Severe) स्वस्थ लोगों पर भी असर

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भारत में 2014 में शुरू हुआ और आठ प्रदूषकों (PM₁₀, PM₂.₅, NO₂, SO₂, CO, O₃, NH₃, Pb) पर आधारित है।

  • वायु (प्रदूषण निवारण व नियंत्रण) अधिनियम, 1981; ध्वनि को 1987 में वायु-प्रदूषक में जोड़ा गया।
  • BS-VI मानक पूरे देश में 1 अप्रैल 2020 से (BS-IV से सीधी छलांग)।
  • राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP), 2019।
  • ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP): दिल्ली-NCR में AQI के अनुसार चरणबद्ध पाबंदियाँ।
  • वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), 2021: दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों के लिए।
  • उज्ज्वला योजना: स्वच्छ रसोई-ईंधन।

📌 अम्ल-वर्षा

वर्षा-जल का pH सामान्यतः 5.6 होता है (CO₂ घुलने से)। pH 5.6 से कम होने पर इसे अम्ल-वर्षा कहते हैं। कारण: SO₂ और NOₓ से बने H₂SO₄ और HNO₃। ताजमहल के संगमरमर पर असर को ‘मार्बल कैंसर’ कहा जाता है।

जल प्रदूषण

  • BOD (जैव-रासायनिक ऑक्सीजन माँग): BOD जितना अधिक, जल उतना अधिक प्रदूषित।
  • DO (घुलित ऑक्सीजन): जितनी अधिक, जल उतना स्वच्छ।
  • COD (रासायनिक ऑक्सीजन माँग): सामान्यतः COD > BOD।
  • सुपोषण (Eutrophication): नाइट्रेट-फ़ॉस्फ़ेट की अधिकता → शैवाल-प्रस्फुटन → ऑक्सीजन-ह्रास → मछलियों की मृत्यु।
  • जल (प्रदूषण निवारण व नियंत्रण) अधिनियम, 1974: भारत का पहला प्रमुख पर्यावरण-कानून; CPCB की स्थापना भी इसी के तहत (1974)।
  • गंगा एक्शन प्लान (1985) → नमामि गंगे (2014-15); जल जीवन मिशन (2019)।
रोग / घटना प्रदूषक स्थान / वर्ष
मिनामाता रोग पारा (मिथाइल मरकरी) जापान, 1950-60 का दशक
इताई-इताई रोग कैडमियम जापान
ब्लू-बेबी सिंड्रोम पेयजल में अधिक नाइट्रेट विश्वव्यापी
फ़्लोरोसिस अधिक फ़्लोराइड राजस्थान, आंध्र, तेलंगाना आदि
आर्सेनिकोसिस भूजल में आर्सेनिक गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान

मृदा और ध्वनि प्रदूषण

  • मृदा प्रदूषण के कारण: रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का अति-प्रयोग, औद्योगिक अपशिष्ट, खनन, प्लास्टिक, अनुपचारित सीवेज-सिंचाई।
  • उपाय: जैविक खेती, एकीकृत कीट-प्रबंधन, मृदा-स्वास्थ्य कार्ड, फसल-चक्र, जैव-उपचार (Bioremediation), पादप-उपचार (Phytoremediation)।
  • ध्वनि की तीव्रता डेसिबल (dB) में मापी जाती है। नियम: ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम, 2000 (पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत)।
क्षेत्र दिन (प्रातः 6 से रात 10) रात (रात 10 से प्रातः 6)
औद्योगिक 75 dB(A) 70 dB(A)
वाणिज्यिक 65 dB(A) 55 dB(A)
आवासीय 55 dB(A) 45 dB(A)
शांत क्षेत्र (अस्पताल, विद्यालय, न्यायालय के 100 मी. तक) 50 dB(A) 40 dB(A)

📌 ओज़ोन-ह्रास

समताप मंडल में ओज़ोन-परत हानिकारक UV-B को रोकती है। CFC, हैलोन और कार्बन टेट्राक्लोराइड ओज़ोन तोड़ते हैं। अंटार्कटिका के ऊपर ओज़ोन छिद्र सितंबर–अक्टूबर में सबसे बड़ा होता है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) से नियंत्रण; किगाली संशोधन (2016) में HFCs की चरणबद्ध कमी। ओज़ोन की इकाई डॉब्सन इकाई है।

प्रदूषकों का स्वास्थ्य पर प्रभाव

प्रदूषक / कारक स्वास्थ्य-प्रभाव
PM₂.₅, PM₁₀ दमा, COPD, हृदयाघात, स्ट्रोक, फेफड़ों का कैंसर
CO ऑक्सीजन-परिवहन में बाधा; सिरदर्द, बेहोशी, मृत्यु
सीसा (Pb) तंत्रिका-क्षति, बच्चों का IQ कम, एनीमिया
पारा (Hg) तंत्रिका-तंत्र की क्षति (मिनामाता रोग)
कैडमियम (Cd) गुर्दा-क्षति, हड्डियों की कमज़ोरी (इताई-इताई)
आर्सेनिक त्वचा के घाव और कैंसर
अधिक फ़्लोराइड / नाइट्रेट फ़्लोरोसिस / ब्लू-बेबी सिंड्रोम
अत्यधिक शोर श्रवण-हानि, तनाव, उच्च रक्तचाप, नींद-विकार
UV-B (ओज़ोन-क्षय से) त्वचा-कैंसर, मोतियाबिंद, प्रतिरक्षा में कमी

अपशिष्ट प्रबंधन

अपशिष्ट-प्रबंधन का वैज्ञानिक सिद्धांत अपशिष्ट-पदानुक्रम है: पहले कम करें और इनकार करें, फिर पुनः उपयोग, फिर पुनर्चक्रण, फिर ऊर्जा या खाद की प्राप्ति, और सबसे अंत में सुरक्षित निपटान (लैंडफ़िल)।

अपशिष्ट-प्रकार मुख्य नियम (भारत) याद रखने योग्य बिंदु
ठोस अपशिष्ट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 (2016 के नियमों का स्थान; पूर्ण प्रभाव 1 अप्रैल 2026 से) चार-धारा पृथक्करण: गीला, सूखा, सैनिटरी, विशेष-देखभाल; थोक अपशिष्ट-उत्पादकों का विस्तारित दायित्व; लैंडफ़िल केवल निष्क्रिय अपशिष्ट के लिए
प्लास्टिक अपशिष्ट प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 और संशोधन चिह्नित एकल-उपयोग प्लास्टिक पर 1 जुलाई 2022 से प्रतिबंध; विस्तारित उत्पादक दायित्व (EPR)
ई-कचरा ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 (1 अप्रैल 2023 से) EPR-प्रमाणपत्र; पंजीकृत रिफ़ाइनर और रीसाइक्लर
जैव-चिकित्सा अपशिष्ट जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 रंग-कोडित थैले (पीला, लाल, सफ़ेद, नीला)
खतरनाक अपशिष्ट खतरनाक व अन्य अपशिष्ट नियम, 2016 बेसल अभिसमय से संबद्ध
बैटरी अपशिष्ट बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 EPR; रीसाइक्लिंग लक्ष्य
रंग क्या डाला जाता है निपटान
पीला शारीरिक अंग, दूषित पट्टी-रूई, एक्सपायर दवाइयाँ भस्मीकरण / गहरा गाड़ना
लाल दूषित पुनर्चक्रणीय प्लास्टिक (ट्यूब, कैथेटर, सुई रहित सिरिंज) ऑटोक्लेव/माइक्रोवेव → पुनर्चक्रण
सफ़ेद (पारभासी) नुकीली वस्तुएँ: सुई, ब्लेड ऑटोक्लेव + कतरन / सुरक्षित निपटान
नीला काँच की शीशियाँ, धातु के प्रत्यारोपण कीटाणुनाशन → पुनर्चक्रण
अभिसमय वर्ष विषय
बेसल 1989 (प्रभावी 1992) खतरनाक अपशिष्ट का सीमा-पारीय संचलन
रॉटरडैम 1998 (प्रभावी 2004) खतरनाक रसायनों/कीटनाशकों के व्यापार में पूर्व-सूचित सहमति (PIC)
स्टॉकहोम 2001 (प्रभावी 2004) स्थायी कार्बनिक प्रदूषक (POPs): DDT, डाइऑक्सिन
मिनामाता 2013 (प्रभावी 2017) पारा (Mercury) का नियंत्रण
  • कंपोस्टिंग, वर्मी-कंपोस्टिंग और बायो-मीथेनेशन (जैव-गैस, बायो-CNG)।
  • भस्मीकरण और अपशिष्ट से ऊर्जा (WtE); वायु-प्रदूषण के नियंत्रण आवश्यक।
  • सैनिटरी लैंडफ़िल: लीचेट और मीथेन का नियंत्रण; खुले डंपसाइट हानिकारक।
  • जैव-खनन (Biomining): पुराने कचरे के पहाड़ों से सामग्री अलग कर क्षेत्र पुनः प्राप्त करना।
  • चक्रीय अर्थव्यवस्था; स्वच्छ भारत मिशन (2014) और स्वच्छ भारत मिशन–शहरी 2.0।

⚠️ तथ्य-सावधानी

ठोस अपशिष्ट नियम 2026 के कुछ विवरण (सीमाएँ, प्रतिशत, तिथियाँ) अधिसूचना-संशोधनों से बदल सकते हैं। परीक्षा में प्रायः चार-धारा पृथक्करण और EPR जैसे मूल सिद्धांत ही पूछे जाते हैं।

जलवायु परिवर्तन

मौसम किसी स्थान की अल्पकालिक वायुमंडलीय स्थिति है, जबकि जलवायु लगभग 30 वर्ष या अधिक का औसत मौसम है। जलवायु परिवर्तन औसत जलवायु और उसकी परिवर्तनशीलता में दीर्घकालिक बदलाव है। UNFCCC के अनुसार यह वह परिवर्तन है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मानव-गतिविधि से वायुमंडल की संरचना बदलने के कारण हो।

प्राकृतिक हरित गृह प्रभाव पृथ्वी का औसत तापमान लगभग 15 °C रखता है (इसके बिना लगभग −18 °C)। समस्या अतिरिक्त, मानवजनित प्रभाव है।

गैस मुख्य मानवजनित स्रोत GWP (100 वर्ष, लगभग)
CO₂ जीवाश्म-ईंधन दहन, वनोन्मूलन, सीमेंट 1 (आधार)
CH₄ (मीथेन) धान-खेत, पशुपालन, लैंडफ़िल, कोयला/गैस-रिसाव लगभग 28 (IPCC AR5); क्योटो में 21 प्रयुक्त
N₂O नाइट्रोजन-उर्वरक, जैव-ईंधन, उद्योग लगभग 265 (AR5); क्योटो में 310
HFCs / PFCs रेफ़्रिजरेशन, ए.सी., एरोसोल सैकड़ों से हज़ारों
SF₆ विद्युत-उपकरण लगभग 23,500 (सर्वाधिक)

📌 GWP क्या है?

वैश्विक तापन क्षमता (Global Warming Potential) किसी गैस द्वारा निर्धारित अवधि में रोकी गई ऊष्मा की मात्रा की, समान द्रव्यमान की CO₂ से तुलना है। जलवाष्प सबसे प्रचुर प्राकृतिक ग्रीनहाउस गैस है, पर वह तापमान का प्रतिपुष्टि कारक है, सीधा मानवजनित चालक नहीं।

  • भौतिक प्रभाव: हिमनदों का पिघलना, समुद्र-स्तर वृद्धि, चरम मौसम (लू, बाढ़, चक्रवात, सूखा), समुद्री अम्लीकरण, प्रवाल विरंजन।
  • पारिस्थितिक प्रभाव: प्रजातियों का स्थानांतरण या विलोप, ऋतु-चक्र में बदलाव, वन-आग।
  • भारत में: मानसून की अनिश्चितता, हिमनद-झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) का खतरा, तटीय कटाव (सुंदरबन), कृषि पर दबाव।
आयाम मुख्य बिंदु
सामाजिक जलवायु-विस्थापन; गरीब, महिलाओं, आदिवासियों और तटीय समुदायों पर असमान बोझ (जलवायु-न्याय)
आर्थिक कृषि, मत्स्य, पर्यटन, बीमा पर असर; हरित संक्रमण की लागत; न्यायोचित संक्रमण (Just Transition)
राजनीतिक विकसित–विकासशील देशों का मतभेद; साझी किंतु विभेदित ज़िम्मेदारियाँ (CBDR-RC); जलवायु-वित्त; EU CBAM; हानि और क्षति; प्रौद्योगिकी-हस्तांतरण

जलवायु-वित्त और COP: प्रमुख पड़ाव

  • 2009 (कोपेनहेगन): विकसित देशों ने 2020 तक प्रतिवर्ष 100 अरब डॉलर जुटाने का वचन दिया।
  • COP27 (शर्म अल-शेख, 2022): हानि और क्षति कोष की स्थापना पर सहमति; COP28 (दुबई, 2023) में उसका परिचालन-आरंभ।
  • COP29 (बाकू, 2024): नया सामूहिक परिमाणित लक्ष्य, 2035 तक प्रतिवर्ष कम-से-कम 300 अरब डॉलर।
  • COP30 (बेलेम, ब्राज़ील, नवंबर 2025): शीर्ष निर्णय ‘ग्लोबल मुतिराओ’; अनुकूलन-वित्त को 2035 तक कम-से-कम तीन गुना करने का आह्वान। रिपोर्टों के अनुसार जीवाश्म-ईंधन से चरणबद्ध निकास का मार्ग-चित्र औपचारिक पाठ में शामिल नहीं हुआ।
  • COP31: अंताल्या (तुर्किये), 9–20 नवंबर 2026।

जलवायु पर भारत की नीति

पहल मुख्य बिंदु
NAPCC (2008) आठ राष्ट्रीय मिशन: सौर, ऊर्जा-दक्षता, सतत आवास, जल, हिमालयी पारिस्थितिकी, हरित भारत, सतत कृषि, जलवायु-ज्ञान
पंचामृत (COP26, 2021) 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता; ऊर्जा-ज़रूरतों का 50% नवीकरणीय से; 1 अरब टन उत्सर्जन में कमी; उत्सर्जन-तीव्रता में 45% कमी (2005 आधार); 2070 तक नेट-ज़ीरो
NDC 2022 उत्सर्जन-तीव्रता 45% कम; लगभग 50% गैर-जीवाश्म विद्युत-क्षमता
NDC 3.0 (2031–35) 2005 की तुलना में उत्सर्जन-तीव्रता में 47% कमी; लगभग 60% गैर-जीवाश्म क्षमता (वित्त और प्रौद्योगिकी की उपलब्धता पर निर्भर); केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति मार्च 2026
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) भारत–फ़्रांस की पहल, 2015 (पेरिस COP21); मुख्यालय गुरुग्राम
CDRI आपदा-रोधी अवसंरचना के लिए गठबंधन, 2019 (भारत की पहल)
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023) 2030 तक 5 MMT प्रतिवर्ष उत्पादन का लक्ष्य
PM सूर्य घर (2024) एक करोड़ घरों में छत-सौर संयंत्र का लक्ष्य
ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम (2023) स्वैच्छिक पर्यावरणीय कार्यों के लिए प्रोत्साहन
भारतीय कार्बन बाज़ार (CCTS) ऊर्जा-संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2022 के अंतर्गत
निकाय मुख्य बिंदु
IPCC 1988; WMO + UNEP; वैज्ञानिक आकलन; नोबेल शांति पुरस्कार 2007 (अल गोर के साथ)
UNFCCC 1992 रियो में हस्ताक्षर, 1994 से प्रभावी; सचिवालय बॉन; COP सर्वोच्च निकाय
GCF (हरित जलवायु कोष) विकासशील देशों को वित्त; मुख्यालय सोंगदो (दक्षिण कोरिया)

प्राकृतिक और ऊर्जा संसाधन

वर्ग अर्थ उदाहरण
नवीकरणीय प्राकृतिक रूप से पुनः-पूरित सौर, पवन, जल, बायोमास, भू-तापीय, ज्वार-भाटा, हरित हाइड्रोजन
अनवीकरणीय सीमित भंडार; उपयोग की गति > बनने की गति कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, यूरेनियम, खनिज
पारंपरिक लंबे समय से प्रयुक्त कोयला, तेल, गैस, लकड़ी, बड़े बाँध
गैर-पारंपरिक अपेक्षाकृत नए सौर, पवन, बायोमास, भू-तापीय, ज्वारीय
स्रोत महत्त्वपूर्ण तथ्य
कोयला भारत में विद्युत-उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत; मुख्यतः झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़; लिग्नाइट तमिलनाडु (नेवेली)
पेट्रोलियम और गैस तेल की खोज डिगबोई (असम, 1889); मुंबई हाई, गुजरात, कृष्णा–गोदावरी बेसिन
सौर बड़ा हिस्सा राजस्थान और गुजरात में; भादला (राजस्थान) विशाल सौर-पार्क
पवन तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान
जल-विद्युत टिहरी (उत्तराखंड), भाखड़ा, सरदार सरोवर; पंप्ड-स्टोरेज का महत्त्व
भू-तापीय पुगा घाटी (लद्दाख), मणिकरण (हिमाचल); भारत में सीमित विकास
बायोमास / जैव-ईंधन इथेनॉल-मिश्रण (E20 लक्ष्य); बायोडीज़ल; बायो-CNG (गोबरधन योजना)
परमाणु ऊर्जा भाभा का त्रि-चरणीय कार्यक्रम: (1) PHWR, (2) फ़ास्ट ब्रीडर रिएक्टर, (3) थोरियम-आधारित; कुडनकुलम (तमिलनाडु), तारापुर (महाराष्ट्र), काकरापार (गुजरात)
हरित हाइड्रोजन जल का नवीकरणीय बिजली से विद्युत-अपघटन; उद्योग और भारी परिवहन के लिए संभावित
  • जल: भारत में विश्व की लगभग 18% जनसंख्या है, पर नवीकरणीय मीठे जल का लगभग 4%; अटल भूजल योजना; जल शक्ति अभियान (कैच द रेन)।
  • वन: राष्ट्रीय वन नीति 1988 का लक्ष्य 33% क्षेत्र वन/वृक्ष-आच्छादित (पहाड़ों में 66%)। भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) के अनुसार वन-आच्छादन भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 21.76% (ISFR 2023)।
  • ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001: ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE), स्टार-लेबलिंग, PAT योजना।

प्राकृतिक आपदाएँ और उनका शमन

आपदा ऐसी विपत्तिपूर्ण घटना है जिसमें जन-धन की व्यापक क्षति हो और प्रभावित समुदाय अपने संसाधनों से सामना न कर सके। जोखिम का सरल सूत्र: संकट (Hazard) × संवेदनशीलता (Vulnerability) ÷ क्षमता (Capacity)।

प्रकार उदाहरण
भूगर्भीय भूकंप, ज्वालामुखी, सुनामी, भूस्खलन
जल-मौसमविज्ञानी बाढ़, चक्रवात, सूखा, लू/शीत-लहर, बादल-फटना
जैविक महामारी, कीट-प्रकोप
मानव-जनित औद्योगिक/रासायनिक दुर्घटना, परमाणु दुर्घटना, आग, बाँध-टूटना
  • भूकंप: उद्गम-बिंदु हाइपोसेंटर (फ़ोकस), ठीक ऊपर सतह का बिंदु अधिकेंद्र। रिक्टर या आघूर्ण-परिमाण ऊर्जा बताता है, मर्कली पैमाना तीव्रता (क्षति)। भारत में भूकंपीय ज़ोन चार हैं: II, III, IV, V (V सर्वाधिक संवेदनशील)।
  • सुनामी: 26 दिसंबर 2004 की हिंद महासागर सुनामी के बाद भारत ने INCOIS, हैदराबाद में पूर्व-चेतावनी केंद्र बनाया (2007)।
  • चक्रवात: IMD चेतावनी देता है; पूर्वी तट (ओडिशा, आंध्र, तमिलनाडु) अधिक संवेदनशील।
  • बाढ़: कोसी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है।
  • लू: IMD के अनुसार मैदानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान ≥ 40 °C और सामान्य से कम-से-कम 4.5 °C अधिक।
आपदा-प्रबंधन चक्र आशय
शमन (Mitigation) आपदा-पूर्व: भूकंप-रोधी भवन, तटबंध, भूमि-उपयोग नियोजन
तैयारी (Preparedness) आपदा-पूर्व: प्रशिक्षण, जागरूकता, पूर्व-चेतावनी
प्रतिक्रिया (Response) आपदा-पश्चात: राहत और बचाव
पुनर्वास / पुनर्निर्माण आपदा-पश्चात: ‘बेहतर पुनर्निर्माण’ (Build Back Better)
  • आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005: NDMA के अध्यक्ष प्रधानमंत्री; SDMA के अध्यक्ष मुख्यमंत्री; DDMA के अध्यक्ष ज़िलाधिकारी। साथ में NDRF और NIDM।
  • अधिनियम की पृष्ठभूमि: 1999 का ओडिशा सुपर-साइक्लोन, 2001 का गुजरात भूकंप और 2004 की सुनामी।
  • सेंडाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण ढाँचा 2015–2030 (हायोगो ढाँचे का उत्तराधिकारी): 4 प्राथमिकताएँ, 7 वैश्विक लक्ष्य।

पर्यावरण का कानूनी ढाँचा

अनुच्छेद विषय
अनु. 21 जीवन और दैहिक स्वतंत्रता; न्यायालयों ने स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार इसमें शामिल माना (जैसे सुभाष कुमार बनाम बिहार राज्य, 1991)
अनु. 48-क (DPSP) राज्य पर्यावरण के संरक्षण-संवर्धन और वन्य जीवों की रक्षा का प्रयास करेगा; 42वाँ संशोधन, 1976
अनु. 51-क(छ) (मूल कर्तव्य) नागरिक वन, झील, नदी, वन्य जीवन सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करें
अनु. 253 अंतर्राष्ट्रीय संधियों के अनुपालन के लिए संसद को कानून बनाने की शक्ति; पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 का आधार
समवर्ती सूची (42वाँ संशोधन) वन तथा वन्य जंतु-पक्षी संरक्षण राज्य सूची से समवर्ती सूची में
अधिनियम वर्ष मुख्य बिंदु
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 अनुसूचियाँ; अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान; 2022 संशोधन में अनुसूचियाँ 4 की गईं और CITES के प्रावधान जुड़े
जल (प्रदूषण निवारण व नियंत्रण) अधिनियम 1974 CPCB/SPCB; जल-प्रदूषण पर नियंत्रण
वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 वन-भूमि के गैर-वन उपयोग के लिए केंद्र की अनुमति; 2023 संशोधन से नाम ‘वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम’
वायु (प्रदूषण निवारण व नियंत्रण) अधिनियम 1981 वायु-प्रदूषण का नियंत्रण; 1987 में ध्वनि भी शामिल
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 भोपाल त्रासदी के बाद; ‘छत्र कानून’; अनुच्छेद 253 पर आधारित
सार्वजनिक दायित्व बीमा अधिनियम 1991 खतरनाक पदार्थ से हुई दुर्घटना में तत्काल राहत
ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 BEE; 2022 में संशोधन
जैव-विविधता अधिनियम 2002 NBA (चेन्नई), राज्य जैव-विविधता बोर्ड; लाभ-साझेदारी (ABS)
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) अधिनियम 2010 पर्यावरण-विवादों का त्वरित निपटान; मुख्य पीठ दिल्ली; अन्य पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता, चेन्नई
वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 वन-निवासियों के व्यक्तिगत और सामुदायिक अधिकार

📌 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986: अंक-स्मरण

पारित 23 मई 1986; लागू 19 नवंबर 1986 (पूरे भारत में)। ‘पर्यावरण’ में जल, वायु, भूमि और उनका मानव, अन्य जीवों, पौधों, सूक्ष्मजीवों और संपत्ति से अंतर्संबंध शामिल है।

  • EIA अधिसूचना 2006: परियोजनाएँ श्रेणी-A (केंद्र) और श्रेणी-B (राज्य); चरण: स्क्रीनिंग → स्कोपिंग → जन-सुनवाई → मूल्यांकन → पर्यावरणीय स्वीकृति।
  • तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) अधिसूचना 2019: उच्च ज्वार रेखा से 500 मी. तक का क्षेत्र।
  • न्यायिक सिद्धांत: प्रदूषक-भुगतान (इंडियन काउंसिल फ़ॉर एनवायरो-लीगल एक्शन, 1996), एहतियाती सिद्धांत (वेल्लोर सिटिज़न्स वेलफ़ेयर फ़ोरम, 1996), पब्लिक ट्रस्ट (एम.सी. मेहता बनाम कमलनाथ, 1997), निरपेक्ष दायित्व (एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ, 1986)।
  • अन्य प्रसिद्ध मामले: ताज ट्रेपेज़ियम (एम.सी. मेहता, 1996), टी.एन. गोदावर्मन (1996)।

अंतर्राष्ट्रीय समझौते और सम्मेलन

पर्यावरण के प्रमुख अधिनियम और अंतर्राष्ट्रीय समझौते 1972 से 2015 तक कालक्रम में
वर्ष सम्मेलन / समझौता मुख्य बिंदु
1971 रामसर अभिसमय आर्द्रभूमि संरक्षण
1972 स्टॉकहोम सम्मेलन प्रथम वैश्विक पर्यावरण-सम्मेलन; 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस; UNEP की स्थापना (मुख्यालय नैरोबी)
1973 CITES लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का नियमन
1987 ब्रंटलैंड रिपोर्ट सतत विकास की परिभाषा
1987 मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों की चरणबद्ध समाप्ति (1989 से प्रभावी); किगाली संशोधन (2016): HFCs
1992 रियो / पृथ्वी शिखर सम्मेलन (UNCED) रियो घोषणा, एजेंडा 21, UNFCCC, जैव-विविधता अभिसमय (CBD)
1994 UNCCD (मरुस्थलीकरण) भारत ने 2019 में COP14 की मेज़बानी की (ग्रेटर नोएडा)
1997 क्योटो प्रोटोकॉल (प्रभावी 2005) विकसित देशों के लिए बाध्यकारी उत्सर्जन-कटौती (1990 की तुलना में लगभग 5.2%, 2008–12); तंत्र: CDM, संयुक्त क्रियान्वयन, उत्सर्जन-व्यापार
2002 / 2012 जोहान्सबर्ग (WSSD) / रियो+20 सतत विकास; ‘The Future We Want’; SDGs की ओर मार्ग
2015 पेरिस समझौता (COP21) तापमान वृद्धि 2 °C से काफ़ी नीचे और 1.5 °C तक सीमित रखने का प्रयास; हर देश का NDC; हर 5 वर्ष में वैश्विक समीक्षा; 4 नवंबर 2016 से प्रभावी; भारत ने 2 अक्टूबर 2016 को अनुमोदन किया
2021 COP26 ग्लासगो पेरिस नियम-पुस्तिका पूर्ण; कोयले में ‘चरणबद्ध कमी’; भारत की पंचामृत घोषणा
2022 कुनमिंग–मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव-विविधता ढाँचा 23 लक्ष्य; ‘30 बाई 30’: 2030 तक 30% भूमि और समुद्र का संरक्षण
  • भारत UNFCCC (1993), क्योटो (2002), पेरिस (2016) और किगाली संशोधन (2021) का पक्षकार है; ‘CBDR-RC’ और जलवायु-न्याय पर बल देता है।
  • भारत-प्रेरित वैश्विक पहलें: ISA, CDRI, वैश्विक जैव-ईंधन गठबंधन (2023), बिग कैट अलायंस (2023), मिशन LiFE।

⚠️ कूटनीतिक स्थिति बदलती रहती है

अमेरिका और पेरिस समझौते जैसे विषयों की स्थिति तेज़ी से बदलती है। परीक्षा के समय आधिकारिक स्रोत से नवीनतम स्थिति देख लें।

त्वरित पुनरावृत्ति और परीक्षा के जाल

विषय तुरंत याद रखें
विकास SDGs: 17 लक्ष्य, 169 लक्ष्य-बिंदु, 2015–2030; MDGs: 8 लक्ष्य, 2000–2015
प्रदूषण AQI: 6 श्रेणियाँ, 8 प्रदूषक; BS-VI: 1 अप्रैल 2020; आवासीय ध्वनि सीमा दिन 55 / रात 45 dB
अपशिष्ट चार-धारा पृथक्करण; EPR; बेसल, रॉटरडैम, स्टॉकहोम, मिनामाता
जलवायु क्योटो 1997; पेरिस 2015 (1.5 °C); NDC 3.0: 47% तीव्रता-कमी; नेट-ज़ीरो 2070
ऊर्जा त्रि-चरणीय परमाणु कार्यक्रम; ISA; 500 GW गैर-जीवाश्म (2030); हरित हाइड्रोजन 5 MMT
आपदा DM Act 2005; NDMA (प्रधानमंत्री अध्यक्ष); सेंडाई 2015–30; भूकंप ज़ोन II–V
कानून अनु. 21, 48-क, 51-क(छ), 253; EPA 1986; NGT 2010

⚠️ परीक्षा के आम जाल

  • SDGs सभी देशों के लिए हैं; MDGs मुख्यतः विकासशील देशों के लिए थे।
  • लंदन स्मॉग अपचायक है; लॉस एंजिल्स स्मॉग उपचायक।
  • BOD अधिक = जल अधिक प्रदूषित; DO अधिक = जल अधिक स्वच्छ।
  • कुडनकुलम तमिलनाडु में है, काकरापार गुजरात में।
  • क्योटो में केवल विकसित देशों पर बाध्यकारी कटौती थी; पेरिस में सभी देश NDC देते हैं।
  • जल अधिनियम 1974, वायु अधिनियम 1981, पर्यावरण अधिनियम 1986: क्रम न बिगाड़ें।

Environment MCQ in Hindi (UGC NET पैटर्न, उत्तर और व्याख्या सहित)

इनमें सीधे प्रश्नों के साथ बहु-कथन, कथन I-कथन II, अभिकथन-कारण, सुमेलित और कालक्रम वाले प्रश्न भी हैं, जैसे UGC NET में आते हैं। पहले उत्तर सोचें, फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक करें।

प्रश्न 1. सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की कुल संख्या कितनी है?

  • (क) 8
  • (ख) 15
  • (ग) 17
  • (घ) 21
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✅ उत्तर: (ग) 17. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 25 सितंबर 2015 को 17 लक्ष्यों और 169 लक्ष्य-बिंदुओं वाला 2030 का एजेंडा अपनाया। 8 लक्ष्य सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों (MDGs) के थे।

प्रश्न 2. MDGs और SDGs के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) MDGs की अवधि 2000–2015 थी और उनमें 8 लक्ष्य थे।

(B) SDGs में 17 लक्ष्य और 169 लक्ष्य-बिंदु हैं।

(C) SDGs केवल विकासशील देशों पर लागू होते हैं।

(D) SDG 13 जलवायु कार्रवाई से संबंधित है।

  • (क) केवल (A) और (B)
  • (ख) केवल (A), (B) और (D)
  • (ग) केवल (B), (C) और (D)
  • (घ) (A), (B), (C) और (D) सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) केवल (A), (B) और (D). (A), (B) और (D) सही हैं। (C) गलत है: SDGs सार्वभौमिक हैं और सभी देशों पर लागू होते हैं; MDGs मुख्यतः विकासशील देशों के लिए थे।

प्रश्न 3. ‘सतत विकास’ की परिभाषा किस रिपोर्ट में दी गई है?

  • (क) साइलेंट स्प्रिंग (1962)
  • (ख) लिमिट्स टू ग्रोथ (1972)
  • (ग) हमारा साझा भविष्य, ब्रंटलैंड रिपोर्ट (1987)
  • (घ) स्मॉल इज़ ब्यूटीफुल (1973)
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) हमारा साझा भविष्य, ब्रंटलैंड रिपोर्ट (1987). ब्रंटलैंड आयोग की रिपोर्ट ‘Our Common Future’ (1987) में। ‘साइलेंट स्प्रिंग’ रेचल कार्सन की कृति है, और ‘स्मॉल इज़ ब्यूटीफुल’ ई. एफ़. शूमाकर की।

प्रश्न 4. कथन I: PM₂.₅ ऐसे कण हैं जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। कथन II: क्लासिकल (लंदन) स्मॉग उपचायक (Oxidising) प्रकृति का होता है।

  • (क) कथन I और II दोनों सही हैं
  • (ख) कथन I सही, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत, कथन II सही है
  • (घ) कथन I और II दोनों गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) कथन I सही, कथन II गलत है. कथन I सही है। कथन II गलत है: लंदन स्मॉग अपचायक (Reducing) है (कोयला-धुआँ + SO₂ + कोहरा), जबकि लॉस एंजिल्स का प्रकाश-रासायनिक स्मॉग उपचायक है (NOₓ + हाइड्रोकार्बन + धूप → O₃, PAN)।

प्रश्न 5. सूची I (रोग) को सूची II (संबंधित प्रदूषक) से सुमेलित कीजिए:

सूची I सूची II
(A) मिनामाता रोग (I) नाइट्रेट
(B) इताई-इताई रोग (II) पारा
(C) ब्लू-बेबी सिंड्रोम (III) फ़्लोराइड
(D) फ़्लोरोसिस (IV) कैडमियम
  • (क) A-II, B-IV, C-I, D-III
  • (ख) A-II, B-I, C-IV, D-III
  • (ग) A-IV, B-II, C-I, D-III
  • (घ) A-II, B-IV, C-III, D-I
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) A-II, B-IV, C-I, D-III. मिनामाता = पारा (II); इताई-इताई = कैडमियम (IV); ब्लू-बेबी = पेयजल में अधिक नाइट्रेट (I); फ़्लोरोसिस = अधिक फ़्लोराइड (III)।

प्रश्न 6. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 किस घटना के बाद बनाया गया?

  • (क) चेर्नोबिल दुर्घटना
  • (ख) भोपाल गैस त्रासदी
  • (ग) ओडिशा सुपर-साइक्लोन
  • (घ) 2004 की सुनामी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) भोपाल गैस त्रासदी. भोपाल गैस त्रासदी (2–3 दिसंबर 1984, यूनियन कार्बाइड, मिथाइल आइसोसायनेट) इस ‘छत्र कानून’ का प्रमुख प्रेरक रही। यह अनुच्छेद 253 पर आधारित है।

प्रश्न 7. अभिकथन (A): पारिस्थितिक-तंत्र में ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा (Upright) होता है। कारण (R): एक पोषण-स्तर से अगले स्तर में लगभग 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है।

  • (क) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  • (ख) (A) और (R) दोनों सही हैं, पर (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  • (ग) (A) सही है, पर (R) गलत है
  • (घ) (A) गलत है, पर (R) सही है
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है. लिंडेमान के 10% नियम के अनुसार ऊँचे पोषण-स्तर पर ऊर्जा घटती जाती है (शेष श्वसन और ऊष्मा में नष्ट होती है), इसलिए ऊर्जा का पिरामिड कभी उल्टा नहीं होता। इसलिए (R), (A) की सही व्याख्या है।

प्रश्न 8. भारत में जैव-विविधता हॉटस्पॉट की संख्या कितनी है?

  • (क) 2
  • (ख) 3
  • (ग) 4
  • (घ) 6
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) 4. भारत में 4 हॉटस्पॉट हैं: हिमालय, इंडो-बर्मा, पश्चिमी घाट व श्रीलंका, और सुंडालैंड (निकोबार)। विश्व में 36 हॉटस्पॉट माने जाते हैं।

प्रश्न 9. निम्नलिखित अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को कालक्रम (पहले से बाद) में व्यवस्थित कीजिए:

(A) क्योटो प्रोटोकॉल

(B) मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल

(C) पेरिस समझौता

(D) रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन

  • (क) (B), (D), (A), (C)
  • (ख) (D), (B), (A), (C)
  • (ग) (B), (A), (D), (C)
  • (घ) (B), (D), (C), (A)
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) (B), (D), (A), (C). मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल 1987 → रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन 1992 → क्योटो प्रोटोकॉल 1997 → पेरिस समझौता 2015।

प्रश्न 10. भारत के पर्यावरण-कानूनों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 अनुच्छेद 253 पर आधारित है।

(B) जल (प्रदूषण निवारण व नियंत्रण) अधिनियम, 1974 भारत का पहला प्रमुख पर्यावरण-कानून है।

(C) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) अधिनियम 2010 में बना।

(D) जैव-विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण (NBA) चेन्नई में है।

  • (क) केवल (A), (B) और (C)
  • (ख) केवल (B), (C) और (D)
  • (ग) केवल (A) और (D)
  • (घ) (A), (B), (C) और (D) सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (घ) (A), (B), (C) और (D) सभी. चारों कथन सही हैं। EPA 1986 अनुच्छेद 253 (अंतर्राष्ट्रीय संधियों के लिए कानून बनाने की संसद की शक्ति) पर आधारित है; जल अधिनियम 1974 में CPCB भी बना; NGT अधिनियम 2010 में आया; NBA का मुख्यालय चेन्नई है।

प्रश्न 11. पेरिस समझौते (2015) में वैश्विक तापमान वृद्धि को 2 °C से काफ़ी नीचे और कितने तक सीमित रखने का प्रयास तय हुआ?

  • (क) 1 °C
  • (ख) 1.5 °C
  • (ग) 2.5 °C
  • (घ) 3 °C
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) 1.5 °C. पेरिस समझौते का लक्ष्य 2 °C से काफ़ी नीचे और 1.5 °C तक सीमित रखने का प्रयास है। इसके लिए हर देश अपना NDC देता है, जिसकी हर 5 साल में समीक्षा होती है।

प्रश्न 12. भारत ने कितने वर्ष तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया है?

  • (क) 2050
  • (ख) 2060
  • (ग) 2070
  • (घ) 2080
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) 2070. COP26 (ग्लासगो, 2021) में पंचामृत के अंतर्गत 2070 तक नेट-ज़ीरो का लक्ष्य घोषित किया गया।

प्रश्न 13. सूची I (आंदोलन) को सूची II (संबंधित तथ्य) से सुमेलित कीजिए:

सूची I सूची II
(A) चिपको आंदोलन (I) पांडुरंग हेगड़े
(B) अप्पिको आंदोलन (II) मेधा पाटकर
(C) नर्मदा बचाओ आंदोलन (III) गौरा देवी और सुंदरलाल बहुगुणा
(D) साइलेंट वैली आंदोलन (IV) केरल, शेर-पूँछ वाला मकाक
  • (क) A-III, B-I, C-II, D-IV
  • (ख) A-I, B-III, C-II, D-IV
  • (ग) A-III, B-II, C-I, D-IV
  • (घ) A-III, B-I, C-IV, D-II
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (क) A-III, B-I, C-II, D-IV. चिपको (उत्तराखंड, 1973) = गौरा देवी, सुंदरलाल बहुगुणा (III); अप्पिको (कर्नाटक, 1983) = पांडुरंग हेगड़े (I); नर्मदा बचाओ = मेधा पाटकर (II); साइलेंट वैली (केरल) = शेर-पूँछ वाले मकाक के आवास की रक्षा (IV)।

प्रश्न 14. आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का अध्यक्ष कौन होता है?

  • (क) राष्ट्रपति
  • (ख) गृह मंत्री
  • (ग) प्रधानमंत्री
  • (घ) कैबिनेट सचिव
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ग) प्रधानमंत्री. NDMA के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। राज्य प्राधिकरण (SDMA) के अध्यक्ष मुख्यमंत्री और ज़िला प्राधिकरण (DDMA) के अध्यक्ष ज़िलाधिकारी होते हैं।

प्रश्न 15. कथन I: जल में BOD जितना अधिक होता है, जल उतना अधिक प्रदूषित माना जाता है। कथन II: जल में घुलित ऑक्सीजन (DO) जितनी अधिक होती है, जल उतना अधिक प्रदूषित माना जाता है।

  • (क) कथन I और II दोनों सही हैं
  • (ख) कथन I सही, कथन II गलत है
  • (ग) कथन I गलत, कथन II सही है
  • (घ) कथन I और II दोनों गलत हैं
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) कथन I सही, कथन II गलत है. कथन I सही है: अधिक BOD का अर्थ है कि जल में जैविक पदार्थ अधिक है। कथन II गलत है: DO जितनी अधिक, जल उतना स्वच्छ।

प्रश्न 16. ऊर्जा और संसाधनों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) भाभा के त्रि-चरणीय परमाणु कार्यक्रम का तीसरा चरण थोरियम-आधारित है।

(B) अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय गुरुग्राम में है।

(C) राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023) में 2030 तक 5 MMT प्रतिवर्ष उत्पादन का लक्ष्य है।

(D) कुडनकुलम परमाणु संयंत्र गुजरात में स्थित है।

  • (क) केवल (A) और (B)
  • (ख) केवल (A), (B) और (C)
  • (ग) केवल (B), (C) और (D)
  • (घ) (A), (B), (C) और (D) सभी
👉 उत्तर देखें

✅ उत्तर: (ख) केवल (A), (B) और (C). (A), (B) और (C) सही हैं। (D) गलत है: कुडनकुलम तमिलनाडु में है; गुजरात में काकरापार परमाणु संयंत्र है।

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पर्यावरण की तैयारी कैसे करें? (6 दिन की योजना)

दिन क्या पढ़ें
दिन 1 विकास की अवधारणा, MDGs और SDGs, पर्यावरण-आंदोलन
दिन 2 पारिस्थितिकी, जैव-भू-रासायनिक चक्र, जैव-विविधता और संरक्षण
दिन 3 वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रदूषण; AQI और मानक
दिन 4 अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और भारत की नीति
दिन 5 ऊर्जा-संसाधन, आपदाएँ, कानून और समझौतों की कालक्रम-तालिका
दिन 6 16 MCQ दोबारा हल करें, गलत हुए प्रश्नों का रिवीज़न, नवीनतम आँकड़े (MoEFCC, MNRE) जाँचें

UGC NET Paper 1 Notes in Hindi: पूरी ई-बुक

पर्यावरण के विस्तृत नोट्स, पूरी तालिकाएँ, माइंड मैप और अभ्यास प्रश्न सभी 10 इकाइयों की ई-बुक (247 पन्ने, Hindi Medium) में हैं।

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पर्यावरण से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

❓ UGC NET Paper 1 में पर्यावरण (People, Development and Environment) क्या है?

यह Paper 1 की इकाई 9 है। इसमें सहस्राब्दी और सतत विकास लक्ष्य, मानव–पर्यावरण अंतःक्रिया, प्रदूषण और अपशिष्ट, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषकों का स्वास्थ्य पर प्रभाव, प्राकृतिक और ऊर्जा संसाधन, प्राकृतिक आपदाएँ, पर्यावरण के कानून और अंतर्राष्ट्रीय समझौते पढ़े जाते हैं।

❓ UGC NET में पर्यावरण से कितने प्रश्न आते हैं?

Paper 1 की 10 इकाइयों से कुल 50 प्रश्न आते हैं, इसलिए पर्यावरण से सामान्यतः लगभग 5 प्रश्न (10 अंक) आते हैं।

❓ SDG में कितने लक्ष्य और लक्ष्य-बिंदु हैं?

सतत विकास लक्ष्य (2016–2030) में 17 लक्ष्य और 169 लक्ष्य-बिंदु हैं। इन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 25 सितंबर 2015 को अपनाया। इनसे पहले MDGs (2000–2015) में 8 लक्ष्य थे।

❓ सतत विकास की परिभाषा किस रिपोर्ट में दी गई है?

ब्रंटलैंड आयोग की रिपोर्ट ‘हमारा साझा भविष्य’ (Our Common Future, 1987) में: ऐसा विकास जो भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता किए बिना वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति करे।

❓ PM₂.₅ और PM₁₀ में क्या अंतर है?

PM₂.₅ ऐसे कण हैं जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है, और ये फेफड़ों के भीतर तक पहुँचकर रक्त में प्रवेश कर सकते हैं। PM₁₀ का व्यास 10 माइक्रोमीटर तक होता है और ये मुख्यतः श्वसन-तंत्र में जलन करते हैं।

❓ BOD और DO का क्या अर्थ है?

BOD (जैव-रासायनिक ऑक्सीजन माँग) जल में जैविक पदार्थ के अपघटन में लगी ऑक्सीजन है; BOD जितना अधिक, जल उतना अधिक प्रदूषित। DO (घुलित ऑक्सीजन) जितनी अधिक, जल उतना स्वच्छ।

❓ पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 क्यों बना?

भोपाल गैस त्रासदी (2–3 दिसंबर 1984) के बाद। इसे ‘छत्र कानून’ कहा जाता है और यह संविधान के अनुच्छेद 253 पर आधारित है। यह 19 नवंबर 1986 से पूरे भारत में लागू हुआ।

❓ क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते में क्या अंतर है?

क्योटो प्रोटोकॉल (1997, प्रभावी 2005) में केवल विकसित (अनुलग्नक-I) देशों के लिए बाध्यकारी उत्सर्जन-कटौती थी। पेरिस समझौते (2015) में सभी देश अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) देते हैं, और लक्ष्य तापमान वृद्धि को 2 °C से काफ़ी नीचे और 1.5 °C तक सीमित रखने का प्रयास है।

❓ भारत का नेट-ज़ीरो लक्ष्य क्या है?

भारत ने COP26 (ग्लासगो, 2021) में 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया, साथ में पंचामृत के अंतर्गत 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता जैसे लक्ष्य रखे।

❓ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में NDMA का अध्यक्ष कौन होता है?

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। राज्य प्राधिकरण (SDMA) के अध्यक्ष मुख्यमंत्री और ज़िला प्राधिकरण (DDMA) के अध्यक्ष ज़िलाधिकारी होते हैं।

❓ पर्यावरण से जुड़े आँकड़े कब बदल जाते हैं और क्या करें?

बाघ-संख्या, रामसर स्थल, स्थापित ऊर्जा-क्षमता, NDC और COP के निर्णय जैसे आँकड़े समय-समय पर बदलते हैं। परीक्षा से पहले MoEFCC, MNRE और UNFCCC की साइट से नवीनतम स्थिति देख लें, और संख्या के साथ वर्ष भी याद रखें।

❓ Environment Notes PDF in Hindi कहाँ मिलेंगे?

सभी 10 इकाइयों के हिंदी नोट्स हिंदी साहित्य चैनल की ई-बुक में हैं, जो store.hindisahity.com पर उपलब्ध है। नमूना देखने के लिए इकाई 1 की PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं।

निष्कर्ष

इस इकाई में अंक नाम, वर्ष और संख्या याद रखने से मिलते हैं: SDG और MDG, प्रदूषण के मानक, अधिनियम और उनके वर्ष, और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों का क्रम। इन्हें कालक्रम-तालिका से दोहराएँ, हाल के निर्णय आधिकारिक स्रोत से जाँचें, और बहु-कथन तथा सुमेलित प्रश्नों का अभ्यास करें।

केवल कृष्ण घोड़ेला: हिंदी साहित्य चैनल

✍️ लेखक परिचय

केवल कृष्ण घोड़ेला

एम.ए., बी.एड. (नेट हिंदी), कॉलेज व्याख्याता, श्रीगंगानगर (राजस्थान)

हिंदी साहित्य चैनल के संचालक। UGC NET, RPSC और हिंदी साहित्य की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का लंबे समय से मार्गदर्शन कर रहे हैं। इस लेख की जानकारी NTA के पाठ्यक्रम, सरकारी स्रोतों और मानक पुस्तकों के आधार पर तैयार की गई है।

स्रोत: NTA UGC NET, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), UNFCCC, संयुक्त राष्ट्र SDG और मानक पुस्तकें। आँकड़े, नियम और अंतर्राष्ट्रीय निर्णय बदलते रहते हैं, अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

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